भारत सफलता की नई ऊंचाइयां छू रहा है और मेघालय इसमें एक मजबूत योगदान दे रहा है: शिलांग में पीएम मोदी
शिलांग में पीएम मोदी ने कहा- मेघालय के लोगों के प्यार और आशीर्वाद का बदला मेघालय का विकास कर किया जाएगा।
लोग केवल जापानी चेरी ब्लॉसम के बारे में जानते थे लेकिन जब मैंने मेघालय के चेरी ब्लॉसम की चर्चा की तो लोग मेघालय की क्षमता को समझ गए:तुरा में पीएम मोदी
कांग्रेस सरकारों ने हमेशा इन क्षेत्रों की उपेक्षा की है, लेकिन भाजपा पूर्वोत्तर को देश का विकास इंजन मानती है: तुरा में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को मेघालय में दो-दो जनसभाओं को संबोधित किया। पहली जनसभा जहां मेघालय के शिलॉंग में थी वहीं उनकी दूसरी जनसभा तुरा में हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने शिलांग में अपने संबोधन की शुरुआत अंग्रेजी में की। शिलांग के साथ पूरे मेघालयवासियों को नमस्कार करते हुए उन्होंने कहा कि यहां आना उन्हें सुखद लगता है क्योंकि यह जगह उनके लिए बहुत ही खास है। उन्होंने कहा, “वह जब कभी मेघालय के बारे में सोचते हैं तो यहां के प्रतिभाशाली लोगों, यहां की जीवंत परंपराएं और यहां की अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता के बारे में ही सोचते हैं।” उन्होंने कहा कि वे आज मेघालय में आशा और विकास का संदेश लेकर आए हैं। भारत आज सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसमें मेघालय का बहुत ही अहम योगदान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलांग के लोगों के शानदार और जानदार रोड शो की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे तो तुरा जा रहे थे लेकिन उनके उत्साह ने उन्हें शिलांग में रोक लिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिलांग में अपने संबोधन के दौरान कहा, “जिनको देश ने नकार दिया है, जिन्हें देश अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है, जो निराशा की गर्त में डूब चुके हैं वो आज-कल माला जपते हुए कहते है मोदी तेरी कब्र खुदेगी। जबकि देश कह रहा है, हिंदुस्तान का हर कोना कह रहा है- मोदी तेरा कमल खिलेगा। देश की जनता इस प्रकार के विकृत सोच वाले, विकृत भाषा बोलने वाले लोगों को करारा जवाब देग।”

वहीं मेघालय के तुरा में अपनी दूसरी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भाजपा के लिए आपका ये प्यार, कुछ लोगों को न तो पसंद आ रहा है और न ही हजम हो पा रहा है। इसलिए उन्होंने तो कोशिश तो बहुत कि ताकि यह रैली हो ही न पाए। लेकिन मेघालय की जनता से जुड़ने के लिए, तुरा की जनता से जुड़ने के लिए, उन्हें किसी मैदान की जरूरत नहीं है। वे तो मेघालयवासियों के दिल में अपने लिए जगह बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज का ये नजारा यही कह रहा है कि मेघालय के लोगों की एक ही पुकार मेघालय मांगे बीजेपी सरकार। प्रधानमंत्री ने इस जनसभा में उपस्थित लोगों को बताया कि आखिर मेघालय में बीजेपी सरकार होने का मतलब क्या है। उन्होंने कहा कि मेघालय में बीजेपी सरकार यानि मेघालय का तेज विकास, बिना भेदभाव मेघालय के हर क्षेत्र का विकास। मेघालय में बीजेपी सरकार का मतलब बम-ब्लॉकेड और हिंसा से मुक्ति, घोटालों और करप्शन से मुक्ति। मेघालय में बीजेपी सरकार का मतलब हर रीजन और हर रिलिजन को सपोर्ट करने वाली सरकार, गरीबों को घर, बिजली और पानी की सुविधाएं पहुंचाने वाली सरकार, महिलाओं-बहनों-बेटियों की दिक्कतें कम करने वाली सरकार और हर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने वाली सरकार।

शिलांग में उमड़ी भीड़ से गदगद प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने जनता को भरोसा दिलाया कि वे उनके इस प्यार और आशीर्वाद का कर्ज मेघालय का विकास करके चुकाएंगे। उन्होंने कहा कि आज शिलांग में इस रोड शो की गूंज देश के कोने-कोने में यह संदेश पहुंचा दिया है कि राज्य में चारों तरफ बीजेपी ही बीजेपी है। हिल्स हो या प्लेन, गांव हो या शहर कमल खिलता हुआ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि युवा हों या बुज़ुर्ग, महिलाएं हों या फिर पुरुष, व्यापारी हों या फिर सरकारी कर्मचारी, किसान हों या मजदूर, सभी एक सुर में कह रहे हैं- मेघालय मांगे- बीजेपी सरकार। भाजपा के समर्थन में ये जो Sentiment पूरे मेघालय में दिख रहा है उसके अनेक कारण हैं। लंबे समय तक मेघालय सहित इस पूरे रीजन को कुछ लोगों ने अपने परिवार और स्वार्थ की पॉलिटिक्स के लिए प्रयोग किया। इन लोगों ने नॉर्थ ईस्ट के हर स्टेट को, मेघालय को ATM बना दिया है। यहां के लोगों को छोटे-छोटे मुद्दों पर बांटा गया। मेघालय के हितों को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने इस राज्य का बहुत नुकसान किया है, यहां के युवाओं का नुकसान किया है। लेकिन मुझे खुशी है कि इस प्रदेश के साथ ही पूरे नॉर्थ ईस्ट की जनता अब भाजपा के साथ है। कमल के साथ है। मेघालय एक मजबूत पार्टी के नेतृत्व में स्थिर और मजबूत सरकार चाहता है। मेघालय आज फैमिली फर्स्ट के बजाय... पीपल फर्स्ट वाली सरकार चाहता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि पहले की सरकारों ने अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी, राज्य के हितों को नजरअंदाज किया है। अच्छी सड़कों का अभाव, रेल कनेक्टिविटी का अभाव, अच्छे एयरपोर्ट्स का अभाव। ऐसे में नॉर्थ ईस्ट का विकास कैसे होता? बीते 9 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने नई परिस्थितियां बनाई हैं। अब मेघालय का, नॉर्थ ईस्ट का भाग्य बदल रहा है। हम इस बदलाव के लिए आपके पास आए हैं। हमने मेघालय की, नॉर्थ ईस्ट के लोगों की बेसिक चुनौतियों को कम करने पर जोर दिया है। नॉर्थ ईस्ट आज भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मजबूत पिलर बनता जा रहा है। ये ट्रेड और टूरिज्म का बहुत बड़ा सेंटर बनता जा रहा है। इसलिए यहां के लोग कह रहे हैं- मेघालय मांगे-बीजेपी सरकार।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.