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इन चुनावों में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी को अपनी हार का डर सता रहा है, इसलिए वे भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले कर रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
वामदल और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जिन्होंने राज्य को बर्बाद कर दिया है: त्रिपुरा में पीएम मोदी
25 सालों से त्रिपुरा की जनता कम्युनिस्ट पार्टी के कुशासन का सामना कर रही है: प्रधानमंत्री
क्या कारण है कि त्रिपुरा की कम्युनिस्ट सरकार राज्य में न तो न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करती है और ना ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं करती है: प्रधानमंत्री मोदी
कम्युनिस्ट पार्टी 'गणतंत्र' में नहीं, 'गनतंत्र' में विश्वास करती है: पीएम मोदी
वामपंथी सरकार का अहंकार त्रिपुरा में लोगों के विकास और कल्याण के लिए बाधा बन गया है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार का मंत्र है ‘सबका साथ, सबका विकास’: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को त्रिपुरा में अगरतला के शांतिर बाजार और अस्थबल मैदान में दो विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 'त्रिपुरा समेत समूचे पूर्वोत्तर के विकास के लिए केंद्र सरकार विशेष ध्यान दे रही है।' उन्होंने कहा कि 'केंद्र सरकार विकास के लिए समर्पित है और सबका साथ सबका विकास मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।'

प्रधानमंत्री के अनुसार 'केंद्र सरकार त्रिपुरा में रेल नेटवर्क, रोड नेटवर्क, एयर नेटवर्क और डिजिटल नेटवर्क बढ़ाना चाहती है। केंद्र सरकार आधुनिक त्रिपुरा बनाना चाहती है। उसके लिए जहां एक तरफ न्यू इंडिया का सपना है, तो दूसरी तरफ न्यू त्रिपुरा का सपना है।'

 

प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा के मजदूरों के न्यूनतम मजदूरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 'भारतीय जनता पार्टी ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में वादा किया है कि बीजेपी की सरकार आने पर यहां के मजदूरों को पूरे देश के बराबर मजदूरी दी जाएगी और गरीबों को उनका हक दिलाया जाएगा।' श्री मोदी ने ये भी बताया कि 'राज्य में बीजेपी की सरकार आने पर सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा और पिछले वर्षों का बकाया भी भुगतान किया जाएगा।'

श्री नरेन्द्र मोदी ने नौजवानों से कहा है, कि वो उनकी आशा और अरमानों को पूरा करना चाहते हैं। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 'केंद्र में उनकी सरकार  आने के बाद मुद्रा योजना के तहत बैंक से पैसा मिलता है। त्रिपुरा में मुद्रा योजना के तहत 6 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला है और उसमें भी आधे से अधिक महिलाओं ने बैंकों से पैसा लेकर अपने पैरों पर खड़े होने का काम किया है।'

प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट के लोगों के जीविकोपार्जन के मुख्य साधन बांस के पुराने कानून का जिक्र करते हुए कहा कि 'पहले की सरकारों ने बांस को पेड़ की श्रेणी में डाला हुआ था, जिसे उनकी सरकार ने घास की श्रेणी में डाला और अब कोई भी बांस काट सकता है, बेच सकता है, कमाई कर सकता है, इस फैसले से त्रिपुरा के लोगों के जीवन में बदलाव आएगा।'

श्री मोदी के अनुसार 'आज दिल्ली में ऐसा प्रधानमंत्री बैठा है, जो शांतिर बाजार के लोगों की एक आवाज पर दिल्ली से दौड़ कर चला आता है। वह यहां इसलिए आए हैं, क्योंकि आपने बुलाया है। देश का प्रधानमंत्री आपकी इच्छा के लिए काम करता है।'

भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 'देश में बड़ी संख्या में महिलाएं चूल्हा जलाने पर मजबूर हैं, केंद्र सरकार ने उन्हें मुफ्त में रसोई गैस देने का बीड़ा उठाया है, त्रिपुरा में भी लाखों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है।' उनके अनुसार, 'त्रिपुरा के 26 गांव में बिजली का खंभा भी नहीं था। केंद्र सरकार ने एक-एक गांव में बिजली पहुंचाने का बीड़ा उठाया और आज त्रिपुरा के उन 26 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। सौभाग्य योजना के तहत 4 करोड़ घरों में मुफ्त में बिजली कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है। जल्द ही त्रिपुरा में भी हर घर में बिजली होगी।' 

केंद्र सरकार की आवास योजना के बारे में बताते हुए कहा कि 'सरकार ने 2022 तक देश के गरीब से गरीब नागरिक के पास अपना घर होने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए काम किया जा रहा है।' श्री मोदी ने बजट में घोषित की गई आयुष्मान भारत योजना के बारे में भी बताया और कहा कि 'इस योजना के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये सालाना तक चिकित्सा का खर्च केंद्र सरकार की तरफ से दिया जाएगा।'

 

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प्रधानमंत्री ने चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
December 02, 2021
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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
सभी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करें और व्यवधान की स्थिति में उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करें: प्रधानमंत्री
सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव से समुचित रूप से निपटने के लिए ​​तालमेल के साथ काम कर रहे हैं
एनडीआरएफ ने नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, 33 टीमों को तैयार रहने (स्टैंडबाय) का निर्देश दिया गया
भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज तथा बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है
वायु सेना और इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं
आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट के आसपास स्टैंडबाय पर हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चक्रवात जवाद की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया कि लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला जाए और सभी आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल आदि का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आवाजाही की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे चालू रखने के भी निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के रूप में जोर पकड़ने की उम्मीद है और शनिवार, 4 दिसंबर, 2021 की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी/घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश - ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी करता है।

कैबिनेट सचिव ने सभी तटीय राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मुख्य सचिवों तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की है।

गृह मंत्रालय चौबीसों घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गयाहै।

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं। निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर तट पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट से लगे स्थानों में स्टैंडबाय पर हैं।

विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रत्युत्तर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बिजली की तत्काल बहाली के लिए ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट तथा उपकरण आदि तैयार रखे हैं। संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।

पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है।

एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और आईएमडी के महानिदेशक ने बैठक में भाग लिया।