जम्मू कश्मीर में भारत के संविधान को समग्रता से लागू करना सिर्फ एक सरकार का फैसला नहीं है, ये 130 करोड़ भारतीयों की इच्छा का भावना का प्रकटीकरण है: प्रधानमंत्री मोदी
बीते 5 वर्ष में भाजपा की सरकारों ने महाराष्ट्र को विकास का डबल इंजन दिया है: पीएम मोदी
केंद्र में नई सरकार के पहले 100 दिन में Promise है, Performance है और Delivery है: प्रधानमंत्री

‘’बीते पांच साल में महाराष्ट्र को स्थिरता मिली, विकास मिला और कानून-व्यवस्था का विश्वास मिला। इतना ही नहीं पिछले पांच सालों में सामाजिक सद्भाव मिला, सहकार मिला और सरोकार का भाव भी मिला। बीते पांच साल में महाराष्ट्र को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल मिला, वहीं यहां की सांस्कृतिक भव्यता को मान और सम्मान भी मिला। इन पांच सालों में महाराष्ट्र में निवेश का बेहतरीन माहौल मिला, वहीं किसान को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिला। यहां की बहनों को मुद्रा ऋण स्वसहायता समूहों से स्वरोजगार के नए अवसर मिले। ये सिर्फ फडणवीस सरकार का रिपोर्ट कार्ड नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के उत्थान की कहानी है। ‘’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें गुरुवार को नासिक के तपोवन में हुई अपनी जनसभा में कहीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पिछले पांच सालों में महाराष्ट्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बीते 5 वर्ष में भाजपा की सरकारों ने महाराष्ट्र को विकास का डबल इंजन दिया है। इस डबल इंजन के कारण गरीब से गरीब का फायदा हुआ है। इससे आने वाले समय में राज्य में और भव्यता का संकेत समाया हुआ है।

मुख्यमंत्री फडणवीस की चार हजार किलोमीटर की महाजनादेश यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित इस रैली में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ आया। श्री मोदी ने कहा, ‘’यह लोकतंत्र के कुंभ का परिचय दे रहा है। महाराष्ट्र की जनता ने यह ठान लिया है कि आशीर्वाद उसी को मिलेंगे जो आशा के अनुरूप काम करेगा।‘’ पीएम मोदी ने कहा कि पूर्ण बहुमत नहीं होने के बावजूद देवेंद्र जी ने स्थिर, प्रगतिशील, विकासोन्मुख और महाराष्ट्र को समर्पित सरकार चलाकर राज्य को एक नई दिशा दी है। और अब बारी महाराष्ट्र की है कि उसे देवेंद्र जी के नेतृत्व में स्थिर राजनीति का फायदा उठाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा उनकी सरकार ने जिस पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लागू करने का वादा किया था उसे पूरा कर दिया गया है। इसके तहत अभी तक देशभर में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम देश के किसानों के खाते तक पहुंच गई है। 15 सौ करोड़ से अधिक की रकम सिर्फ महाराष्ट्र के किसानों के खाते में पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महाराष्ट्र सहित पूरे देश में सवा दो करोड़ घर बन चुके हैं। इतना ही नहीं उज्ज्वला योजना के तहत अभी तक देश में आठ करोड़ गरीबों को मुफ्त रसोई गैस मिल चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि जैसे शौचालय का काम चलाया, बिजली का चलाया उसी प्रकार ठान लिया है कि अब घर-घर पानी पहुंचाएंगे। पशुधन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश के 50 करोड़ पशुधन के लिए टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार 462 एकलव्य स्कूल बनाकर देशभर में इसका जाल बिछाने का वादा पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ चुकी है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार के सौ दिन पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि इस सरकार का पहला शतक देश के सामने है। उन्होंने कहा कि इस पहले शतक में धार भी है और रफ्तार भी है। इतना ही नहीं आने वाले पांच वर्षों की साफ तस्वीर भी है। उन्होंने कहा, ‘’केंद्र सरकार के पहले शतक में देश, समाज और दुनिया में नए भारत के नए दृष्टिकोण की झलक है। कठिन चुनौतियों से टक्कर लेने की ललक भी है। पहले ही शतक में विकास का जोश भी है और भारत की वैश्विक ताकत का संदेश भी है। इस पहले शतक में प्रॉमिस भी है और परफॉर्मेंस भी है, इसके साथ ही डिलिवरी भी है।‘’

मौजूदा सरकार में रक्षा क्षेत्र में उठाए गए बड़े कदमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अपनी सेना के सशक्तिकरण के लिए हाल ही में दो महाशक्तिशाली हेलीकॉप्टर हमारी सैन्य शक्ति के हिस्सा बन चुके हैं। शीघ्र ही राफेल फाइटर जेट भी हमारी वायु सेना को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा, ‘’देश की रक्षा को लेकर पहले की सरकार का टालू रवैया रहा है। सेना ने साल 2009 में एक लाख 86 हजार बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग की थी। लेकिन 2014 तक सेना की इस जरूरत पर ध्यान नहीं दिया गया। वहीं जब भाजपा-एनडीए की सरकार आई तो न केवल सेना की जरूरत पूरी की गई, बल्कि अब भारत उन चंद देशों में शामिल हो गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाता है। इतना ही नहीं दुनिया के सौ देशों में भारत में बनी जैकेट निर्यात हो रही है।‘’ 

पीएम मोदी ने कहा कि देश की उम्मीद ही हमारे लिए आदेश होता है, हम जो वादा करते हैं उसे पूरा कर के दिखाते हैं। उन्होंने कहा, ‘’हमने वादा किया था जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के समाधान के लिए नई कोशिश करेंगे। आज संतोष के साथ कह सकता हूं कि देश के उन सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ चुका हूं। जम्मू-कश्मीर में देश के संविधान को समग्रता से लागू करना संपूर्ण देश का फैसला है। यह हमारी प्रतिबद्धता तो थी ही, लेकिन यह फैसला जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। देश के इस फैसले के बाद अब हमें नारा लगाना है- हमें नया कश्मीर बनाना है, वहां फिर से स्वर्ग बनाना है, हर कश्मीरी को गले लगाना है।‘’ पीएम मोदी ने कहा कि इस राष्ट्रहित के फैसले में भी कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं को जैसा सहयोग करना चाहिए वैसा दिखता नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कन्फ्यूजन तो समझ में आता है, लेकिन शरद पवार को पड़ोसी देश अच्छा लगता है, यह समझ से परे है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के मामले में सुप्रीम कोर्ट सारा काम कर रहा है फिर भी कुछ बयानबहादुर अड़ंगा लगाने पर तुले हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर अनाप-शनाप बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि देश के हर नागरिक का सुप्रीम कोर्ट के प्रति आदर रखना उसका कर्तव्य होता है। 

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.