जम्मू कश्मीर में भारत के संविधान को समग्रता से लागू करना सिर्फ एक सरकार का फैसला नहीं है, ये 130 करोड़ भारतीयों की इच्छा का भावना का प्रकटीकरण है: प्रधानमंत्री मोदी
बीते 5 वर्ष में भाजपा की सरकारों ने महाराष्ट्र को विकास का डबल इंजन दिया है: पीएम मोदी
केंद्र में नई सरकार के पहले 100 दिन में Promise है, Performance है और Delivery है: प्रधानमंत्री

‘’बीते पांच साल में महाराष्ट्र को स्थिरता मिली, विकास मिला और कानून-व्यवस्था का विश्वास मिला। इतना ही नहीं पिछले पांच सालों में सामाजिक सद्भाव मिला, सहकार मिला और सरोकार का भाव भी मिला। बीते पांच साल में महाराष्ट्र को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल मिला, वहीं यहां की सांस्कृतिक भव्यता को मान और सम्मान भी मिला। इन पांच सालों में महाराष्ट्र में निवेश का बेहतरीन माहौल मिला, वहीं किसान को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिला। यहां की बहनों को मुद्रा ऋण स्वसहायता समूहों से स्वरोजगार के नए अवसर मिले। ये सिर्फ फडणवीस सरकार का रिपोर्ट कार्ड नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के उत्थान की कहानी है। ‘’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें गुरुवार को नासिक के तपोवन में हुई अपनी जनसभा में कहीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पिछले पांच सालों में महाराष्ट्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बीते 5 वर्ष में भाजपा की सरकारों ने महाराष्ट्र को विकास का डबल इंजन दिया है। इस डबल इंजन के कारण गरीब से गरीब का फायदा हुआ है। इससे आने वाले समय में राज्य में और भव्यता का संकेत समाया हुआ है।

मुख्यमंत्री फडणवीस की चार हजार किलोमीटर की महाजनादेश यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित इस रैली में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ आया। श्री मोदी ने कहा, ‘’यह लोकतंत्र के कुंभ का परिचय दे रहा है। महाराष्ट्र की जनता ने यह ठान लिया है कि आशीर्वाद उसी को मिलेंगे जो आशा के अनुरूप काम करेगा।‘’ पीएम मोदी ने कहा कि पूर्ण बहुमत नहीं होने के बावजूद देवेंद्र जी ने स्थिर, प्रगतिशील, विकासोन्मुख और महाराष्ट्र को समर्पित सरकार चलाकर राज्य को एक नई दिशा दी है। और अब बारी महाराष्ट्र की है कि उसे देवेंद्र जी के नेतृत्व में स्थिर राजनीति का फायदा उठाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा उनकी सरकार ने जिस पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लागू करने का वादा किया था उसे पूरा कर दिया गया है। इसके तहत अभी तक देशभर में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम देश के किसानों के खाते तक पहुंच गई है। 15 सौ करोड़ से अधिक की रकम सिर्फ महाराष्ट्र के किसानों के खाते में पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महाराष्ट्र सहित पूरे देश में सवा दो करोड़ घर बन चुके हैं। इतना ही नहीं उज्ज्वला योजना के तहत अभी तक देश में आठ करोड़ गरीबों को मुफ्त रसोई गैस मिल चुकी है। श्री मोदी ने कहा कि जैसे शौचालय का काम चलाया, बिजली का चलाया उसी प्रकार ठान लिया है कि अब घर-घर पानी पहुंचाएंगे। पशुधन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश के 50 करोड़ पशुधन के लिए टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार 462 एकलव्य स्कूल बनाकर देशभर में इसका जाल बिछाने का वादा पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ चुकी है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार के सौ दिन पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि इस सरकार का पहला शतक देश के सामने है। उन्होंने कहा कि इस पहले शतक में धार भी है और रफ्तार भी है। इतना ही नहीं आने वाले पांच वर्षों की साफ तस्वीर भी है। उन्होंने कहा, ‘’केंद्र सरकार के पहले शतक में देश, समाज और दुनिया में नए भारत के नए दृष्टिकोण की झलक है। कठिन चुनौतियों से टक्कर लेने की ललक भी है। पहले ही शतक में विकास का जोश भी है और भारत की वैश्विक ताकत का संदेश भी है। इस पहले शतक में प्रॉमिस भी है और परफॉर्मेंस भी है, इसके साथ ही डिलिवरी भी है।‘’

मौजूदा सरकार में रक्षा क्षेत्र में उठाए गए बड़े कदमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अपनी सेना के सशक्तिकरण के लिए हाल ही में दो महाशक्तिशाली हेलीकॉप्टर हमारी सैन्य शक्ति के हिस्सा बन चुके हैं। शीघ्र ही राफेल फाइटर जेट भी हमारी वायु सेना को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा, ‘’देश की रक्षा को लेकर पहले की सरकार का टालू रवैया रहा है। सेना ने साल 2009 में एक लाख 86 हजार बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग की थी। लेकिन 2014 तक सेना की इस जरूरत पर ध्यान नहीं दिया गया। वहीं जब भाजपा-एनडीए की सरकार आई तो न केवल सेना की जरूरत पूरी की गई, बल्कि अब भारत उन चंद देशों में शामिल हो गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाता है। इतना ही नहीं दुनिया के सौ देशों में भारत में बनी जैकेट निर्यात हो रही है।‘’ 

पीएम मोदी ने कहा कि देश की उम्मीद ही हमारे लिए आदेश होता है, हम जो वादा करते हैं उसे पूरा कर के दिखाते हैं। उन्होंने कहा, ‘’हमने वादा किया था जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के समाधान के लिए नई कोशिश करेंगे। आज संतोष के साथ कह सकता हूं कि देश के उन सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ चुका हूं। जम्मू-कश्मीर में देश के संविधान को समग्रता से लागू करना संपूर्ण देश का फैसला है। यह हमारी प्रतिबद्धता तो थी ही, लेकिन यह फैसला जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। देश के इस फैसले के बाद अब हमें नारा लगाना है- हमें नया कश्मीर बनाना है, वहां फिर से स्वर्ग बनाना है, हर कश्मीरी को गले लगाना है।‘’ पीएम मोदी ने कहा कि इस राष्ट्रहित के फैसले में भी कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं को जैसा सहयोग करना चाहिए वैसा दिखता नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कन्फ्यूजन तो समझ में आता है, लेकिन शरद पवार को पड़ोसी देश अच्छा लगता है, यह समझ से परे है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के मामले में सुप्रीम कोर्ट सारा काम कर रहा है फिर भी कुछ बयानबहादुर अड़ंगा लगाने पर तुले हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर अनाप-शनाप बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि देश के हर नागरिक का सुप्रीम कोर्ट के प्रति आदर रखना उसका कर्तव्य होता है। 

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सरकार कृषि में 'टेक्नोलॉजी कल्चर' लाने पर विशेष जोर दे रही है: पीएम मोदी
March 06, 2026
इस वर्ष के केंद्रीय बजट ने कृषि और ग्रामीण परिवर्तन को नई दिशा प्रदान की है: प्रधानमंत्री
सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है, प्रमुख प्रयासों से किसानों के जोखिम कम हुए हैं और उन्हें बुनियादी आर्थिक सुरक्षा मिली है: प्रधानमंत्री
यदि हम उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ावा दें, तो यह कृषि को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में बदल देगा: प्रधानमंत्री
निर्यात-उन्मुख उत्पादन बढ़ने से प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित होगा: प्रधानमंत्री
मत्स्य पालन ग्रामीण समृद्धि के लिए एक उच्च मूल्य और उच्च प्रभाव वाला क्षेत्र और निर्यात वृद्धि का एक प्रमुख आधार बन सकता है: प्रधानमंत्री
सरकार एग्रीस्टैक के माध्यम से कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित कर रही है: प्रधानमंत्री
प्रौद्योगिकी तभी परिणाम देती है जब सिस्टम इसे अपनाएं हैं, संस्थान इसे एकीकृत करें हैं और उद्यमी इस पर नवाचार करें: प्रधानमंत्री

नमस्कार !

बजट वेबिनार सीरीज के तीसरे वेबिनार में, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इससे पहले, टेक्नोलॉजी, रिफॉर्म्स और इकोनॉमिक ग्रोथ जैसे अहम विषयों पर दो वेबिनार हो चुके हैं। आज, Rural Economy और Agriculture जैसे अहम सेक्टर पर चर्चा हो रही है। आप सभी ने बजट निर्माण में अपने मूल्यवान सुझावों से बहुत सहयोग दिया, और आपने देखा होगा बजट में आप सबके सुझाव रिफ्लेक्ट हो रहे हैं, बहुत काम आए हैं। लेकिन अब बजट आ चुका है, अब बजट के बाद उसके full potential का लाभ देश को मिले, इस दिशा में भी आपका अनुभव, आपके सुझाव और सरल तरीके से बजट का सर्वाधिक लोगों को लाभ हो। बजट का पाई-पाई पैसा जिस हेतु से दिया गया है, उसको परिपूर्ण कैसे करें? जल्द से जल्द कैसे करें? आपके सुझाव ये वेबिनार के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं, कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा, ये सब हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। एग्रीकल्चर, भारत की लॉन्ग टर्म डेवलपमेंट जर्नी का Strategic Pillar भी है, और इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है। करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पीएम किसान सम्मान निधि मिली है। MSP में हुए Reforms से अब किसानों को डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। इंस्टिट्यूशनल क्रेडिट कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के क्लेम सेटल किए गए हैं। ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का रिस्क बहुत कम हुआ है, और उन्हें एक बेसिक इकोनॉमिक सिक्योरिटी मिली है। इससे कृषि क्षेत्र का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज खाद्यान्न और दालों से लेकर तिलहन तक देश रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है। लेकिन अब, जब 21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर शुरू हो चुका है, 25 साल बीत चुके हैं, तब कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना भी उतना ही आवश्यक है। इस साल के बजट में इस दिशा में नए प्रयास हुए हैं। मुझे विश्वास है, इस वेबिनार में आप सभी के बीच हुई चर्चा, इससे निकले सुझाव, बजट प्रावधानों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।

साथियों,

आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, ग्लोबल डिमांड बदल रही है। इस वेबिनार में अपनी खेती को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड बनाने पर भी ज्यादा से ज्यादा चर्चा आवश्य़क है। हमारे पास Diverse Climate है, हमें इसका पूरा फायदा उठाना है। एग्रो क्लाइमेटिक जोन, उस विषय में हम बहुत समृद्ध है। इस साल का बजट इन सब बातों के लिए अनगिनत नए अवसर देने वाला बजट है। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की दिशा तय करता है, और एक्सपोर्ट स्ट्रेंथ को बढ़ावा देता है। बजट में हमने high value agriculture पर फोकस किया है। नारियल, काजू, कोको, चंदन, ऐसे उत्पादों के regional-specific promotion की बात कही है, और आपको मालूम है, दक्षिण के हमारे जो राज्य हैं खासकर केरल है, तमिलनाडु है, नारियल की पैदावार बहुत करते हैं। लेकिन अब वो क्रॉप, वो सारे पेड़ इतने पुराने हो चुके हैं कि उसकी वो क्षमता नहीं रही है। केरल के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो, तमिलनाडु के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो। इसलिए इस बार कोकोनट पर एक विशेष बल दिया गया है, जिसका फायदा आने वाले दिनों में हमारे इन किसानों को मिलेगा।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट की तरफ देखें, अगरवुड बहुत कम लोगों को मालूम है, जो ये अगरबत्ती शब्द है ना, वो अगरवुड से आया हुआ है। अब हिमालयन राज्यों में टेम्परेट नट क्रॉप्स, और इन्हें बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है। जब एक्सपोर्ट ओरिएंटेड प्रोडक्शन बढ़ेगा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए रोजगार सृजन होगा। इस दिशा में एक coordinated action कैसे हो, आप सभी स्टेकहोल्डर्स मिलकर जरूर मंथन करें। अगर हम मिलकर High Value Agriculture को स्केल करते हैं, तो ये एग्रीकल्चर को ग्लोबली कंपेटिटिव सेक्टर में बदल सकता है। एग्री experts, इंडस्ट्री और किसान एक साथ कैसे आएं, किसानों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए किस तरह से गोल्स सेट किए जाएं, क्वालिटी, ब्रांडिंग और स्टैंडर्ड्स, ऐसे हर पहलू, इन सबको कैसे प्रमोट किया जाए, इन सारे विषयों पर चर्चा, इस वेबिनार को, इसके महत्व को बढ़ाएंगे। मैं एक और बात आपसे कहना चाहूंगा। आज दुनिया हेल्थ के संबंध में ज्यादा कॉनशियस है। होलिस्टिक हेल्थ केयर और उसमें ऑर्गेनिक डाइट, ऑर्गेनिक फूड, इस पर बहुत रुचि है। भारत में हमें केमिकल फ्री खेती पर बल देना ही होगा, हमें नेचुरल फार्मिंग पर बल देना होगा। नेचुरल फार्मिंग से, केमिकल फ्री प्रोडक्ट से दुनिया के बाजार तक पहुंचने में हमारे लिए एक राजमार्ग बन जाता है। उसके लिए सर्टिफिकेशन, लेबोरेटरी ये सारी व्यवस्थाएं सरकार सोच रही है। लेकिन आप लोग इसमें भी जरूर अपने विचार रखिए।

साथियों,

एक्सपोर्ट बढ़ाने में एक बहुत बड़ा फैक्टर फिशरीज सेक्टर का पोटेंशियल भी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी है। आज हमारे अलग-अलग तरह के जलाशय, तालाब, ये सब मिलाकर लगभग 4 लाख टन मछली उत्पादन होता है। जबकि इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना मौजूद है। अब विचार कीजिए आप, 4 लाख टन से हम अतिरिक्त 20 लाख टन जोड़ दें, तो हमारे गरीब मछुआरे भाई-बहन हैं, उनकी जिंदगी कैसी बदल जाएगी। हमारे पास Rural Income को डायवर्सिफाई करने का अवसर है। फिशरीज एक्सपोर्ट ग्रोथ का बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है, दुनिया में इसकी मांग है। इस वेबिनार से अगर बहुत ही प्रैक्टिकल सुझाव निकलते हैं, तो कैसे रिज़रवॉयर, उसकी पोटेंशियल की सटीक मैपिंग की जाए, कैसे क्लस्टर प्लानिंग की जाए, कैसे फिशरीज डिपार्टमेंट और लोकल कम्युनिटी के बीच मजबूत कोऑर्डिनेशन हो, तो बहुत ही उत्तम होगा। हैचरी, फीड, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, एक्सपोर्ट, उसके लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स, हर स्तर पर हमें नए बिजनेस मॉडल विकसित करने ही होंगे। ये Rural Prosperity, ग्रामीण समृद्धि के लिए, वहां की हाई वैल्यू, हाई इम्पैक्ट सेक्टर के रूप में परिवर्तित करने का एक अवसर है हमारे लिए, और इस दिशा में भी हम सबको मिलकर काम करना है, और आप आज जो मंथन करेंगे, उसके लिए, उस कार्य के लिए रास्ता बनेगा।

साथियों,

पशुपालन सेक्टर, ग्रामीण इकोनॉमी का हाई ग्रोथ पिलर है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है, Egg प्रोडक्शन में हम दूसरे स्थान पर है। हमें इसे और आगे ले जाने के लिए ब्रीडिंग क्वालिटी, डिजीज प्रिवेंशन और साइंटिफिक मैनेजमेंट पर फोकस करना होगा। एक और अहम विषय पशुधन के स्वास्थ्य का भी है। मैं जब One Earth One Health की बात करता हूं, तो उसमें पौधा हो या पशु, सबके स्वास्थ्य की बात शामिल है। भारत अब वैक्सीन उत्पादन में आत्मनिर्भर है। फुट एंड माउथ डिजीज, उससे पशुओं को बचाने के लिए सवा सौ करोड़ से अधिक डोज पशुओं को लगाई जा चुकी है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत टेक्नोलॉजी का विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार में अब पशुपालन क्षेत्र के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ मिल रहा है। निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एनिमल हसबेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की शुरुआत भी की गई है, और आपको ये पता है हम लोगों ने गोबरधन योजना लागू की है। गांव के पशुओं के निकलने वाला मलमूत्र है, गांव का जो वेस्ट है, कूड़ा-कचरा है। हम गोबरधन योजना में इसका उपयोग करके गांव भी स्वच्छ रख सकते हैं, दूध से आय होती है, तो गोबर से भी आय हो सकती है, और एनर्जी सिक्योरिटी की दिशा में गैस सप्लाई में भी ये गोबरधन बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। ये मल्टीपर्पज बेनिफिट वाला काम है, और गांव के लिए बहुत उपयोगी है। मैं चाहूंगा कि सभी राज्य सरकारें इसको प्राथमिकता दें, इसको आगे बढ़ाएं।

साथियों,

हमने पिछले अनुभवों से समझा है कि केवल एक ही फसल पर टिके रहना किसान के लिए जोखिम भरा है। इससे आय के विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। इसलिए, हम crop diversification पर फोकस कर रहे हैं। इसके अलावा, National Mission on Edible Oils And Pulses, National Mission on Natural Farming, ये सभी एग्रीकल्चर सेक्टर की ताकत बढ़ा रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं एग्रीकल्चर स्टेट सब्जेक्ट है, राज्यों का भी एक बड़ा एग्रीकल्चर बजट होता है, हमें राज्यों को भी निरंतर प्रेरित करना है कि वो अपना दायित्व निभाने में, हम उनको कैसे मदद दें, हमारे सुझाव उनको कैसे काम आएं। राज्य का भी एक-एक पैसा जो गांव के लिए, किसान के लिए तय हुआ है, वो सही उपयोग हो। हमें बजट प्रावधानों को जिला स्तर तक मजबूत करना होगा। तभी नई पॉलिसीज का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है।

साथियों,

ये टेक्नोलॉजी की सदी है और सरकार का बहुत जोर एग्रीकल्चर में टेक्नोलॉजी कल्चर लाने पर भी है। आज e-NAM के माध्यम से मार्केट एक्सेस का डेमोक्रेटाइजेशन हुआ है। सरकार एग्रीस्टैक के जरिए, एग्रीकल्चर के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इसके तहत डिजिटल पहचान, यानी किसान आईडी बनाई जा रही है। अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की किसान आईडी बन चुकी है, और लगभग 30 करोड़ भूमि पार्सलों का डिजिटल सर्वे किया गया है। भारत-विस्तार जैसे AI आधारित प्लेटफॉर्म, रिसर्च इंस्टीट्यूशंस और किसानों के बीच की दूरी कम कर रहे हैं।

लेकिन साथियों,

टेक्नोलॉजी तभी परिणाम देती है, जब सिस्टम उसे अपनाएं, संस्थाएं उसे इंटीग्रेट करें और एंटरप्रेन्योर्स उस पर इनोवेशन खड़ा करें। इस वेबिनार में आपको इससे जुड़े सुझावों को मजबूती से सामने लाना होगा। हम टेक्नोलॉजी को कैसे सही तरीके से इंटीग्रेट करें, इस दिशा में इस वेबिनार से निकले सुझावों की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

हमारी सरकार ग्रामीण समृद्धि के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद, इसने रूरल इकोनॉमी को निरंतर मजबूत किया है। लखपति दीदी अभियान की सफलता को भी हमें नई ऊंचाई देनी है। अभी तक गांव की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में हम सफल हो चुके हैं। अब 2029 तक, 2029 तक 3 करोड़ में और 3 करोड़ जोड़ना है, और 3 करोड़ और लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये लक्ष्य और तेजी से कैसे प्राप्त किया जाए, इसे लेकर भी आपके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।

साथियों,

देश में स्टोरेज का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। लाखों गोदाम बनाए जा रहे हैं। स्टोरेज के अलावा एग्री एंटरप्रेन्योर्स प्रोसेसिंग, सप्लाई चैन, एग्री-टेक, एग्री-फिनटेक, एक्सपोर्ट, इन सब में इनोवेशन और निवेश बढ़ाना आज समय की मांग है। मुझे विश्वास है आज जो आप मंथन करेंगे, उससे निकले अमृत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। आप सबको इस वेबिनार के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन से जुड़े हुए विचार, जड़ों से जुड़े हुए विचार, इस बजट को सफल बनाने के लिए, गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बहुत काम आएंगे। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।