मैसूर से उदयपुर को जोड़ने वाली 'पैलेस क्वीन हमसफर एक्सप्रेस' ट्रेन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा: मैसूर में प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने 6,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ बेंगलुरु-मैसूर राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार की घोषणा की
प्रधानमंत्री ने 800 करोड़ रुपये के बजट के साथ मैसूर के पास विश्वस्तरीय सैटलाइट रेलवे स्टेशन के निर्माण की घोषणा की
कर्नाटक को 'कमीशन' वाली सरकार की नहीं, 'मिशन' वाली भाजपा की सरकार की जरूरत है: प्रधानमंत्री मोदी
कर्नाटक में जो सरकार चल रही है,जितने दिन ज्यादा चलेगी, उतने दिन वो कर्नाटक की बर्बादी करती जाएगीे: मैसूर में पीएम मोदी
कांग्रेस ने राज्य को बर्बाद कर दिया है, राज्य की जनता आने वाले चुनाव में उन्हें सबक सिखाएगी: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के मैसूरु में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने मैसूरु के लिए विकास की दो बड़ी परियोजनाओं की भी घोषणा की। पहला प्रोजेक्ट बेंगलुरु-मैसूरु हाइवे को 6 लेन में बदलने का है। 117 किलोमीटर की इस परियोजना पर 6,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट के दो हिस्से होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से बेंगलुरु-मैसूरु के बीच गति लाने में लाभ मिलेगा। उन्होंने मैसूरु के नागनाहल्ली में एक नए सैटेलाइट रेलवे स्टेशन बनाने की भी घोषणा की। 8,00 करोड़ की लागत से बनने वाले इस नए स्टेशन से वर्तमान मैसूरु स्टेशन पर ट्रेनों का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। वहां अभी प्रतिदिन 76 ट्रेनें आती हैं और प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए जगह भी नहीं बची है। नया रेलवे स्टेशन वर्ल्ड क्लास, मॉडर्न और मल्टी स्टोरी होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने मैसूरु में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का लोकार्पण भी किया। इसमें मैसूरु और बेंगलुरु के बीच रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन और मैसूरु से उदयपुर के बीच पैलेस क्वीन 'हमसफर' एक्सप्रेस को विदा करना भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि नई ट्रेन चार राज्यों को जोड़ते हुए जाएगी। उनके अनुसार पश्चिमी भारत के चार आर्थिक रूप से गतिमान राज्यों के साथ उसका मेलजोल होना, आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के रूप में सामने आएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने रेल को आधुनिक बनाने, टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने और उसे नई गति देने की दिशा में अनेक कार्य हाथ में लिए हैं। इसमें रेल लाइन का दोहरीकरण भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि गरीब से गरीब व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, रेलवे नेटवर्क को और अधिक ताकतवर बनाने के लिए, केंद्र सरकार लगभग 4 साल से लगातार काम कर रही है।

मैसूरु को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कि यहां आने का भाव देश के सामान्य लोगों के अंदर रहा है। उनके अनुसार 'मैसूरु और उदयपुर को जोड़ने वाली ट्रेन मात्र ट्रेन नहीं है, ये टूरिज्म की जीती जागती बैकबोन है। मैसूरु-उदयपुर को जोड़ने का मतलब है, कर्नाटक और राजस्थान को सीधा टूरिज्म के लिए जोड़ने का एक बड़ा ऐतिहासिक काम। प्रधानमंत्री के अनुसार पहले उदयपुर वालों को मैसूरु आने के लिए 50 बार सोचना पड़ता होगा, अब वो आराम से आ-जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टूरिज्म एक ऐसा क्षेत्र है, जो सबसे अधिक रोजगार देता है। उनके अनुसार, "कम से कम पूंजी निवेश और ज्यादा से ज्यादा रोजगार ये टूरिज्म में है।" हर कोई कमाता है। ऑटो वाला,टैक्सी वाला, गेस्ट हाउस वाला, पूजा का समान बेचने वाला। हर व्यक्ति के लिए कमाई का बहुत बड़ा अवसर टूरिज्म से मिलता है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि अब कर्नाटक के विकास के लिए गति की जरूरत है। कर्नाटक को ऊंचाई पर ले जाने के लिए अब समय इंतजार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि वो वादा करते हैं, कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार मिशन के तहत काम करेगी, विकास के लिए काम करेगी। उनके अनुसार, "मैसूरु सामाजिक एकता के लिए देश को संदेश देने वाली धरती है। मैसूरु ऊर्जावान नौजवानों की धरती है। मैसूरु देश में सद्भावना का वातावरण बनाने वाली धरती है।"

प्रधानमंत्री कहा कि उनका सपना है, कि नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े रहने की ताकत मिले और उन्हें नौकरी के लिए भटकना न पड़े। इसी के तहत कर्नाटक समेत देशभर के नौजवानों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में 10 करोड़ लोन दी गई है। इस योजना में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये बिना गारंटी के नौजवानों के हाथ में दिए गए हैं। इसके कारण 3 करोड़ से ज्यादा नए उद्यमी अपने पैरों पर खड़े हो सके हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, कि 2022 में भारत की आजादी के 75 साल होंगे। इसलिए ये हमारा कर्तव्य है कि तब तक ऐसा नया भारत बने, जिसमें आजादी के दिवानों के सपने पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि 2022 तक एक भी परिवार ऐसा न बचे, जिसके पास रहने के लिए अपना घर न हो। मध्यम वर्ग का परिवार किराए के घर में न रहे, सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद अपने घर में जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि घर बनते हैं तो रोजगार उपलब्ध होता है, सड़क बनती है तो रोजगार के अवसर निकलते हैं, रेल बनती है तो रोजगार का अवसर बनता है।

प्रधानमंत्री मोदी ये भी कहा कि "देश चलता है, देश बढ़ता है, देश बनता है तो सामान्य मानव के आत्मविश्वास से बनता है।" उनकी सरकार ऐसे ही लोगों को नई ताकत देने की योजनाएं लेकर आई है। उन्होंने बताया कि जनधन खाते खुलने से एक विश्वास पैदा हुआ है। आदमी खुद को दूसरों के बराबर महसूस करता है। गरीबों ने 70 हजार करोड़ रुपये बैंकों में जमा कराए हैं। उनमें बचत करने की आदत आई है।

 

 

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।