केंद्र में भाजपा-एनडीए की सरकार के नए कार्यकाल के 100 दिन निर्णय के रहे हैं, निष्ठा के रहे हैं, नेक नीयत के रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
हम टुकड़ों-टुकड़ों में नहीं सोचते बल्कि एक बड़े लक्ष्य को ध्यान में रखकर चौतरफा कदम उठाते हैं: पीएम मोदी
मुझे खुशी है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने के साथ ही हरियाणा की बीजेपी सरकार बेटियों की शिक्षा पर व्यापक बल दे रही है: प्रधानमंत्री

’बीते पांच वर्षों में हरियाणा को केंद्र और राज्य की डबल इंजन वाली सरकार का पूरा लाभ मिला है। 25 हजार करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट पर काम हो रहा हैऔर आज 2 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है। राज्य की बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए सिरसा, नूंह और पलवल में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं। शिक्षा के साथ, कई नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया है।‘’

ये बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हरियाणा के रोहतक में आयोजित जनसभा में कही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जन आशीर्वाद यात्रा के समापन के मौके पर आयोजित इस जनसभा में प्रधानमंत्री को सुनने लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। श्री मोदी ने कहा कि मनोहर लाल जी और उनकी सरकार ने जिस प्रकार हरियाणा के लोगों की सेवा की है, यह जनसैलाब उसी का जीता-जागता सबूत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे हरियाणा तब आए हैं, जब केंद्र में उनकी सरकार के दूसरे कार्यकाल के सौ दिन पूरे हुए हैं। इन सौ दिनों में रिकॉर्ड काम हुए हैं। संसद के बीते सत्र में जितने बिल पास हुए हैं, जितना काम हुआ है, उतना पिछले साठ सालों में नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’ये सौ दिन विकास के रहे हैं, विश्वास के रहे हैं और देश में होने वाले परिवर्तन के रहे हैं। ये सौ दिन सरकार के निर्णय के रहे हैं, निष्ठा के रहे हैं और नेकनीयत के रहे हैं। ये सौ दिन जनसंकल्प और जन सिद्धियों के रहे हैं और जन सरोकार के रहे हैं, जिसकी प्रेरणा और प्रोत्साहन देश के 130 करोड़ भारतवासी हैं।‘’

पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत हर चुनौती को चुनौती देता है। चाहे जल संकट हो या कोई और संकट, 130 करोड़ देशवासियों ने मिलकर समाधान खोजना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘’बीते चार महीने में सरकार ने अपने कई और संकल्प पूरे किए हैं। मौजूदा सरकार ने देश के 8 करोड़ गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा कर लिया है। इसके तहत हरियाणा के 7 लाख से अधिक गरीब परिवारों को भी गैस कनेक्शन मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के सात करोड़ और हरियाणा के 13 लाख किसानों को लाभ मिला है। इस योजना के तहत देश को 21 हजार करोड़ और हरियाणा के किसानों को चार हजार करोड़ रुपये मिले हैं।‘’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘’2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य भी पूरा होकर रहेगा। हरियाणा में बने फूड पार्क से करीब 7 हजार लोगों को रोजगार मिलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार ने 2024 तक हर घर को जल पहुंचाने जैसा बड़ा संकल्प लिया है। इस योजना पर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका लाभ हरियाणा को भी मिलने वाला है।‘’प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की योजना भी शुरू हो चुकी है और इससे जहां देश में 8 लाख व्यापारियों को लाभ मिलने वाला है, वहीं हरियाणा के भी 33 हजार से अधिक व्यापारी लाभान्वित होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के बेहतर भविष्य के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को राज्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा, ‘’मौजूदा राज्य सरकार ने बीते पांच सालों में सरकारी सिस्टम से अपने और परायों के भेद मिटाने का काम किया है, परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया है, सरकारी नौकरियों की बंदरबांट की परंपरा को खत्म किया है। बीते पांच वर्षों में शिक्षकों के नाम पर ट्रांसफर और पोस्टिंग के खेल को खत्म किया है, किसानों की जमीन पर भ्रष्टाचार के खेल को बंद किया है।‘’श्री मोदी ने कहा कि यही वजह है कि पांच वर्षों के बाद आज पूरा हरियाणा भाजपा के पक्ष में खड़ा है। 

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कैमिकल पार्कों के विकास के लिए भव्य-रसायन योजना को कैबिनेट की मंजूरी
July 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक पार्क स्थापित करने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी।

इस योजना के लिए कुल 3,030 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया जाएगा जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये पार्क की भीतरी अवसंरचना सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं की स्थापना की लागत को पूरा करने और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के रूप में आवंटित किए जाएंगे। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए लागू रहेगी।

केंद्र सरकार उक्त योजना के तहत प्रत्येक पार्क के लिए संबंधित राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम 500 करोड़ रुपये का योगदान करने के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान करेगी

भव्य रसायन योजना से अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित लाभ मिलने की उम्मीद है:

  • इससे कच्चे माल की सोर्सिंग (अपस्ट्रीम), अंतिम उपभोक्ता तक आपूर्ति (डाउनस्ट्रीम) और सहायक उद्योगों सहित संपूर्ण मूल्य श्रृंखलाओं में रासायनिक उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग होगा और माल ढुलाई और प्रबंधन लागत कम होगी।
  • साझा बुनियादी ढांचा सुविधाओं और मूलभूत उपयोगिताओं के माध्यम से, रसायन उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, यह लागत योजना प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी और भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
  • इससे भारतीय रसायन उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में बेहतर ढंग से एकीकृत होने में मदद मिलेगी, जिससे निर्यात में वृद्धि होगी और आयात प्रतिस्थापन में सुधार होगा।
  • यह योजना पर्यावरण के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर भारतीय रसायन उद्योग के सतत विकास को बढ़ावा देगी। इस पारिस्थितिकी तंत्र में केंद्रीकृत सुविधाएं होंगी, जैसे साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्र, उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा, और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना। इससे पर्यावरण नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा, जिससे उद्योग का विकास पर्यावरण के अनुकूल तरीके से होगा।
  • रसायन क्षेत्र के विकास से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे रोजगार सृजन में वृद्धि होगी और अर्थव्यवस्था का अधिक विकास होगा। यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
यह स्वीकार करते हुए कि क्षेत्र रसायन और पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन करता है जिनका उपयोग कृषि, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न उद्योगों में होता है, भव्य रसायन योजना शुरू करने से घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करके, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाकर और रोजगार सृजित करके इस क्षेत्र के विकास में सहायता मिलेगी। इससे क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा और इस प्रकार आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

उक्त योजना के तहत, केंद्र सरकार प्रतिस्पर्धी, प्रदर्शन आधारित वित्त पोषण तंत्र (चैलेंज रूट) के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा तीन समर्पित रासायनिक पार्कों के विकास में सहायता प्रदान करेगी। प्रत्येक पार्क में कम से कम आठ वर्ग किलोमीटर (कम से कम 2,000 एकड़) का निर्बाध भूमि क्षेत्र होगा। ये पार्क रासायनिक उद्योग के लिए सामान्य अवसंरचना सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं के रूप में सुगम अवसंरचना प्रदान करेंगे। इसमें निम्नलिखित शामिल है:
  • सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी),
  • उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा (टीएसडीएफ),
  • जल आपूर्ति और वितरण प्रणालियां,
  • विलायक पुनर्प्राप्ति और आसवन सुविधाएं,
  • भाप उत्पादन और वितरण नेटवर्क,
  • परस्पर जुड़ा हुआ पाइपलाइन नेटवर्क,
  • लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाएं।