पश्चिम बंगाल की इस सरकार ने माटी को बदनाम कर दिया है और मानुष को मजबूर कर दिया है: प्रधानमंत्री मोदी
जो पश्चिम बंगाल कला और संस्कृति के लिए जाना जाता था, वो अब हिंसा के लिए चर्चा में रहता है: पीएम मोदी
पश्चिम बंगाल में मां, माटी, मानुष के नाम पर जिनको आपने सत्ता दी, जिनको कम्यूनिस्टों के कुशासन से सुशासन का जिम्मा दिया, उन्होंने वही खून-खराबे का पॉलिटिकल कल्चर अपना बना लिया: प्रधानमंत्री
आज पश्चिम बंगाल में एक ऐसी मुख्यमंत्री हैं जो गरीबों की मेहनत से जुटाई पाई-पाई को लूटने वालों के साथ खड़ी हैं: प्रधानमंत्री मोदी
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी के इस ‘निजाम’ से लड़ने के लिए तैयार हैं: पीएम मोदी
अब आपके साथ भाजपा है और संकल्प गुंडों और सिंडिकेट पश्चिम बंगाल की मुक्ति का है: प्रधानमंत्री

"नॉर्थ बंगाल से मेरा एक खास रिश्ता भी है, और ये रिश्ता आपको भी मालूम है। ये रिश्ता चाय का रिश्ता है। आप चाय उगाने वाले हैं, मैं चाय बनाने वाला हूं। यहां की चाय देश और दुनिया बड़े चाव से पीती है।"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी के मैनागुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि आज क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी खंडपीठ का उद्घाटन किया गया है। इससे राज्य के जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिमपोंग, कूच बिहार क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि करीब 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से फलाकाता-सलसलाबाड़ी नेशनल हाइवे के फोर लेनिंग प्रोजेक्ट का भी शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश की सीमा को जोड़ने वाले एशियन हाइवे नंबर-2 और नंबर-48 समेत हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट भी केंद्र सरकार ने स्वीकृत किए हैं, जिन पर काम जारी है।

पीएम मोदी ने उत्तर बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि जलपाईगुड़ी और पूरा उत्तर बंगाल 3-टी के लिए फेमस है- टी, टिंबर और टूरिज्म। लेकिन, इन तीनों को ही बेरुखी का शिकार होना पड़ा है।  इसके संतुलित विकास पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। परन्तु, केंद्र सरकार 'सबका साथ सबका विकास' की नीति और नीयत से काम कर रही है। यहां बंद बड़े चाय बागानों को उनकी सरकार ने खुलवाया है। श्रमिकों और मजदूरों के बैंक खाते खुलवाए गए हैं। केंद्र सरकार इस बार के बजट में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए आजादी के बाद पहली बार ऐतिहासिक 'प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना' लेकर आई है। इसके कारण अब चाय बागानों में काम करने वाले और असंगठित क्षेत्र में बाकी जगहों पर भी काम करने वाले मजदूरों को भी बाकी कर्मचारियों की तरह ही पेंशन की सुविधा मिलेगी। इसके अंतर्गत देश के 40-42 करोड़ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 60 वर्ष के बाद 3,000 रुपये प्रति माह पेंशन सुनिश्चित की गई है। पीएम मोदी ने कहा है, "हमने ठान के रखी है कि 2022 में जब आजादी के 75 साल होंगे, हिंदुस्तान में एक भी परिवार ऐसा नहीं होगा, जिसका अपना पक्का घर नहीं होगा।"  पश्चिम बंगाल में 23 लाख से ज्यादा और जलपाईगुड़ी में 65 हजार से ज्यादा गरीबों को पक्के घर मिल भी चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार गरीबों के लिए सस्ता राशन, मुफ्त गैस कनेक्शन और सस्ती दवाइयों की व्यवस्था भी कर रही है।

पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण की बात उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम बहन-बेटियों की रक्षा के लिए तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित किया है। लेकिन, अब उसे खत्म करने की बात कही जा रही है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "मैं देश की सभी मुस्लिम बहन-बेटियों को ये भरोसा देना चाहता हूं कि तीन तलाक कानून को हटाने नहीं दिया जाएगा। बीजेपी महिलाओं के अधिकार के लिए, महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"  प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की जनता को ये भी भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों को कानून के दरवाजे तक पहुंचाकर रहेगी। उन्होंने कहा, "मैं सारदा, नारदा, रोजवैली की ठगी के शिकार हर परिवार को विश्वास दिलाने आया हूं कि ये चौकीदार इनको छोड़ेगा नहीं। चाहे वो लुटेरा हो या फिर लुटेरों का संरक्षक, किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। कितने भी नेता जुटा लें, गरीबों को लूटने वालों का पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। मैं एक-एक पीड़ित को विश्वास दिलाने आया हूं कि आपको इस स्थिति में पहुंचाने वालों को कानून के दरवाजे तक पहुंचाया जाएगा।"

 

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प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, कहा—नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और शक्ति का सच्चा स्वरूप
June 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार का महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने का कार्य सभी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और शासन तक, महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि सरकार के प्रयास गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं, और उन्होंने बताया कि इनसे एक ऐसा वातावरण बनाने में सहायता मिली है जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को महसूस कर सकती हैं और राष्ट्र निर्माण में और भी अधिक मजबूती से योगदान दे सकती हैं। 

प्रधानमंत्री ने विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियों पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी अवसरों के नए द्वार खोल रही है और पूरे देश के विकास परिदृश्य को बदल रही है। 

श्री मोदी ने बताया कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है और यह महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि भारत की नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज हमारी माताएं, बहनें और बेटियां हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती को गौरवान्वित कर रही हैं। 

एक्‍स पर कई पोस्टों की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने कहा: 

पिछले 12 वर्षों में, एनडीए सरकार ने महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया है और यह सभी क्षेत्रों में दिखाई देता है।

वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और शासन तक, महिलाएं विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

एनडीए सरकार के प्रयास गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं। उन्होंने ऐसा वातावरण बनाने में सहायता की है जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को महसूस कर सकें और राष्ट्र निर्माण में और भी अधिक मजबूती से योगदान दे सकें।

#12YearsOfNariShakti

“भारत की नारी शक्ति को विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाते हुए देखकर मुझे विशेष रूप से प्रसन्नता हो रही है। ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी अवसरों के नए द्वार खोल रही है और पूरे देश में विकास परिदृश्य को बदल रही है। हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”

#12YearsOfNariShakti “

“ भारत की नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। हमारी माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं।

नारी त्रैलोक्यजननी
नारी त्रैलोक्यरूपिणी।
नारी त्रिभुवनाधारा
नारी शक्तिस्वरूपिणी॥

#12YearsOfNariShakti"

स्त्री तीनों लोकों की जननी है। वह तीनों लोकों की साक्षात अभिव्यक्ति है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है और शक्ति का वास्तविक स्वरूप है।