देश सुरक्षित नहीं होगा तो विकसित भी नहीं होगा, विकास के लिए पहली शर्त सुरक्षा होती है, मिलावटी सरकार, खिचड़ी सरकार तो सुरक्षा बिल्कुल नहीं दे सकती: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस की हर चीज वंशवाद और वोटबैंक से डिसाइड होती है, तीन तलाक का मुद्दा ही लीजिए, कांग्रेस सिर्फ वोटबैंक के लिए मुस्लिम बहनों के साथ जुल्म का विरोध कर रही हैं: पीएम मोदी
केंद्र से आदिवासी बहनों और बच्चों के पोषक आहार के लिए जो पैसा भेजा गया था, वो भी इन्होंने नामदारों को चुनाव प्रचार के लिए दे दिया, पूरे देश ने तुगलक रोड़ चुनाव घोटाले का सच देखा है: प्रधानमंत्री

“हमने गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का काम किया। दूर-सुदूर को नेशनल हाइवे और रेलवे से जोड़ने का काम किया। हर गरीब परिवार को पक्का घर मिले, शौचालय की सुविधा मिले, गांव-गांव, घर-घर तक बिजली पहुंचे, हर गरीब बहन की रसोई में गैस का कनेक्शन पहुंचे, हर गरीब परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिले, इसके लिए हमने पांच साल पूरी ईमानदारी से काम किया है। यही ‘सबका साथ सबका विकास’है, जिस पर हमारा विश्वास है।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें मध्य प्रदेश के खंडवा में विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। रविवार को उन्होंने खंडवा के अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर में भी चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इन रैलियों में उमड़ी भीड़ को देखकर श्री मोदी ने कहा कि जनता के इस प्यार और विश्वास को वे कभी भुला नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं पांच वर्ष की अपनी ईमानदारी और निष्ठा को लेकर चुनाव मैदान में हूं। मेरे साथ जनहित में किए गए मेरे काम हैं।“

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस चुनाव में एक तरफ गरीबों के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले हम लोग हैं और दूसरी तरफ अहंकार में डूबकर, हर बात में ‘हुआ तो हुआ’ की सोच रखने वाले लोग हैं। श्री मोदी ने कहा कि पहले जब भारत में पाकिस्तान परस्त आतंकी हमला करते थे, तो यहां निर्दोषों को जेल में डाल दिया जाता था। सिर्फ वोटबैंक की राजनीति के लिए हिंदू आतंकवाद का कुतर्क गढ़ कर हमारी महान परंपरा को बदनाम करने का षडयंत्र रचा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है। देश सुरक्षित नहीं होगा तो विकसित भी नहीं होगा। मिलावटी सरकार तो सुरक्षा बिल्कुल नहीं दे सकती।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार नेक नीयत से चल रही है। हमारी सरकार ने इसी साल एक फरवरी को देश के 12 करोड़ छोटे किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि का पैसा सीधे जमा करने का एलान किया था। आज देश के करोड़ों किसान परिवारों के खाते में पैसे जमा हो रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने आदिवासियों की जमीन पर आंच नहीं आने दी। इस बात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘’जब तक मोदी है, जब तक भारतीय जनता पार्टी है, तब तक आदिवासी अधिकारों को खरोंच तक नहीं आने दी जाएगी। बीते पांच वर्ष में देश के हर वर्ग, हर क्षेत्र के लिए जी-जान से काम किया गया है। आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य मॉडल स्कूल का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है। रोजगार निर्माण के लिए पर्यटन पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके अलावा मुद्रा योजना के माध्यम से जो बिना गारंटी का ऋण दिया जा रहा है, वो पर्यटन के व्यवसाय को मजबूत कर रहा है। रेल-रोड कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है।‘’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अक्सर देश में सत्तारूढ़ सरकार को हटाने के लिए जनता खड़ी होती है, लेकिन इस बार कश्मीर से कन्याकुमारी तक,कच्छ से कामरूप तक इस सरकार को दोबारा चुनने के लिए देश खड़ा हो गया है।“ उन्होंने कहा कि 2014 का चुनाव एंटी इनकमबेंसी का था। 2019 का चुनाव प्रो इनकमबेंसी का है। 2014 में भ्रष्टाचार, वंशवाद और पॉलिसी पैरालिसिस के खिलाफ आक्रोश चरम पर था, वहीं 2019 में जनता का विश्वास चरम पर है। 2014 में देश ने मोदी और मोदी के काम के बारे में सिर्फ सुना था, 2019 में देश मोदी के काम को जानने लगा है। श्री मोदी ने कहा कि 2019 का चुनाव केवल भारतीय जनता पार्टी नहीं लड़ रही है, बल्कि भारतीय जनता लड़ रही है। 130 करोड़ देशवासी इस चुनाव का नेतृत्व कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मेरी निष्ठा मेरी नीयत और मेरी नीति का आकलन कम-ज्यादा हो सकता है लेकिन मेरे इरादों में कोई खोट नहीं निकाल सकता।“ उन्होंने कहा कि वे जनता से निरंतर संवाद करते हैं, कभी भी एयरकंडीशनर कमरों में बैठ कर फैसले नहीं लिए, बल्कि नीति निर्माण पर बाबूगीरी की दुनिया छोड़कर के जनभागीदारी से देश में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते पांच वर्ष में टेक्नोलॉजी और ट्रांसपेरेंसी पर विशेष ध्यान दिया गया है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। श्री मोदी ने कहा कि अगली औद्योगिक क्रांति डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट पर आधारित होगी। इसके लिए देश को तैयार किया जा रहा है। देशभर के स्कूलों में बच्चों को अटल टिंकरिंग लैब उपलब्ध कराई जा रही है। भविष्य में यहीं से स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी के लिए हमारा टेंपरामेंट विकसित होने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल बढ़ाया जा रहा है। आज मेक इन इंडिया बड़ा ब्रांड बनकर उभर रहा है। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भारत दुनिया का दूसरे नंबर का देश हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा में मौजूद लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि उनका हर वोट सीधे मोदी के खाते में जाएगा।

खंडवा का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

इंदौर का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!