सरकार सामान्य मानवी के लिए होनी चाहिए, सरकार जरूरतमंदों के लिए होनी चाहिए और हमने कोशिश की है कि हमारी सरकार इस काम को पूरा करे: प्रधानमंत्री मोदी
सच्चे अर्थ में मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को खुले मन से काम करने का मौका ये साढ़े 4 साल में मिला है जब दिल्ली में आपने भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाई: पीएम मोदी
जो लोग कांग्रेस को भली-भांति जानते हैं, जो लोग कांग्रेस के काम को भी जानते हैं और कारनामों को भी जानते हैं वो एक बार कांग्रेस गई दोबारा घुसने नहीं देते हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जैसे दीमक लगने पर जहरीली दवा डालनी पड़ती है, उसी तरह कांग्रेस के शासन में पैदा हुए भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उन्हें नोटबंदी की कड़वी दवा डालनी पड़ी। उन्होंने कहा कि लोग पहले तकिए के नीचे नोट दबा कर रखते थे,  लेकिन नोटबंदी के दौरान उन्हें एक-एक पाई निकाल कर बैंकों में रखने को बाध्य होना पड़ा। इसलिए स्वाभाविक है कि ऐसे लोग उनका विरोध करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के झाबुआ और रीवा में विशाल चुनावी सभाओं को संबोधित किया और भाजपा सरकारों की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के जरिए देश के किसानों को ट्रक, ट्रैक्टर और खेत खरीदने के लिए प्रेरित किया गया ताकि वे आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा, “हमने अब तक 14 करोड़ लोन बिना गारंटी के स्वीकृत किए। इनमें 70 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार बैंकों से पैसा मिला है। वे अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस के जमाने में लोन मेला लगाया जाता था। चुनाव के समय लोन मेला लगाया जाता था। बाबू लोग आते थे और भोले-भाले आदिवासियों को लोन लेकर मुर्गा खरीद कर मुर्गे और अंडे का रोजगार करने को कहते थे। बाद में वे अधिकारी आदिवासियों का शोषण करते थे और आदिवासी कर्ज के नीचे दबे रहते थे। बेटे के इंटरव्यू के लिए मां को अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। जब हमारी सरकार आई तो हमने नियम बनाया कि बिना कुछ भी गिरवी रखे हुए जरूरतमंद को लोन मिलेगा।”

श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस किसानों से भरमाने वाले वादे कर उन्हें मुसीबत में डालने का काम करती रही है। उन्होंने कहा, ‘’कर्नाटक में कांग्रेस ने चुनाव के समय किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया था। लेकिन, अब सरकार बना लेने के बाद कर्ज नहीं लौटाने पर किसानों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने 2008 में भी ऐसा ही किया था। तब केंद्र की रिमोट कंट्रोल वाली सरकार ने किसानों के 6 लाख करोड़ रुपये माफ करने का वादा किया था, लेकिन चंद हजार करोड़ रुपये ही माफ किए गए। इतना ही नहीं, सीएजी की रिपोर्ट में तीस-चालीस लाख लोग ऐसे निकले, जो कर्ज माफी के योग्य ही नहीं थे। इसलिए, कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता।”   

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के 55 साल में मध्यप्रदेश में सिर्फ 1500 स्कूल बने, जबकि शिवराज सिंह की सरकार ने 15 वर्षों में ही 4,000 स्कूल बना दिए। भ्रष्टाचार से लड़ने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमने सरकार बनाते ही फटाफट भ्रष्टाचार के सभी दरवाजे बंद कर दिए। ऊपर के स्तर पर भ्रष्टाचार में काफी कमी आ गई। निचले स्तर पर गड़बड़ी को रोकने के लिए मनरेगा जैसी योजना में हमने पैसे सीधे बैंक अकाउंट में डालने शुरू कर दिए। हमने चोर बाजारी का काम बंद करा दिया। बच्चों के स्कॉलरशिप में भी गड़बड़ी होती थी, उसे भी हमने बैंक अकाउंट में डालना शुरू कर दिया।”

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पचपन और बीजेपी के पन्द्रह साल के कामकाज की तुलना करने से दोनों सरकारों का फर्क अपने आप पता चल जाता है। उन्होंने कहा, ‘’एक समय पूरे देश में कांग्रेस का ही शासन था। लेकिन जैसे-जैसे लोगों ने कांग्रेस को पहचानना शुरू कर दिया, वैसे-वैसे उन्हें एक के बाद एक, सभी राज्यों से सत्ता से बाहर कर दिया। यूपी, बंगाल, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों के उदाहरण सामने हैं, जहां जनता ने कांग्रेस को तीस-चालीस साल से पैर रखने की भी जगह नहीं दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कांग्रेस का मतलब ही होता है- भ्रष्टाचार, तेरा-मेरा, सांप्रदायिकता, जातिवाद।

प्रधानमंत्री ने जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में मौजूदा सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना हो, जन औषधि केंद्र हो या हृदय रोग के इलाज को सस्ता किए जाने का कदम, इन सबने जनसामान्य को काफी राहत देने का काम किया है। उन्होंने कहा, “बालक के लिए पढ़ाई, नौजवानों के लिए कमाई, किसानों के लिए सिंचाई और बुजुर्गों के लिए दवाई हमारी सरकार की प्राथमिकता है।”

 

 

 

 

 

झाबुआ की जनसभा में पीएम मोदी ने महान आदिवासी सेनानी गोविंद गुरु के भव्य स्मारक को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने आदिवासी महापुरुषों को सम्मान देने का काम भी किया है। प्रधानमंत्री  ने यहां अमर स्वातंत्र्य सेनानी चंद्रशेखर आजाद को भी याद किया।

झाबुआ और आसपास के इलाके से अपने आत्मीय संबंध की चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि झाबुआ आदिवासी संस्कृति का केंद्र रहा है। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा में आदिवासियों के योगदान की जमकर सराहना की और कहा कि पर्यावरण के खतरे से परेशान दुनिया को पर्यावरण की रक्षा का तरीका आदिवासियों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी अपने जीवन से भी ज्यादा जंगलों से प्यार करते हैं। कड़कनाथ मुर्गा की चर्चा करते हुए उन्होंने इसे आदिवासियों की आर्थिक शक्ति और कड़कपन का प्रतीक बताया। सफेद शेरों की धरती रीवा में पीएम मोदी ने तानसेन के अद्भुत गायन और बीरबल की हाजिरजवाबी को भी याद किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s electric PV retail sales jump 44% in February; Tata Motors leads: FADA

Media Coverage

India’s electric PV retail sales jump 44% in February; Tata Motors leads: FADA
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
विकसित राजस्थान की मजबूत नींव, विकसित भारत के संकल्प को और अधिक ताकत दे रही है: पीएम मोदी
March 07, 2026
"आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ समेत पूरे हड़ौती क्षेत्र के लिए नई उम्मीद और नई उपलब्धि का दिन है": प्रधानमंत्री
1,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहा ये आधुनिक एयरपोर्ट, आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है: प्रधानमंत्री
इस विमान पत्तन के चालू होने पर कोटा समेत पूरे क्षेत्र में यात्रा आसान हो जाएगी और व्यापार में तेजी से वृद्धि होगी": प्रधानमंत्री
कोटा आज संपर्क के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है"
"अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है": प्रधानमंत्री
"कोटा और बूंदी से होकर गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक नया द्वार खोल रहा है": प्रधानमंत्री

कोटा और पूरे हाड़ौती के अंचल के, मेरे सभी साथियों को फिर से एक बार नमस्कार।

अभी पिछले ही हफ्ते मुझे राजस्थान की यात्रा पर आने का अवसर मिला था। अजमेर की पावन धरती से हमने राजस्थान के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया था। उसी कार्यक्रम में राजस्थान के 21 हजार से अधिक नौजवान साथियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए थे। अब अजमेर यात्रा के कुछ ही दिनों बाद, आज मुझे कोटा से जुड़े हुए इस महत्वपूर्ण एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को शुरू करने का अवसर मिल रहा है। एक ही हफ्ते में राजस्थान में विकास के इन दो बड़े कार्यक्रमों का बहुत बड़ा संदेश है। ये बताते हैं कि आज राजस्थान किस गति से आगे बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर हो, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर हों, किसानों और माताओं-बहनों के लिए योजनाएं हों, राजस्थान में हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है।

साथियों,

आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए, एक नई आशा और नई उपलब्धि का दिन है। करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये से बनने जा रहा ये आधुनिक एयरपोर्ट, आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है। मैं कोटा और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को, एयरपोर्ट के शिलान्यास के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में, अपनी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

मुझे याद है, नवंबर 2023 में जब मैं कोटा आया था, तब मैंने कोटा की जनता से एक वादा किया था। मैंने कहा था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल एक सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार करके दिखाया जाएगा। आज मुझे प्रसन्नता है कि वो क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट के निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। अब तक कोटा के लोगों को जयपुर या जोधपुर जाकर फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। इसमें काफी समय भी लगता था और असुविधा भी होती थीं। अब यह स्थिति बदलने जा रही है। जब यह एयरपोर्ट शुरू होगा, तो कोटा समेत आसपास के पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा।

साथियों,

कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी एक बड़ा केंद्र है। कोटा वह अनूठा क्षेत्र है, जहां न्यूक्लियर हो, कोयला आधारित हो, गैस और पानी हो, ऊर्जा के लगभग सभी स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है। हाड़ौती की यह धरती अपनी धरोहरों के लिए भी उतनी ही प्रसिद्ध है। कोटा कचौरी का जायका, कोटा डोरिया साड़ी, इसके साथ-साथ कोटा स्टोन और सैंड स्टोन की चमक, इन्होंने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। यहां का धनिया हो, बून्दी का बासमती चावल हो, इसकी महक अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचती है। ये क्षेत्र अपने परिश्रम, उत्पादन और संभावनाओं के लिए जाना जाता है। अब कोटा का ये नया एयरपोर्ट, यहां की संभावनाओं को कई गुना बढ़ाने का काम करेगा।

साथियों,

कोटा और हाड़ौती की यह धरती उद्यम और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। सदियों से देश-दुनिया के श्रद्धालु, यहां श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशव-राय-पाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी महाराज और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहे हैं। गरड़िया महादेव से दिखने वाला चम्बल का दृश्य, हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी जैसे वन्यजीव अभयारण्य, इस पूरे क्षेत्र को वाइल्ड-लाइफ टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनाते है। जब हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी, तो देश और दुनिया से पर्यटक यहाँ आएँगे, और इसका सीधा लाभ यहाँ के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।

साथियों,

वैसे भी कोटा आज कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से चारो तरफ जुड़ रहा है, बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो कोटा और बून्दी से होकर गुजर रहा है, पूरे क्षेत्र के विकास का नया द्वार खोल रहा है। अब दिल्ली, वडोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज़ कुछ घंटों की रह गई है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहाँ नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेष रूप से एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री के लिए यह क्षेत्र एक बड़ा केंद्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी का ये नया अध्याय कोटा के विकास को और गति देगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा।

साथियों,

मैं इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए, कोटा के सांसद, श्रीमान ओम बिरला जी के निरंतर प्रयासों की भी सराहना करना चाहता हूं। उनकी हमेशा यही कोशिश रही है कि कोटा के लोगों का जीवन बेहतर बने, उन्हें नए अवसर मिलें। एयरपोर्ट हो, ट्रिपल आईटी का नया कैंपस हो, सड़कों का विस्तार हो, कोटा के विकास के लिए वे लगातार सेवाभाव से काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण ही कोटा और इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिल रही है।

साथियों,

ओम बिरला जी, जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं। वे संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं, वे संसदीय प्रणालियों के प्रति पूरी तरह निष्ठा रखते हैं, वे आज किसी पक्ष के सदस्य नहीं हैं, वो पक्ष, प्रतिपक्ष से पूरी तरह ऊपर हैं, और मैं देख रहा हूं, जब उनको सदन में देखता हूं, तब मुझे विचार आता है कि शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वो लोकतभा अध्यक्ष के तौर पर भी एक अच्छे मुखिया की तरह, सबको साथ लेकर के चलने की भूमिका में रहते हैं और सदन में जितने भी हमारे माननीय सांसदगण हैं, उनको वो अच्छे से संभाल लेते हैं, उनकी भावनाओं को, उनके आग्रहों को बहुत ही आदर करते हैं, और एक एैसे स्पीकर महोदय हैं, जो सांसदों का सर्वाधिक सम्मान करने का स्वभाव रखते हैं। और कभी-कभी कुछ बड़े घरानों के अहंकारी उत्पाती अगर कोई छात्र आ भी जाते हैं, वो अपना हुडदंग करने की आदत तो छोड़ते नहीं हैं, तो भी वो सदन के मुखिया की तरह सबको संभालते हैं, किसी को भी अपमानित नहीं करते हैं, सबके कड़वे बोल भी झेल लेते हैं, और आपने देखा होगा हर बार वो मुस्कुराते हैं, एक मीठी हसी उनके चेहरे पर हमेशा रहती है। शायद वो भी एक कारण है कि सदन में वो सर्वप्रिय हैं।

साथियों,

जब कनेक्टिविटी बढ़ती है तो विकास की संभावनाओं में भी नई तेजी आती है। बीते 11 वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बने नए एयरपोर्ट्स ने, विकास को नई गति दी है। 2014 से पहले देश में 70 के करीब एयरपोर्ट ही बने थे। आज यह संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। इन नए एयरपोर्ट्स ने, हवाई यात्रा को आसान किया है, पर्यटन को बढ़ावा दिया है, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, और क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार दी है। हम दिल्ली के आसपास ही देखें तो कई सारे नए एयरपोर्ट्स शुरू हुए हैं। हिसार में एयरपोर्ट बना है, हिंडन में एयरपोर्ट बना है, जेवर में नया एयरपोर्ट बना है, जब ये एयरपोर्ट बनते हैं, नए टर्मिनल बनते हैं, तो छोटे शहरों में भी नए उद्यम पहुंचते हैं,नई कंपनियां पहुंचती हैं। मुझे विश्वास है कि कोटा का यह नया एयरपोर्ट भी, आने वाले समय में इस क्षेत्र के विकास को इसी तरह नई गति देगा।

साथियों,

जब राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर काम करती हैं, जब नीयत साफ होती है और संकल्प मजबूत होता है, तब विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। आज राजस्थान में वही हो रहा है। विकसित राजस्थान की यही मजबूत नींव, विकसित भारत के संकल्प को और ताकत दे रही है। मुझे पूरा विश्वास है, हम सब मिलकर एक ऐसा राजस्थान बनाने में सफल होंगे, जो समृद्ध भी हो, सशक्त भी हो और अवसरों से भरा हुआ भी हो। इसी विश्वास के साथ, आप सभी को इस शिलान्यास के अवसर पर मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं, बहुत-बहुत धन्यवाद। वंदे मातरम।