मैं भाजपा के और पश्चिम बंगाल के उन साथियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं जिनकी पिछले कुछ दिनों में टीएमसी के गुंडों ने हत्या की है: प्रधानमंत्री मोदी
गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर ने जैसे बंगाल की कल्पना की थी, आज ठीक उससे उल्टा हो रहा है, गुरुदेव डर से रहित, ऊंचे मस्तक वाला बंगाल चाहते थे, दीदी के राज में बांग्ला युवाओं के मस्तक पर गोलियां मारी जा रही हैं: पीएम मोदी
पश्चिम बंगाल में गणतंत्र को फिर स्थापित करने के लिए आपका हौसला, आपकी इच्छाशक्ति पूरा देश देख रहा है, दीदी के गुंडे गोली और बम लेकर विनाश पर उतर गए हैं, लेकिन आप डटकर खड़े हैं, आपका यही हौसला, आपका यही जोश ममता दीदी की इस अत्याचारी सत्ता को एक दिन जड़ से उखाड़ देगा: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के बशीरहाट और डायमंड हार्बर में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। बशीरहाट की विशाल जनसभा में पीएम मोदी ने कहा, “पांचवें-छठे चरण के मतदान के बाद जितने सर्वे आए हैं, उनमें भाजपा को पूर्ण बहुमत की आवाज उठी है। लेकिन, पश्चिम बंगाल का जनसमर्थन देखकर स्पष्ट है कि बंगाल हमें 300 सीटें पार करवा कर रहेगा। एनडीए को तो और भी ज्यादा सीटें मिलेंगी।”

चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह धरती मां दुर्गा की है, मां सरस्वती की है, आपने बेटियों का अपमान कर मां का भी अपमान किया है। इस मंच से मैं दीदी से आग्रह करूंगा कि अपना गुस्सा शांत करने के लिए आप मेरा एक गंदे से गंदा चित्र बनाइए। 23 मई को दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद आप मेरे निवास स्थान पर आइए और वो तस्वीर मुझे भेंट कीजिए। मैं प्यार से स्वीकारूंगा और जिंदगी भर अपने पास रखूंगा। आपके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं कराऊंगा।“

पीएम मोदी ने कहा, “देश की सुरक्षा को लेकर दीदी का क्या रवैया है, यह आपने भी देखा है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद अपने ही सपूतों पर सवाल उठाने वाली दीदी को सबक सिखाना जरूरी है। देश के हितों के खिलाफ पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाने वाली दीदी को सबक सिखाना जरूरी है। इसके लिए 19 मई को एक ही काम करना है- चुपेचाप कमल छाप, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ।”

डायमंड हार्बर की जनसभा में पीएम मोदी ने कहा, “23 मई को जब फिर एक बार मोदी सरकार आएगी तब एक महत्वपूर्ण काम हम करने वाले हैं। घुसपैठियों की पहचान की जाएगी। उनका पूरा बायोडाटा खंगाला जाएगा।

बॉर्डर को आधुनिक फैंसिंग से और सुरक्षित किया जाएगा। यही नहीं, आस्था के कारण सताए हुए जो साथी यहां शरणार्थियों का जीवन जी रहे हैं, उनको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम नागरिकता कानून में सशोधन कर उनकी चिंता करने वाले हैं, ताकि मां भारती की हर उस संतान को नागरिकता मिल सके, जिसके पास भारत के अलावा कोई ठिकाना नहीं है। ‘सबका साथ सबका विकास’ हमारा मंत्र है और ‘सबको सुरक्षा सबको सम्मान’ हमारा प्रण है।”

बशीरहाट का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

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प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की शुभकामनाएं दीं और बाघ संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
July 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतवासियों को इस बात पर गर्व है कि वैश्विक बाघों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी हमारे देश में निवास करती है।

उन्होंने कहा कि भारत में बाघ संरक्षण के प्रयास प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की हमारी सदियों पुरानी संस्कृति से प्रेरित हैं और हमारे लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति से संचालित हैं।

श्री मोदी ने विज्ञान आधारित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया, जो बाघ संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाता है।

श्री मोदी ने बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणवादियों के प्रयासों और समर्पण की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री मोदी ने ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में लिखा:

“अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भारत को इस बात पर गर्व है कि वैश्विक बाघों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी हमारे देश में निवास करती है। भारत में बाघ संरक्षण के प्रयास प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की हमारी सदियों पुरानी संस्कृति से प्रेरित हैं और हमारे लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति से संचालित हैं। हम विज्ञान आधारित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त करते हैं, जो बाघ संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाता है।

हमारे वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणवादियों के प्रयासों और समर्पण ने भी बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी भावना के साथ, भारत स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”