कांग्रेस और उसके साथियों ने मिलकर, हमारे देश में कालेधन और भ्रष्टाचार को सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने की साजिश भी की है, जिस नेता को करोड़ों के कोयला घोटाले के आरोप में अदालत ने सजा दी, उसी नेता को अपनी पार्टी में मिला लिया, टिकट भी दे दिया: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस ने तो अपने घोषणापत्र में ये ऐलान किया है कि नक्सलियों को जो सहयोग देते हैं, उनको परेशान नहीं किया जाएगा, कांग्रेस के नामदार जो टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े रहते हैं, उन्होंने अब ऐलान किया है कि देशद्रोह का कानून हटा देंगे: पीएम मोदी
हमारी सरकार नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, लेकिन अगर गलती से भी कांग्रेस के सहयोग से स्वार्थी सरकार बनी तो किए कराए पर पानी फिर जाएगा: प्रधानमंत्री

“देश में कैसे सार्थक परिवर्तन आया है, इसका एक उदाहरण झारखंड भी है। 5 वर्ष पहले झारखंड की चर्चा कोयला घोटाले के लिए होती थी, राजनीतिक अस्थिरता के लिए होती थी, नक्सलवादी हमलों के लिए होती थी। आज झारखंड की चर्चा गांव-गांव में हो रहे महिला सशक्तीकरण के काम के लिए होती है। सखी मंडलों के रूप में सशक्त होतीं हमारी बहनों के सामर्थ्य के लिए चर्चा होती थी। मुद्रा योजना के माध्यम से गांव-गांव में शुरू हो रहे स्वरोजगार के लिए चर्चा होती है। रानी मिस्त्री के रूप में भारत के ग्रामीण जीवन को नई दिशा देने के लिए आज देश में झारखंड की चर्चा होती है। अगर क्रिकेट की बात हो तो झारखंड का बेटा सबसे ऊपर होता है। सबसे बड़ी बात, एक स्थिर सरकार के लिए आज झारखंड की चर्चा होती है।”

झारखंड के चाईबासा में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये उद्गार व्यक्त किए। पीएम मोदी ने कहा कि 5 साल से केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार है, लेकिन हमने आदिवासी अधिकारों पर आंच नहीं आने दी है। जब तक मोदी है, जब तक भारतीय जनता पार्टी है, तब तक जनजातीय समाज के किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होगा।

पीएम मोदी ने कहा, “जल हो, जन हो, जमीन हो, कोई उस पर हाथ नहीं लगा पाएगा, यह मैं आपसे वादा करता हूं। हमारी सरकार आदिवासी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पहले कोयले से जनजातीय समुदाय को कुछ नहीं मिलता था। इस चौकीदार ने कानून बनाया कि अब जंगलों से जो भी खनिज संपदा निकलेगी, उसमें से कुछ रकम जंगल में ही रहने वाले जनजातीय समाज के लिए खर्च करना जरूरी होगी। ये हमारी आंखें हैं, यह हमारी संवेदना है, यह आदिवासी कल्याण का हमारा रास्ता है। इस बार केंद्र सरकार ने आदिवासी समाज के कल्याण के लिए बजट में पहले से 30 प्रतिशत अधिक राशि का प्रावधान किया है।”

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “हम संकल्प लेकर चल रहे हैं कि साल 2022 तक हर गरीब आदिवासी के पास अपना पक्का घर हो, घर में गैस का कनेक्शन हो, बिजली का कनेक्शन हो, घर शौचालय वाला भी हो। हर गरीब के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतर सुविधा हो। हमारी सरकार जनधन और वनधन योजना से आदिवासियों को सशक्त करने का काम कर रही है।”

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PM Modi Praises Farmers For Taking India's Rich Mango Heritage To Global Markets

Media Coverage

PM Modi Praises Farmers For Taking India's Rich Mango Heritage To Global Markets
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ वार्ता की
June 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

 

वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

 

“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”

 

“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”