मैं पूरे देश को, देश के प्रत्येक नागरिक को चाहे हिंदू हो या मुस्लिम को फिर ये कहना चाहता हूं कि इस कानून से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई असर नहीं होगा: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस और उसके साथी, इस मुद्दे पर मुसलमानों को भड़काने का, डराने का भयभीत करने का प्रयास करके अपनी राजनितिक खिचड़ी पकाना चाहते हैं: पीएम मोदी
मैं कांग्रेस सहित उन तमाम दलों को खुली चुनौती देता हूं, अगर उनमें हिम्मत है, तो वो खुलकर घोषणा करें, कांग्रेस और उसके सारे साथी खुलकर घोषणा करे कि वो पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत की नागरिकता देने को तैयार हैं: प्रधानमंत्री

"जबसे एनडीए सरकार देश में है, तबसे हर वर्ग, हर संप्रदाय के हित में हमने काम किया है। झारखंड सहित पूरे देश के करोड़ों किसान परिवारों के बैंक खातों में 36 हजार करोड़ रुपये सीधे जमा हो चुके हैं, तो ये हर वर्ग, हर संप्रदाय के किसानों के खाते में जमा हुए हैं। झारखंड सहित देशभर की 8 करोड़ से अधिक बहनों को पहली बार मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है, तो ये आदिवासी को भी मिला, पिछड़े को भी मिला, दलित को भी मिला, सामान्य वर्ग को भी मिला। हर पंथ, हर संप्रदाय के गरीबों को इसका लाभ मिला।"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें मंगलवार को झारखंड में साहिबगंज के बरहेट में हुई एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं। श्री मोदी ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के देशभर के करोड़ों गरीब किसानों, खेत मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और दुकानदारों को 3 हजार रुपये की पेंशन की सुविधा मिली है। इसके साथ ही बगैर किसी भेदभाव के देश के करीब 2 करोड़ और झारखंड के 10 लाख गरीब परिवारों को घर मिले हैं। उन्होंने कहा, "आयुष्मान भारत के अंतर्गत हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज भी देश के हर गरीब को मिल रहा है। इस योजना से पूरे देश के करीब 67 लाख और झारखंड के 2 लाख से ज्यादा गरीबों का मुफ्त इलाज हो भी चुका है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक से कहना चाहते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई असर नहीं होगा। यह कानून पड़ोस के तीन देशों में धार्मिक अत्याचार की वजह से भारत आए लोगों के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर इसमें भारतीय मुसलमानों या किसी भी भारतीय नागरिक के अधिकारों का हनन कहां होता है। कांग्रेस और उसके साथी इस मुद्दे पर मुसलमानों को भड़काने का, डराने का, भयभीत करने का प्रयास कर अपनी राजनीतिक खिचड़ी पकाना चाहते हैं। नागरिकता संशोधन कानून न तो किसी भारतीय का अधिकार छीनता है और न ही उसे किसी तरह का नुकसान पहुंचाता है।" पीएम मोदी ने कहा कि वे एक बार फिर स्पष्ट करते हैं कि भारत सरकार का एक ही ग्रंथ है- बाबासाहेब अम्बेडकर का दिया हुआ संविधान। हमारे लिए एक ही मंत्र सर्वोपरि है और एक ही मंत्र हमारी प्रेरणा है, वो है- भारत माता की जय।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दलों को उनकी चुनौती है कि अगर उनमें हिम्मत हैं तो वे खुलकर घोषणा करें कि वो पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत की नागरिकता देने के लिए तैयार हैंl कांग्रेस और उसके साथियों में अगर साहस है तो खुलकर ये भी घोषणा करें कि वो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिर से आर्टिकल 370 को लागू करेंगे। अगर उनमें हिम्मत है, तो वे ये भी खुलकर घोषणा करें कि तीन तलाक के खिलाफ जो कानून बना है, उसे रद्द कर देंगे। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसके साथी इस चुनौती को स्वीकार करें और खुलकर ऐलान करें, वरना देश से झूठ बोलना, भ्रम फैलाना और दूसरों को अपनी ढाल बनाकर गुरिल्ला राजनीति करना बंद कर दें।" श्री मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि कैसे बहुत सफाई से कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन कानून पर बोलना ही बंद कर दिया है, लेकिन दूसरे मुद्दों को उछालकर, उसके पीछे छिपकर गंदी राजनीति शुरू कर दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के युवा साथियों से उनका आग्रह है कि वे अपने महत्त्व को समझें और जहां पढ़ रहे हैं, उन संस्थानों का महत्त्व भी समझें। उन्होंने कहा, "सरकार के फैसलों और नीतियों को लेकर चर्चा करें, डिबेट करें। अगर आपको कुछ गलत लगता है तो लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करें और अपनी बात सरकार तक पहुंचाएं। ये सरकार आपकी हर बात, हर भावना को सुनती और समझती है, लेकिन आपको ये भी समझना होगा कि कहीं कुछ दल, कथित Urban Naxal और अपने आपको बुद्धिजीवी कहने वाले लोग, आपके कंधे पर बंदूक रखकर अपना राजनीतिक उल्लू तो सीधा नहीं कर रहे हैं? आपकी बर्बादी करने के पीछे इनका ये षडयंत्र तो नहीं है?"

श्री मोदी ने कहा कि भाजपा लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए समर्पित है और यही कारण है कि उसका ध्यान जनता की मूल समस्याओं पर है। उन्होंने कहा, ‘’बीते 5 वर्षों में सड़क और बिजली जैसे काम पर हमने ध्यान दिया है। बहनों को शौचालय और गैस कनेक्शन की सुविधा दी है। हम साल 2024 तक हर घर जल पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई है। आने वाले वर्षों में इस योजना पर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत झारखंड के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे सिद्दो-कान्हो की वीर धरती से पूरे जनजातीय समाज को आश्वस्त करते हैं कि उनके जल, जंगल और जमीन पर कोई आंच नहीं आएगी। उनके साथ और विश्वास से ही यहां का विकास होगा। श्री मोदी ने सभा में उमड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘’आपका वोट एक विधायक और मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं है, बल्कि विकास करके दिखाने वाली सरकार बनाने के लिए है। आपका वोट सिर्फ झारखंड को ही नहीं, बल्कि मुझे भी मजबूत करता है।‘’

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Ayushman Bharat Crosses 90 Cr ABHA Accounts: How Modi govt is building the world’s largest digital health ecosystem

Media Coverage

Ayushman Bharat Crosses 90 Cr ABHA Accounts: How Modi govt is building the world’s largest digital health ecosystem
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the qualities of an ideal teacher
June 01, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that some people are highly skilled at performing a task themselves, while others are particularly adept at imparting that knowledge or skill to others. He noted that a person who possesses both these qualities-self-mastery and the ability to teach others-deserves to be regarded among the finest of teachers.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।। ”

The Subhashitam conveys that while some excel in practice and others in teaching, the one who combines both mastery of a subject and the ability to effectively impart it to others is worthy of being placed in the foremost rank of teachers.

The Prime Minister wrote on X;

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।।”