सपा और बसपा वाले मेरी जाति का सर्टिफिकेट बांटने में जुटे हैं और कांग्रेस के नामदार मोदी के बहाने पूरे पिछड़े समाज को ही गाली देने में लगे हैं, इनकी राजनीति का यही सार है: प्रधानमंत्री मोदी
जनहित के लिए बड़े काम तभी होते हैं जब समर्पण भाव से काम किया जाता है, जब सत्ताभोग के बजाय सेवा भाव से काम होता है, तब ऐसे काम होते हैं, यही कारण है कि आजादी के इतिहास में किसानों के लिए पहली बार सीधी मदद की स्कीम मोदी सरकार ने बनाई है: पीएम मोदी
अवसरवाद और जातिवाद के हर प्रयोग को इस बार पूरी तरह से सबक सिखाना है, ताकि ऐसे दलों को एक संदेश जाए और वो भारत को मजबूत करने के लिए मजबूर हो जाएं: प्रधानमंत्री

“इस चुनाव में पहली बार वोट डालने जा रहा नौजवान नए भारत के नए संस्कारों का निर्माण कर रहा है। इसकी वजह यह है कि उस पर अतीत का बोझ नहीं है। उसके पास सिर्फ और सिर्फ भविष्य के सपने हैं। मैं दल की नहीं देश की बात कर रहा हूं। जिस धरती पर रानी झांसी को हमेशा याद किया जाता है, उस धरती पर दल से ऊपर देश की बात करनी चाहिए। देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, बलिदानी भगत सिंह के बारे में मालूम था कि वे किस जाति के थे? सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मी बाई किस जाति के थे? एक भी महापुरुष अपनी जाति से नहीं जाना जाता है।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये उद्गार उत्तर प्रदेश के बांदा में एक विशाल चुनावी जनसभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “उस दौर में सभी आजादी के दीवाने थे, सब स्वराज के लिए लड़ रहे थे। अब आज 70 साल के बाद, और जब हम आजादी के 75 साल मनाने वाले हैं, एक और पड़ाव आया है। जितनी उत्कंठा और बेचैनी आजादी पाने के लिए थी, आज वही मिजाज विकास के लिए, देश को आगे बढ़ाने के लिए पैदा हुआ है। जाति के बंधनों को तोड़कर देश ने जैसे स्वराज हासिल किया था, वैसे फिर जाति के बंधनों को तोड़कर सुराज हासिल करेगा। आजादी ने स्वराज दिया और यह जागरुकता सुराज देने वाली है।“  

केंद्र सरकार के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि सड़क, गैस सिलिंडर, पक्का घर, इलाज के लिए 5 लाख रुपये हर जाति, हर पंथ को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “23 मई को चुनाव के परिणाम आएंगे। 23 मई को जब फिर एक बार आप मोदी सरकार बनाएंगे तो पानी के लिए मिशन मोड पर काम किया जाएगा। पिछले 5 वर्ष गांव-गांव बिजली पहुंचाने के लिए थे, आने वाले 5 वर्षों में गांव-गांव पानी पहुंचाने के लिए जी-जान से जुटेंगे। हमने संकल्प लिया है कि पानी के लिए अलग से एक जलशक्ति मंत्रालय बनाया जाएगा। कुछ महीने पहले जब मैं झांसी आया था, तो 9000 करोड़ रुपये की एक पेयजल योजना का शिलान्यास भी किया था। जब यह पाइपलाइन परियोजना पूरी हो जाएगी तो बुंदेलखंड के लगभग हर जिले को इसका लाभ मिलेगा। पानी आएगा तो खेतों की प्यास भी बुझेगी।” 

 

 

 

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “आतंकवाद का खात्मा आपके एक वोट से होगा। आपके वोट की ताकत मोदी की ताकत से 130 करोड़ गुना ज्यादा है। आपका वोट और यह चौकीदार दोनों मिलकर आतंकवाद को खत्म करेंगे। मोदी दल के नहीं, मोदी देश के लिए पैदा हुआ है। मोदी अपने लिए नहीं, अपनों के लिए पैदा हुआ है। आप सभी चौकीदारों पर बहुत बड़ी जिम्मेवारी है। आपका वोट आजादी के दीवानों के सपनों को पूरा करने वाला होगा। आपका वोट देश की सुरक्षा की गारंटी है।”

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प्रधानमंत्री ने सेना दिवस पर भारतीय सेना के शौर्य को सलाम किया
January 15, 2026
प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों के साहस, आत्मविश्वास और अटूट कर्तव्यनिष्ठा की शाश्वत भावना की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को हृदय से नमन किया है।

श्री मोदी ने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च आदर्शों के प्रतीक जवानों के अटूट समर्पण की सराहना करते हुए इस भाव से जुड़े संस्कृत के एक सुभाषितम को साझा किया।

प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना को सलाम करते हुए उनके शौर्य और बलिदान के लिए राष्ट्र की ओर से शाश्वत कृतज्ञता व्यक्त की।

एक्स पर अलग-अलग पोस्ट साझा करते हुए श्री मोदी ने कहा:

“सेना दिवस के अवसर पर, हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं।”

हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हैं। कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना जगाती है।

हम उन सभी को अत्यंत श्रद्धापूर्वक स्‍मरण करते हैं जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

@adgpi”

"दुर्गम स्थानों से लेकर बर्फीली चोटियों तक हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम हर देशवासी को गौरवान्वित करने वाला है। सरहद की सुरक्षा में डुटे किले का दिल से समर्पण!

अस्माकमिन्द्रः समृतेषु ध्वजेष्वसमाकं या ईशावस्ता जयन्तु।

अस्माकं वीरा उत्तरे भवन्त्वस्माँ उ देवा अवता हवेषु॥”