महामिलावटी लोगों ने जाति की राजनीति के नाम पर अपने और अपने रिश्तेदारों के लिए बंगले खड़े किए हैं, महल बनाए हैं: प्रधानमंत्री मोदी
मैं पैदा भले ही अति पिछड़ी जाति में हुआ हूं, लेकिन मेरा लक्ष्य पूरे देश को दुनिया में अगड़ा बनाने का है: पीएम मोदी
पूर्वांचल और पूर्वी भारत के विकास पर हमने विशेष ध्यान दिया है, विशेषतौर पर कनेक्टिविटी को सशक्त किया है, आज यहां ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है, रेल लाइनों का बिजलीकरण हुआ है, बलिया से वाराणसी का सफर आसान हुआ है: प्रधानमंत्री

“इसके पहले मई के महीने में ही आपके बीच आया था। तब क्रांतिवीरों की इस धरती से गरीब बहनों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली, आत्मविश्वास पैदा करने वाली उज्ज्वला योजना शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आज देश की 7 करोड़ से अधिक गरीब बहनों की रसोई में मुफ्त गैस कनेक्शन पहुंचा है। कभी हिन्दुस्तान को गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए बागी हुआ बलिया अब देश के गरीबों को धुएं से मुक्ति दिलाने का भागीदार बना है। यही कारण है कि आज पूरे देश में गरीब माताओं-बहनों का भरपूर समर्थन आपके इस सेवक को मिल रहा है।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बलिया में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। पीएम मोदी ने कहा, “मैं तो मां-बहनों-बेटियों के सम्मान में खड़ा हूं। मैं गरीब के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए खड़ा हूं। समाज की आखिरी पंक्ति में जो खड़ा हुआ व्यक्ति है, उसे सशक्त करने के लिए मैं खड़ा हूं। लेकिन, हताशा में अब महामिलावटी लोग पूछ रहे हैं कि मोदी की जाति क्या है। मैंने कई चुनाव लड़े और लड़वाया भी हूं। मैं पैदा भले ही अति पिछड़ी जाति में हुआ हूं, लेकिन मेरा लक्ष्य दुनिया में हिन्दुस्तान को अगड़ा बनाने का है। मेरे दिमाग में, मेरे जेहन में जाति नहीं है। इसलिए घर, गैस का चूल्हा, शौचालय भी जाति पूछकर नहीं दिया। इसलिए, वोट भी जाति के नाम पर नहीं मांग रहा हूं। न देता जाति के नाम पर हूं, न लेता जाति के नाम पर हूं। मुझे तो देश के लिए जीना है, देश के लिए कुछ करना है, इसलिए वोट भी देश के लिए मांगता हूं।”

केंद्र सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह मेरे दिल की आवाज है, जो मैं बलिया में आपसे कहना चाहता हूं। जयप्रकाश नारायण की जहां छाया हो, उस धरती से कुछ कहना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतान आपकी तरह पिछड़ी हुई जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतानों को विरासत में पिछड़ापन मिले। मैं नहीं चाहता कि आपके बच्चों को विरासत में गरीबी मिले। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस दयनीय स्थिति को मुझे बदलना है। इसलिए, मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए।“

 श्री मोदी ने कहा, “मैं ये काम इसलिए कर पाऊंगा, क्योंकि मैं आपके बीच से निकल कर आया हूं। मैंने गरीबी-पिछड़ेपन को भुगता है। जो दर्द आप आज सह रहे हैं, मैंने उसे सहा है। मैं अपना पिछड़ापन, अपनी गरीबी दूर करने के लिए नहीं, आपके लिए जीता हूं, आपके लिए जूझता हूं। इसलिए, मुझे विश्वास है कि इस परिस्थिति को बदलने में हम सफल होंगे। बलिया गुलामी के खिलाफ बागी हुआ, मैं गरीबी के खिलाफ बागी हो चुका हूं। मेरी एक ही जाति है, मेरी जाति है गरीबी, इसलिए मैंने गरीबी के खिलाफ बगावत की है।“ 

 

 प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान अमर शहीद मंगल पांडे, शेर-ए-बलिया चित्तू पांडेय, वीर कुंवर सिंह और युवा तुर्क चंद्रशेखर को याद किया।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा के लिए सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की
April 01, 2026
कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई
जरूरी सामानों की आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कटौती और बिजली क्षेत्र के उपायों की समीक्षा की गई
आवश्यक सामानों की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं
कीमतों और आवश्यक वस्तु अधिनियम के पालन पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार निगरानी और बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं
उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यूरिया का उत्पादन बनाए रखना और डीएपी/एनपीकेएस के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना जैसे कई प्रयास किए जा रहे हैं
प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया
प्रधानमंत्री ने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसमों में इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए
प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए, जनता तक सही जानकारी समय पर और सुचारू रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया
कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो आने वाले महीनों में बिजली की जरूरतों को पूरा करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और साथ ही, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी।

कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है। इसी तरह, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी अलग-अलग देशों से प्राप्त की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं, और एलपीजी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए 'एंटी-डायवर्जन' (गलत इस्तेमाल रोकने संबंधी) प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।

पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी पहल की गई है। भारी गर्मियों के महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, 7-8 जीडब्ल्यू क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देने और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुंचाने के लिए रेक की संख्या बढ़ाने जैसे उपाय भी किए गए हैं।

इसके अलावा, कृषि, नागर विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।

उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, जरूरतों को पूरा करने हेतु यूरिया का उत्पादन बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, ​​छापेमारी और कड़ी कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाएं।

पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कीमतों की लगातार निगरानी करने और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बातचीत करने, तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू करने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों की कीमतों की भी निगरानी की जा रही है।

ऊर्जा, उर्वरकों और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए हमारे स्रोतों में वैश्विक स्तर पर विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं; साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहलें और निरंतर कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं।

संकट में बढ़ोतरी के बीच प्रभावी जानकारी के प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तरों पर बेहतर समन्वय, रीयल-टाइम संचार और सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ और रबी मौसमों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत जानकारी और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।