सपा-बसपा हो कांग्रेस, आतंक पर नर्मी का इनका पुराना रिकॉर्ड रहा है, हमारी सुरक्षा एजेंसियां आतंक के मददगारों को पकड़ती थीं, और ये वोट के लिए उनको छोड़ देते थे: प्रधानमंत्री मोदी
हमारे लिए कार्यकर्ता से बड़ा दल होता है और दल से बड़ा देश होता है, हम देश के लिए जीने वाले लोग हैं: पीएम मोदी
जब सरकार बदलती है, नीयत बदलती है, तब कैसा परिणाम आता है वो इस बार प्रयागराज में आयोजित कुंभ के मेले ने दिखा दिया: प्रधानमंत्री

“कोई गरीब अपने बच्चे को गरीब नहीं देखना चाहता। कोई चाय वाला यह नहीं सोचता कि उसका बच्चा बड़ा होकर चाय वाला बने। कोई रेहड़ी वाला यह नहीं सोचता कि उसका बच्चा बड़ा होकर रेहड़ी चलाए। कोई सब्जी बेचने वाली यह नहीं सोचती कि उसका बच्चा भी बड़ा होकर सब्जी बेचे। गरीब आगे बढ़ना चाहता है। मजदूर आगे बढ़ना चाहता है। उसे आवश्यकता होती है एक संबल की।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ये उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने बुधवार को उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर और कौशाम्बी में जनसभाओं को संबोधित किया। केंद्र सरकार द्वारा देश के करोड़ों गरीबों के लिए किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पहली बार देश में किसी सरकार ने गरीबों के बारे में सोचा है, श्रमिकों के बारे में सोचा है। हमने उनकी परवाह की है, उनका जीवन आसान बनाने के लिए काम किया है। अभी हाल ही में हमारी सरकार पीएम श्रमयोगी मानधन योजना लेकर आई है। इसके तहत श्रमिक साथियों के लिए साठ वर्ष की उम्र के बाद 3000 रुपये की पेंशन हर महीने सुनिश्चित की गई है। इसी तरह, हमने गरीबों के लिए सिर्फ एक रुपया महीना और 90 पैसे रोजाना के छोटे से प्रीमियम पर दो-दो लाख की दो बीमा योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं के माध्यम से मुश्किल समय में गरीबों के घर अब तक 3500 करोड़ रुपये की क्लेम राशि पहुंच चुकी है।”

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे देश की आत्मा हमारी संस्कृति में, हमारे दर्शन में, हमारी आस्था में, हमारे अध्यात्म में बसती है। हमारी इस समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को विदेशी मानसिकता और तुष्टीकरण का खेल खेलने वालों ने खतरे में डाल दिया था। यह भाजपा और एनडीए की सरकार है, जिसने भारत के इस मूल को न सिर्फ संरक्षित किया, बल्कि प्रसारित-प्रचारित भी किया। योग सदियों से हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन पूरी दुनिया 21 जून को योग दिवस मनाए, इसका सफल प्रयास इस चौकीदार ने किया। कुंभ भी हजारों साल से होता आ रहा है, लेकिन जो दिव्यता और भव्यता इस बार प्रयागराज में दिखी वो अभूतपूर्व है। अयोध्या में दीप तो हजारों बरसों से जलते आए हैं, लेकिन अब जो दीपावली मनाई जाती है, वो दुनिया भर में चर्चा का विषय बनती है।“

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “देश में अभी ‘स्वदेश दर्शन’ के नाम से एक बहुत व्यापक प्रोजेक्ट चल रहा है। जिसके अंतर्गत देश में रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट, बौद्ध सर्किट सहित 15 सर्किट पर काम चल रहा है। रामायण सर्किट के तहत अयोध्या से लेकर रामेश्वरम् तक जहां-जहां प्रभु राम के निशान हैं, उन स्थानों को विकसित किया जा रहा है।”

कौशांबी की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी और उसके साथी दल देश की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस चुनाव की एक और विशेषता है। भारत की सरकार बनाने के लिए हमारे वे नौजवान, युवक और युवतियां पहली बार वोट देने जा रहे हैं, जिनका जन्म 21वीं सदी में हुआ है। वे ओजस्वी हैं, तेजस्वी हैं, जवान हैं, उनके सपने भी जवान हैं। वो आज मोबाइल फोन पर दुनिया को अपने हाथ में समेटे हुए हैं। ऐसे नौजवानों का भी सपना है कि हमारा हिन्दुस्तान दुनिया में नंबर एक बने। ये युवा देश का भविष्य तय करने वाले हैं। मैं पहली बार मतदान करने वाले, लोकसभा के लिए मतदान करने वाले ऐसे सभी युवकों और युवतियों को अपनी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मैं उनको राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए निमंत्रित करता हूं।“ 

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।