वोट बैंक की राजनीति करने वालो को अब हिंदुस्तान के किसी भी कोने में मत घुसने देने दीजिए: प्रधानमंत्री मोदी
विकास की राजनीति कांग्रेस को कभी स्वीकार्य नहीं थी: अजमेर में पीएम मोदी
वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोगों की मानसिकता यह है, जहां मौका मिले टुकड़े करो, जहां मौका मिले दरार पैदा करो, जहां मौका मिले एक दूसरे के सामने कर दो वह लड़ते रहेंगे और एक को गले लगाकर अपना उल्लू सीधा करते रहेंगे: प्रधानमंत्री
कांग्रेस की राजनीति सिर्फ एक परिवार तक सीमित है, जबकि बीजेपी सभी को साथ ले कर चलती है: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस बहस से घबराती है, मैदान छोड़कर भाग जाती है, हमारी हाईकमान राजस्थान की 7.5 करोड़ जनता है लेकिन कांग्रेस का हाईकमान एक परिवार है: पीएम मोदी
सर्जिकल स्ट्राइक हमारे सैनिकों की एक बड़ी उपलब्धि थी, कांग्रेस कैसे इस पर सवाल उठा सकती है: प्रधानमंत्री

‘’जब ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ मंत्र को लेकर चलते हैं, तो उसके उसूलों को जागृत करने का जी-जान से प्रयास करते हैं। तब जाकर विकास होता है।‘’

शनिवार को वीरों की भूमि राजस्थान के अजमेर में हुई भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं की सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास के लिए अपनी सरकार के संकल्प को इन उद्गारों के साथ व्यक्त किया। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की साढ़े चार हजार किलोमीटर की गौरव यात्रा के समापन के अवसर पर हुई इस विजय संकल्प सभा में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ी, जिसमें महिलाओं और युवाओं की भारी संख्या रही। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’इतनी भयंकर गर्मी में भी ये विशाल जनसागर, ये उमंग, ये उत्साह, ये ऊर्जा…आपलोगों ने राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की हस्तरेखा आज लिख दी।‘’ 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश और दुनिया के लिए वे भले प्रधानमंत्री हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए वे एक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा, ‘’एक कार्यकर्ता के नाते पार्टी जब भी, जो भी जिम्मेदारी मुझे देती है उसको भी जान से करने करने का मैं प्रयास करता हूं।‘’ उन्होंने कहा कि बीजेपी काम का हिसाब देने में कभी पीछे नहीं हटती है। पल-पल का, पाई-पाई का हिसाब देने के लिए जनता-जनार्दन के बीच जाना उनके प्रति समर्पण का ही एक भाव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ वोट बैंक की राजनीति का खेल और दूसरी तरफ सबका साथ सबका विकास, दोनों में जमीन-आसमान का अंतर होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 60 सालों तक वोट बैंक की राजनीति की, क्योंकि उसे विकास की राजनीति में कोई विश्वास नहीं था। श्री मोदी ने कहा, ‘’जो वोट बैंक की राजनीति करते हैं, उनको कभी हिंदू-मुस्लिम का खेल करने में मजा आता है, कभी अगड़े-पिछड़े का, तो कभी अमीर-गरीब का खेल करने में मजा आता है।‘’  प्रधानमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों का मतलब होता है, जहां मौका मिले टुकड़े करो, जहां मौका मिले दरार पैदा करो, वो लड़ते रहेंगे और हम अपना उल्लू सीधा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’तोड़ना सरल होता है जोड़ने के लिए जिंदगी खपानी पड़ती है, तब जाकर के जुड़ता है। हम जोड़ने वाले हैं, समाज के हर तबके, हर वर्ग को। कोई भूभाग बहुत आगे निकल जाए और कोई भूभाग बहुत पीछे रह जाए, ये हमें मंजूर नहीं है।‘’ प्रधानमंत्री ने कहा  कि कांग्रेस के नेता एक परिवार की सेवा में व्यस्त हैं। उन्होंने पूछा कि परिवार की परिक्रमा करने वाले जनता का भला करेंगे क्या। इसलिए राजस्थान विधानसभा चुनावों में विपक्ष अगर महिला सशक्तिकरण और विकास का मुद्दा ना उठाए तो इसमें आश्चर्य भी नहीं होना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़ी मुश्किल से 60 साल के बाद देश ने एक दिशा पकड़ी है। अब किसी भी हालत में यहां फिर से वोट बैंक की राजनीति करने वालों को घुसने का मौका नहीं देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष का होना का जरूरी होता है। लेकिन यहां ऐसे लोगों का समूह है, जो सत्ता में 60 सालों तक विफल तो रहा ही, एक विपक्ष के रूप में भी विफल हो गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कांग्रेस को किसने रोका है। एमएसपी की मांग को क्यों उसने लंबे समय तक लटकाए रखा। ये मौजूदा सरकार है जिसने किसानों के लिए एमएसपी पर सोचा और उसे लागू किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’हमने वादा किया था कि लागत का डेढ़ गुना एमएसपी हम किसानों को देंगे, हमने ये वादा पूरा किया है।‘’  उन्होंने कहा कि एमएसपी के इस एक बड़े निर्णय से देश के अन्नदाताओं को सालाना 62 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को तकलीफ ये है कि मोदी ने ये कर कैसे दिया, अब मोदी के खिलाफ बोलेंगे क्या। उसे दिन-रात इसी की परवाह रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास बचाव के तथ्य नहीं हैं, इसलिए आज वो झूठ और दुष्प्रचार का सहारा लेने पर उतर आई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मौजूदा सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अवकाश को 26 हफ्ते करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि आज सरकार में भी 30 प्रतिशत के करीब महिलाएं काम कर रही हैं। करीब-करीब सब विभाग में, शिक्षा और आरोग्य में तो और ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के कारण जिन बहनों की जिंदगी तबाह हो जाती थी, उन उन्हें सुरक्षा देने के लिए कानून लाने का काम किया गया। इन सबके अलावा बलात्कार के खिलाफ कड़ा कानून भी बनाया गया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘’हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते हैं। हम महिलाओं की बात करते हैं तो सभी महिलाओं की बात करते हैं। कोई भेद नहीं करते।‘’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मौजूदा सरकार जनसामान्य की सम्पूर्ण आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कदम उठाती है। घर दिया जाता है, बिजली दी जाती है, नल दिया जाता है, नल में जल दिया जाता है, शौचालय दिया जाता है, गैस का कनेक्शन दिया जाता है। एक प्रकार से परिवार के जीवन स्तर में बदलाव आए, ऐसी सारी आवश्यकताओं पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा, ‘’मैं विश्वास से कहता हूं हमारी दिशा सही है, हमारी नीति स्पष्ट है हमारी नीयत पर कोई शक नहीं कर सकता है। जिस दिशा में जा रहे हैं, हम मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखते हैं, जी-जान से जुटते हैं क्योंकि हमारे लिए सवा सौ करोड़ देशवासी ही हमारा परिवार हैं।‘’  प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि महात्मा गांधी के 150वें जन्म-जयंती समारोह के तहत हिंदुस्तान में एक भी परिवार 18वीं सदी में जीने को मजबूर नहीं होगा, हर किसी के घर में बिजली होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति आज ऐसी हो गई है कि देश के पराक्रमी वीरों पर लांछन लगाने में भी उसे शर्म नहीं आती। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते जब वो भारत सरकार के एक कार्यक्रम के तहत देश की जल सेना, थल सेना, वायु सेना इनकी एक महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए राजस्थान आए थे, तो जिनको भाजपा की प्रगति से परेशानी होती है, उन्होंने लिख दिया कि मोदी चुनावों का बिगुल बजाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसे पराक्रम का पर्व मनाना एक गौरव की बात है लेकिन कांग्रेस को आखिर क्या हो गया है जो उसमें भी वो गंदी राजनीति से बाज नहीं आ रही। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास जताया कि विधानसभा चुनावों में इस बार राजस्थान अपनी परंपरा बदलने जा रहा है। पहले राजस्थान की परंपरा थी कि एक बार कांग्रेस, एक बार बीजेपी लेकिन इस बार ये परंपरा टूटने जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की विजय के लिए ...’हर बूथ कमल बूथ, हर बूथ सबल बूथ...मेरा बूथ सबसे मजबूत’, इस संकल्प को लेकर चुनावों में जाने का आह्वान किया।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.