पीएम मोदी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में परिवर्तन रैली को संबोधित किया #ParivartanRally
बिहार को बेरोजगारी और गुंडा राज से मुक्त कराना ही होगा: प्रधानमंत्री
बिहार को हम लूट और जंगल राज के युग में वापस नहीं भेज सकते: प्रधानमंत्री मोदी
केंद्र की एनडीए सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री बिहार से हैं: प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने बिहार के लोगों का आग्रह किया है कि वे बुद्धिमानी से अपना मत दें और एक स्थिर भाजपा सरकार को चुनें

25 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में व्यापक ‘परिवर्तन रैली’ को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के लोगों का उत्साह यह दिखाता है और एक स्पष्ट संकेत है कि राज्य में अभी आगे होने वाले चुनाव में कौन जीतेगा। उन्होंने कहा, “मैं इतने सारे लोगों को देख रहा हूँ लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात जो मैं देख रहा हूँ, वह है जज़्बा...परिणाम स्पष्ट है कि यहाँ अगली सरकार कौन बनाएगा।”

बिहार मुख्यमंत्री की चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जब भी वे सोशल मीडिया पर ट्वीट या पोस्ट करते थे तो कुछ नेता उनका मजाक उड़ाया करते थे लेकिन अब इन्हीं नेताओं को ट्वीट करना अच्छा लगने लगा है और वे अब नियमित रूप से ट्वीट कर रहे हैं।

श्री मोदी ने आगे कहा, “एक समय था जब बिहार के मुख्यमंत्री कहा करते थे कि हमारे पास यहाँ पहले से ही एक मोदी हैं। आपको यहाँ आने की क्या जरूरत है? आप मत आईये।” श्री मोदी ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि 10 साल से सत्ताधीन पिछले प्रधानमंत्री ने केवल एक बार बिहार का दौरा किया था और वो भी हवाई सर्वेक्षण। लेकिन उन्होंने 14 महीने में बिहार का दौरा नहीं किया, इससे मुख्यमंत्री को चिंता होने लगी!

प्रधानमंत्री ने बिहार के लिए अपने विकास के एजेंडे का उल्लेख करते हुए कहा कि जल्द ही राज्य की स्थिति में बदलाव आएगा। राज्य में शांति होगी, लोगों को रोजगार मिलेगा और ‘गुंडा राज’ से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा, “क्या आपको नहीं लगता कि बिहार में बदलाव होना चाहिए, यहाँ की स्थिति बेहतर होनी चाहिए और इस राज्य में जहाँ अँधेरा घिर चुका है, वहां प्रकाश आना चाहिए।” प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लोगों से आग्रह किया कि वे बुद्धिमानी से अपना वोट दें और एक स्थिर भाजपा सरकार का चुनाव करें जो क्षेत्र में विकास कार्य के प्रति समर्पित है।

प्रधानमंत्री ने राज्य की प्रगति को अवरुद्ध करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई प्रश्न किये। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के कारण एक राज्य के विकास को रोक देना निराशाजनक है। उन्होंने कहा, “अगर मैं इतना बुरा था तो आप मुझे थप्पड़ मार सकते थे, मेरा गला दबा सकते थे लेकिन आपने पूरे राज्य के विकास का गला क्यों घोंट दिया। गुस्सा होना स्वाभाविक है, सोच अलग-अलग हो सकती है। मैं निराश हूँ, आपने मेरे साथ जो किया, उसके लिए नहीं बल्कि जो आपने बिहार के लोगों के साथ किया, मैं उससे दुखी हूँ।”

श्री मोदी ने आगे कहा कि बिहार को हम लूट और ‘जंगल राज’ के युग में वापस नहीं भेज सकते। उन्होंने एक बार फिर से बिहार के लोगों से आग्रह किया कि वे भाजपा को सेवा करने का मौका दें। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने राष्ट्र में अधिकतम योगदान किया है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र में एनडीए सरकार में सबसे ज्यादा मंत्री बिहार से हैं जिन पर महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार को एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले। उन्होंने कहा, “जो लोग यह कहते हैं कि वे यहां मोदी नहीं चाहते, और अगर वे यहाँ अपनी सरकार बना लेंगे तो बिहार को इसेसे लाभ नहीं होगा।” श्री मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को किसानों और गरीबों के कल्याण, उद्योग लगाने और गांवों में बिजली जैसे मुद्दों में कोई रुचि नहीं है। उनके लिए मुद्दे हैं कि कौन सांप है, कौन जहर खा रहा है और कौन जहर दे रहा है। उन्होंने लोगों को यह भी बताया कि अतीत में कैसे श्री जार्ज फर्नांडीस, श्री सुशील मोदी और श्री जीतन राम मांझी अपमानित होना पड़ा है।

राष्ट्रीय जनता दल पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरजेडी का मतलब है – ‘रोजाना जंगल राज का डर’। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव इसी ‘डर’ या भय से मुक्ति का माध्यम बनेगा।

उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि आने वाले समय में बिहार विकास का गवाह बनेगा। उन्होंने वादा किया कि प्रदेश में 24x7 बिजली की आपूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार के कल्याण के लिए इसे 50,000 करोड़ रुपये से भी बड़ा पैकेज दिया जाएगा जिसके लिए केन्द्र सरकार काम कर रही है।

इस रैली में केंद्रीय मंत्री श्री राम विलास पासवान, श्री राधा मोहन सिंह, श्री अनंत कुमार, श्री राम कृपाल यादव, श्री उपेंद्र कुशवाहा, पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी, पूर्व उप-मुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी, श्री नंद किशोर यादव, श्री मंगल पांडे एवं अन्य नेता मंच पर उपस्थित थे।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।