केंद्र में एनडीए सरकार और उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार किसानों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है: प्रधानमंत्री मोदी
बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य के किसानों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से समय पर अपनी फसलों के लिए समर्थन मूल्य मिल रहा है: पीएम मोदी
देश के हर वर्ग के लोगों को हम पर विश्वास है इसके बावजूद कुछ पार्टियां संसद में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आईं: प्रधानमंत्री
संसद में हमने बार-बार विपक्षी दलों से सवाल किया कि वे अविश्वास प्रस्ताव क्यों लेकर आए, लेकिन वे देश को इसका जवाब नहीं दे सके: प्रधानमंत्री मोदी
एक ‘यंग न्यू इंडिया’ उभर रहा है जिसकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता, देश का युवा अन्य पार्टियों की रणनीति को अच्छी तरह से पहचानता है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक विशाल किसान कल्याण रैली को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने शाहजहांपुर से जुड़े बिस्मिल, विद्रोही और विकल जैसे शहीदों को नमन किया।

रैली में प्रधानमंत्री को सुनने आए किसानों और आम लोगों के सैलाब को देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके आशीर्वाद और उत्साह से वे अभीभूत हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार ने गन्ने के लागत मूल्य पर लगभग 80 प्रतिशत का सीधा लाभ देने का फैसला किया है। इस बार सरकार ने गन्ने का मूल्य 20 रुपये बढ़ाकर 275 रुपये कर दिया है। गन्ने पर लागत अभी 155 रुपये प्रति क्विंटल है, जिसके आधार पर उसका तय मूल्य पौने दो गुना अधिक है। अगर चीनी की रिकवरी प्रति क्विंटल कम भी रहती है तो भी किसानों को पहले से अधिक का भाव मिलेगा। इसके अलावा धान, मक्का ,दाल और तेल वाली 14 फसलों के सरकारी मूल्य में भी 200 से 1,800 रुपये की ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 5 करोड़ गन्ना किसानों के हित में हाल में अनेक फैसले लिए गए हैं। गन्ने का पूरा बकाया जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। चीनी के आयात पर 100 % शुल्क लगाया गया। 20 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी गई। चीनी का न्यूनतम मूल्य तय किया गया। प्रति क्विंटल 5.50 रुपये का अतिरिक्त मदद किसानों के खाते में सीधे जमा करने का फैसला किया। पहले पैसा चीनी मिलों को दिया जाता था, लेकिन अब सरकार ने किसानों के खाते में सीधे देने का फैसला किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते महीनों से पुराना बकाया निरंतर कम हो रहा है, जिसमें आने वाले समय में और तेजी आने वाली है। गन्ने के अधिक पैदावार होने पर उससे ईंधन बनाने का भी फैसला किया गया। गन्ने से इथेनॉल बनाकर पेट्रोल में मिलाने की तकनीक के लिए चीनी मिलों को आर्थिक मदद की भी व्यवस्था की गई। बीते 4 वर्षों में इथेनॉल का उत्पादन पहले के 40 करोड़ लीटर से 4 गुना बढ़कर इस साल के अंत तक 160 करोड़ लीटर हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 दशकों से लटकी बाणसागर सिंचाई परियोजना का हाल ही में उन्होंने लोकार्पण किया है। इसके अलावा देश में लगभग 80 हजार करोड़ की लागत से लगभग 100 लटकी हुई सिंचाई परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी में फर्टिलाइजर कारखाने बंद हो गए थे, जिन्हें उनकी सरकार फिर से चालू करने में जुटी है। इन कारखानों के बंद होने से हजारों लोग बेरोजगार हो गए थे। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और सिंदरी में आने वाले वर्षों में फर्टिलाइजर उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यूरिया की नीम कोटिंग से उसकी चोरी तो बंद हुई ही है, फसलों का उत्पादन भी बढ़ा है। जबकि, नीम की फली जमा करके महिला स्वयं सहायता समूहों को लाखों के कारोबार का भी अवसर मिल रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में गेहूं और धान की खरीदारी क्रमश: 6 गुना और 4 गुना करने पर राज्य के मुख्यमंत्री और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता आने से बिचौलिए दूर हुए हैं और किसानों को उचित मूल्य मिल पा रहा है। जबकि टेक्नोलॉजी अपनाने के चलते देश की जनता का 90 हजार करोड़ रुपया गलत हाथों में जाने से बच गया है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लोगों का भरोसा जीता है, जिसके बाद वो निवेश बढ़ाने के प्रयासों में जुटी है। रोड, रेल और बिजली का काम 4 वर्षों से दो गुना गति से चल रहा है। यूपी में 500 मेगावॉट का सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी कहा कि शाहजहांपुर का इतिहास आजादी के संघर्ष से जुड़ा है और वहां की धरती ऋषि-मुनियों से जुड़ी है। इसलिए इसे पर्यटन के लिए उभारने के प्रति भी सरकार प्रतिबद्ध है, ताकि युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके।

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि जब एक ही पार्टी का पंचायत से पार्लियामेंट तक राज चलता था, तब कौन एक रुपये को घिस-घिस कर 15 पैसे बना देता था? ये कौन पंजा था जो रुपये में से 85 पैसे मार लेता था? प्रधानमंत्री ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र कर कहा कि क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना गुनाह है? लाल बत्ती छीन लेना गुनाह है? लेकिन, जब अविश्वास प्रस्ताव लाने का कारण पूछा गया तो कारण नहीं बताकर गले पड़ गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई दलों के मिलने से दलदल बन जाता है और दलदल में ज्यादा कमल खिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग आज के भारत का मर्म नहीं समझते हैं। अहंकार, दंभ और दमन की आदतें आज का युवा भारत एक पल भी सहने को तैयार नहीं है।

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।