70 सालों तक कांग्रेस पार्टी ने केवल अपने कल्याण के बारे में सोचा इसके साथ ही किसानों को धोखा दिया और वोट बैंक के रूप में उनका इस्तेमाल किया: प्रधानमंत्री मोदी
एनडीए सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध, इसलिए हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर किया गया अपना वादा पूरा किया है: पंजाब में पीएम मोदी
खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में 1.5 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनका सशक्तिकरण होगा: प्रधानमंत्री
न्यूनतम समर्थन मूल्य के संबंध में कांग्रेस झूठ और अफवाह फैल रही है: प्रधानमंत्री मोदी
जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना और फसल बीमा योजना जैसी पहल से किसान बड़े पैमाने पर लाभान्वित हो रहे हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पंजाब के मलोट में किसान कल्याण रैली को संबोधित किया। रैली में पंजाब के अलावा पड़ोसी राज्य राजस्थान और हरियाणा के भी किसान बड़ी संख्या में पहुंचे थे। रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसान हमारे देश की आत्मा और अन्नदाता हैं। देश के किसानों ने बीते चार वर्षों में गेहूं, धान, कपास, दालों के उत्पादन के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। किसानों ने रिकॉर्ड पैदावार से देश के अन्न भंडारों को भर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘चाहे सीमा पर खड़ा जवान हो या खेत में जुटा किसान, दोनों के सम्मान का काम हमारी सरकार ने किया है। हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन को पूरा किया है, वहीं एमएसपी में बढ़ोतरी का वादा भी निभाया है।’’ श्री मोदी ने बताया कि एनडीए सरकार ने खरीफ की 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है।  धान, कपास, मक्का, बाजरा, तूर, उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन के समर्थन मूल्य में 200 रुपये से 1800 रुपये तक की वृद्धि की गई है। कई फसलों में तो लागत का दोगुना मूल्य मिलना तय किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस फैसले से पंजाब के साथ हरियाणा और राजस्थान के किसानों को बहुत फायदा होने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पंजाब का कपास देश और दुनिया में मशहूर है। कपास की पैदावार में प्रति क्विंटल 3,400 रुपये की लागत मानी जाती है। एमएसपी के तहत छोटे रेशे के लिए सरकारी भाव 5,150 रुपये और बड़े रेशे के लिए 5,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यानि अब तक कपास का जितना सरकारी भाव आपको मिलता था उससे 1130 रुपये अधिक मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी तरह धान के समर्थन मूल्य में भी पहले की तुलना में सीधे 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मक्के की एमएसपी में 275 रुपये की बढ़ोतरी कर इसका समर्थन मूल्य 1,700 रुपये किया गया है। मक्के के अलावा ज्वार, रागी जैसे अनाज के लिए भी 50 प्रतिशत से अधिक का लाभ सुनिश्चित किया गया है। बाजरा का समर्थन मूल्य लागत से लगभग दोगुना यानि 1,950 रुपये कर दिया गया है। रागी के एमएसपी में लगभग 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ी हुई एमएसपी का फायदा अपनी जमीन के साथ ही पट्टे की जमीन पर खेती करने वालों को भी मिलने वाला है। फसल की लागत में पट्टे वाले किसान का भी पूरा ध्यान रखा गया है। उपज की लागत में खेती के दौरान किसान और उसके परिजनों के श्रम का मूल्य, मजदूरी का खर्चा, मशीन का किराया, जमीन का किराया, बीज व खाद की कीमत, सिंचाई पर हुए खर्च को जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए बीते चार वर्षों से प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए बीज से बाजार तक एक व्यापक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। फसल की तैयारी से लेकर मार्केट में बिक्री तक आने वाली हर समस्या का समाधान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक देश में 15 करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड बांटे जा चुके हैं। पिछली सरकार ने सिर्फ मिट्टी की जांच के लिए 50-55 करोड़ रुपये खर्च कर सिर्फ 40-45 लैब बनाई थीं, वहीं एनडीए सरकार ने 9,000 से अधिक जांच केंद्रों को मंजूरी दी है। एनडीए सरकार ने मिट्टी की जांच के लिए 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि एनडीए सरकार ने उन्नत किस्म के बीजों पर भी ध्यान दिया है। पहले की सरकार में 4 वर्षों में बीजों की 450 वैरायटी जारी हुई थी, वहीं एनडीए सरकार ने 800 से अधिक बीजों की वैरायटी किसानों तक पहुंचाई है। उन्नत क्वालिटी के बीज की वजह से ही धान का उत्पादन 300 प्रतिशत बढ़ा है। सरकार ने यूरिया की कालाबाजारी और किल्लत को भी खत्म किया है। यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग कर बेईमानी को रोका है और आज देशभर में किसानों को पर्याप्त यूरिया मिल रहा है। श्री मोदी ने बताया कि पानी किसानों के खेतों तक पहुंचे, इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत देश की 25 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन को माइक्रो इरिगेशन के तहत लाया गया है। फसल की बिक्री और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए देश के लगभग 22 हजार ग्रामीण हाटों को अपग्रेड करने का काम हो रहा है। eNAM के माध्यम से इंटरनेट पर घर बैठे फसल बेचने की वैकल्पिक व्यवस्था की है। देश की 600 से ज्यादा और पंजाब की 19 मंडियां इससे जुड़ चुकी हैं। इससे किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिली है।

श्री मोदी ने बताया कि सब्जियों और फलों की बर्बादी न हो इसके लिए प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना चल रही है। इसके तहत देशभर में आधुनिक तकनीक से नए गोदाम बनाए जा रहे हैं, फूड पार्क बनाए जा रहे हैं, सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दी गई है, इससे भी किसानों को लाभ होने वाला है। उपज को मंडियों तक ले जाने में होने वाली परेशानी को खत्म करने के लिए कनेक्टिविटी पर ध्यान दिया जा रहा है। एनएच 58 को फोर लेन किया जा रहा है। हिसार में बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ ही ऑर्गेनिक फार्मिंग, पशुपालन, मुर्गी पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते चार वर्षों में 21 प्रतिशत अधिक दूध का उत्पादन हुआ। चार वर्षों में शहद के उत्पादन में भी 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पराली जलाने की समस्या पर कहा कि केंद्र सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए पंजाब, हरियाणा,यूपी, दिल्ली के लिए 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार उन मशीनों के लिए 50 प्रतिशत की सहायता दे रही है जिससे पराली का कोई उपयोगी इस्तेमाल किया जा सकता हो। उन्होंने पंजाब और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए किसानों से पराली न जलाने की अपील भी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पराली को जलाने की जगह उसे खेत में मिला दें, इससे खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांव के लोगों का जीवन सरल और सुगम बनाने के लिए मौजूदा सरकार प्रतिबद्ध है। इसी भावना के तहत राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान देशभर में चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी के पास जन धन खाते, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, बीमा सुरक्षा योजना, टीकाकरण, एलईडी बल्ब सुनिश्चित करने का अभियान चलाया जा रहा है। श्री मोदी ने बताया कि सरकार की जनहित की योजनाओं से पंजाब के लोगों को सर्वाधिक लाभ हुआ है। आज यहां 60 लाख से अधिक जन धन खाते खुल चुके हैं। उज्ज्वला के तहत 7.5 लाख मुफ्त गैस कनेक्शन मिल चुके हैं। मुद्रा योजना के तहत 23.5 लाख लोगों को बिना गारंटी कर्ज मिल चुका है, जिसमें 13 लाख से अधिक पंजाब की माताएं-बहनें हैं। लगभग 40 लाख लोग जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा से जुड़े हैं। इसके तहत 50 करोड़ का क्लेम भी मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव का गौरव और किसान का सम्मान फिर से स्थापित करने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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प्रधानमंत्री ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ वार्ता की
June 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

 

वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

 

“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”

 

“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”