ऊर्जा सहयोग भारत और रूस के संबंधों में एक बड़ा मुकाम: प्रधानमंत्री मोदी 
भारत और रूस 2025 तक 30 बिलियन अमरीकी डालर के निवेश के लक्ष्य को हासिल करने के करीब: पीएम मोदी 
व्यापार, वाणिज्य, इनोवेशन और इंजीनियरिंग इस युग में अत्यंत महत्वपूर्ण: प्रधानमंत्री 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सेंट पीटर्सबर्ग में 18वीं वार्षिक भारत-रूस शिखरवार्ता में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन से मुलाकात की।

शिखरवार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात के मुख्‍य मंत्री के रूप में वर्ष 2001 में सेंट पिटर्सबर्ग की अपनी पहली यात्रा की याद आई। उन्‍होंने कहा कि भारत और रूस के बीच रक्षा से लेकर संस्‍कृति तक के विषयों पर अच्‍छे संबंध हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच 70 वर्षों के राजनयिक संबंधों के दौरान विभिन्‍न द्विपक्षीय और वैश्विक विषयों पर उल्‍लेखनीय तालमेल रहा है।

प्रधानमंत्री ने आज जारी की गई सेंट पीटर्सबर्ग घोषणा का उल्‍लेख एक अशांत, इंटरडिपेंडेंट और इंटरकनेक्‍टेड विश्‍व में अस्थिरता के बैंचमार्क के रूप में किया। उन्‍होंने कहा कि SPIEF में एक अतिथि देश के रूप में भारत की भगीदारी तथा कल वहां उनके दिए जाने वाले संबोधन से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहायोग और अधिक बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सहयोग का उल्‍लेख भारत और रूस के बीच संबंध के स्‍तंभ के रूप में किया और इस बात पर गौर किया कि आज की गई वार्ता और लिए गए निर्णयों से परमाणु, हाइड्रोकार्बन तथा अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग और अधिक मजबूत होगा। इस संबंध में उन्‍होंने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की 5 और 6 यूनिटों के समझौते का जिक्र किया।  

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच व्‍यापार और वाणिज्यिक रिश्‍तों को बढ़ाने में निजी क्षेत्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत और रूस वर्ष 2025 तक 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर  की लागत के लक्ष्‍य को पूरा करने के काफी करीब हैं।

कनेक्टिविटी के विषय पर बोलते हुए प्रधान मंत्री ने इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कोरिडोर में दोनों देशों के बीच सहयोग का उल्‍लेख किया। अपने संबोधन में प्रधान मंत्री ने, अन्‍य पहलों में, स्‍टार्टअप और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने हेतु "bridge to innovation" तथा यूरेसियन इकनोमिक यूनियन के साथ फ्री ट्रेड समझौते पर आगे शुरू होने वाली चर्चाओं का जिक्र किया।

भारत-रूस संबंध के जांचे-परखे सामरिक संबंध को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच आगामी प्र‍थम Tri-services exercise - INDRA 2017 का जिक्र किया। उन्‍होंने Kamov 226 हेलिकॉप्‍टरों और युद्ध पोत (frigates) के प्रॉडक्‍शन के लिए डिफेंस प्रॉडक्‍शन ज्‍वाइंट वेंचर्स का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री  ने क्रास बॉर्डर आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को रूस की बिना शर्त सहायता का स्‍वागत किया।

संस्‍कृति के विषय पर प्रधान मंत्री ने कहा भारत में रूसी संस्‍कृति की गहरी जागरूकता तथा रूस में योग और आयुर्वेद के प्रति जागरूकता काफी संतोष का विषय है।

प्रधानमंत्री ने भारत-रूस संबंधों को मजबूती मिलने में राष्‍ट्रपति पुतिन के नेतृत्‍व का स्‍वागत और प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की कि दिल्‍ली में एक सड़क का नाम बदलकर राजदूत ऐलेक्‍जेंडर कडाकिन किया गया है, जिन्‍हें उन्‍होंने भारत का एक मित्र बताया, जिनका हाल ही में देहांत हो गया था।

इससे पूर्व, दोनों देशों के CEOs को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने रूसी कंपनियों को भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के प्रमुख क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और सामरिक क्षेत्र में अवसरों का विशेष रूप से उल्‍लेख किया।

भारत और रूस ने परमाणु ऊर्जा, रेलवे, रत्‍न एवं जेवरात, पारंपरिक ज्ञान और सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान क्षेत्रों को कवर करते हुए आज पांच समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए।

इससे पहले, आज प्रधानमंत्री ने Piskarovskoye Cemetery में Battle of Leningrad के बहादुर सैनिकों और ज़ांबाजों को श्रंद्धाजलि दी।  

 

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प्रधानमंत्री 2 अगस्त को 'नशा मुक्त युवा- विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत करेंगे
August 01, 2026
इसका उद्देश्‍य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 2 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा- विकसित भारत संकल्प अभियान' का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस शुभारंभ के साथ ही मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध 100 सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत, नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए देश भर में हर रविवार को साप्ताहिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों में खेलों का आयोजन, वाकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम होंगे।

इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध एक सामूहिक आंदोलन के लिए शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करना है।

इस कार्यक्रम में देशभर के 10,000 से अधिक स्थानों से युवा भाग लेंगे। माय भारत वॉलिंटियर्स, माय भारत नेशनल सर्विस स्‍कीम वॉलिंटियर्स, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर सरकारी संगठन, उद्योग संघों के युवा विंग और 125 से अधिक सहयोगी आध्यात्मिक संगठन इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लेंगे।