आसियान क्षेत्र भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट नीति' के केंद्र में: प्रधानमंत्री मोदी 
भारत में बदलाव का कार्य अभूतपूर्व स्तर पर चल रहा है: पीएम मोदी 
डिजिटल लेन-देन में काफी वृद्धि हुई, हम लोगों तक पहुंचने के लिए तकनीक का उपयोग कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
हमने मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस को ध्यान में रखते हुए पिछले 3 वर्षों में लगभग 1200 पुराने कानून निरस्त किए: प्रधानमंत्री मोदी 
हम भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना चाहते हैं, हम अपने युवाओं को नौकरी देने वाला बनाना चाहते हैं: पीएम मोदी

श्री जोए कंसेप्शियन

अध्यक्ष आसियान व्यवसाय, परामर्शी परिषद,

महामहिम,

देवियों और सज्जनों,

मैं प्रारंभ में ही विलंब के लिए क्षमा प्रार्थी हूं। राजनीति की तरह व्यवसाय में भी समय और समय पालन दोनों बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। लेकिन कभी-कभार अपनी भरपूर कोशिश के बावजूद हम कुछ कर नहीं पाते। मुझे फिलीपिंस की अपनी पहली यात्रा पर मनीला पहुंच कर प्रसन्नता हो रही है।

भारत और फिलिपिंस की अनेक विषयों में समानता है :

• हम दोनों बहुलवादी समाज हैं और आकर्षक लोकतंत्र हैं।

• विश्व में हमारी अर्थव्यवस्थाएं तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं।

• हमारे पास नवाचारी और उद्यमी युवा और महत्वकांक्षी आबादी है।

• भारत की तरह ही फिलिपिंस सेवा क्षेत्र का पावर हाउस है।

और भारत की तरह ही फिलिपिंस में भी सरकार परिवर्तन चाहती है, समावेशी विकास, संरचना विकास और भ्रष्टाचार से लड़ना चाहती है। हमारी अनेक शीर्ष आईटी कंपनियों ने यहां निवेश किया है। ये कंपनियां हजारों रोजगार सृजन कर रही हैं और पूरे विश्व में फिलिपिंस के सेवा क्षेत्र को प्रभावित कर रही हैं।

मित्रों,

आज सुबह आसियान शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में हमने रामायण पर आधारित शानदार नृत्य-नाटक “रामहरि” देखा। इसमे दिखाया गया कि किस तरह एतिहासिक रूप से भारत और आसियान की जनता एक-दूसरे से जुड़ी है। यह बंधन केवल एतिहासिक बंधन नहीं है। यह एक जीवंत साझी विरासत है। मेरी सरकार की एक्ट ईस्ट नीति इस क्षेत्र को सहयोग के केंद्र में रखती है। आसियान क्षेत्र के प्रत्येक देश के साथ हमारे असाधारण राजनीतिक और जन संबंध हैं। हम इसी स्तर पर अपने आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों को लाना चाहते हैं।

मित्रों,

अप्रत्याशित स्तर पर भारत को बदलने का काम किया जा रहा है। हम सहज, प्रभावी और पारदर्शी शासन संचालन सहित सुशासन सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए हमने दूरसंचार स्पेक्ट्रम, कोयला खदानों तथा अन्य खनिजों और यहां तक की निजी रेडियो चैनलों सहित प्राकृतिक संसाधनों के लिए खुली नीलामी की व्यवस्था शुरू की है। इससे राजस्व में 75 बिलियन अमेरीकी डॉलर मिला है। टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए हम दायित्व बढ़ा रहे हैं तथा विवेकाधिकार और भ्रष्टाचार को कम कर रहे हैं। इसके लिए हम वित्तीय लेनदेन और कराधान में यूनिक आईडी सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं और इसके परिणाम दिखने लगे हैं। उच्च मूल्य के नोटों को बंद करने के साथ-साथ इन कदमों से हम अपनी अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को औपचारिक रूप दे रहे हैं। आयकर रिटर्न भरने वाले नए करदाताओं की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। नकद रहित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के साथ एक वर्ष में डिजिटल लेनदेन में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमने टेक्नोलॉजी का उपयोग लोगों तक पहुंचने के लिए किया है। ऑनलाइन नागरिक भागीदारी मंच माईगोव से 2 मिलियन अति सक्रिय नागरिकों की ओर से सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में विचार और सुझाव तथा इनपुट मिले हैं।

हमने प्रगति नामक नया मंच प्रारंभ किया है जो सक्रिय शासन संचालन और समयबद्ध कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए है। मैं इसके अंतर्गत पूरे देश के अधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंस के जरिये परियोजना क्रियान्वयन और लोक शिकायत समाधान की समीक्षा कर पाता हूं। न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन पर बल देते हुए तीन वर्षों में 1200 पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया गया है।

दिवालियापन और दिवाला और आइपीआर तथा मध्यस्थता के लिए नए कानून और संस्थान बनाए गए हैं। 36 उद्योगों को पर्यावरण मंजूरी की आवश्यकता दायरे से बाहर निकाला गया है। अब कंपनी का निगमीकरण एक दिन की बात हो गई है। हमने औद्योगिक लाइसेंस प्रणाली को सरल बनाया है तथा पर्यावरण और वन मंजूरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आरंभ की है। इन सभी कदमों से नया कारोबार शुरू करना सहज हो गया है और परिणाम स्पष्ट हैं।

भारत ने इस वर्ष विश्व बैंक कारोबारी सुगमता सूचकांक में 32 स्थानों की छंलाग लगाई है। किसी भी देश की यह सबसे बड़ी छलांग है और यह भारत के दीर्घकालिक सुधार मार्ग को मान्यता है।

और विश्व इस पर ध्यान दे रहा है :

- विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक स्पर्धी सूचकांक में हम पिछले 2 वर्षों में 32 स्थान आगे बढ़े हैं।

- हम 2 वर्षों में डब्ल्यूआईपीओ के वैश्विक नवाचार सूचकांक में 32 स्थान आगे बढ़े हैं।

- हमने विश्व बैंक के लाजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक 2016 में 19 स्थानों की छलांग लगाई है।

मित्रों,

अब हमारी अर्थव्यवस्था के अधिकतर क्षेत्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खुले हैं। एफडीआई क्षेत्र का 90 प्रतिशत से अधिक स्वतः मंजूरी दायरे में है। भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अग्रणी रूप में उभरा है। हमें पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष 67 प्रतिशत से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुए हैं। अब हम वैश्विक रूप से एकीकृत अर्थव्यवस्था हैं। हाल के कुछ बड़े सुधारों से पहले यह उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

इस वर्ष जुलाई में हमने पूरे देश में एकरूप वस्तु और सेवाकर प्रणाली लागू की है। पूरे भारत में अनेक राज्य स्तरीय और केंद्र स्तरीय करों को समाप्त कर दिया गया है। हमारे देश की विशालता और विविधता और संघीय स्वभाव को देखते हुए यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। साथ-साथ हम मानते हैं कि यह पर्याप्त नहीं है। मित्रों, भारत की बड़ी आबादी की बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं थी। इससे यह आबादी बचत के अवसरों तथा संस्थागत ऋण से वंचित हो जाती थी। जन धन योजना से कुछ महीनों के अंदर ही लाखों भारतीयों के जीवन में बदलाव आया है। एक वर्ष में 197 मिलियन बैंक खाते खोले गए।

इस वर्ष अगस्त तक भारतीय बैंकों में ऐसे 290 मिलियन खाते खोले गए हैं। सहज नकद रहित लेनदेन के लिए लगभग 200 मिलियन रूपे कार्ड जारी किए गए। बैंकिंग सेवाओं तक गरीब लोगों की पहुंच सरकार में भ्रष्टाचार से निपटने में बड़ी भूमिका निभाई है। अब प्रत्यक्ष लाभ अंतरण रूप में सब्सिडी, गरीबों के खाते में प्रत्यक्ष रूप से जमा कर दी जाती है। इससे चोरी खत्म हो गई है और किसी तरह के विवेकाधिकार की संभावना नहीं रह गई है। केवल रसोईगैस के मामले में बैंक खातों के जरिये 146 मिलियन लोग प्रत्यक्ष नकद सब्सिडी प्राप्त कर रहे हैं। आज सरकार 59 अलग-अलग योजनाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का उपयोग कर रही है। वांछित लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 10 मिलियन अमेरीकी डॉलर की सब्सिडी अंतरित की जा रही है।

मित्रों,

इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय उद्यमिता है। हमने ‘मेक इन इंडिया’ नामक अभियान प्रारंभ किया है। उसके माध्यम से हम भारत को वैश्विक वैल्यू चेन में प्रमुख भागीदार के रूप में बदलने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हम भारत को वैश्विक मैन्यूफैक्चरिंग केंद्र बनाना चाहते हैं। साथ-साथ हम चाहते हैं कि हमारे युवा रोजगार सृजनकर्ता बनें न कि महज रोजगार चाहने वाले बनें। इसके लिए हमने स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया अभियान लांच किया है। छोटे उद्यमियो की उद्यमी ऊर्जा को मुक्त बनाने में एक प्रमुख बाधा है कि वित्त के लिए गारंटी की कमी है। भारत में पहली बार मुद्रा योजना के अंतर्गत गारंटी मुक्त ऋण 90 मिलियन से अधिक छोटे उद्यमियों को दिए गए हैं। यह अर्थव्यवस्था में छोटे उद्यमियों के योगदान को मान्यता देना है और ऐसे व्यक्ति को सशक्त बनाना है जिसके पास कामकाजी कारोबार का विचार है लेकिन किसी तरह की गारंटी नहीं है। मैं फिलिपिंस और आसियान क्षेत्र में उद्यमिता को दिए जा रहे महत्व को देख रहा हूं। इस शिखर सम्मेलन में उद्यमियो के लिए आसियान संरक्षण सराहनीय कदम है। वास्तव में निकट भविष्य में विश्व विकास का इंजन दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया होगा। हम इस क्षेत्र में भूमि, समुद्र और वायु संपर्क बनाना चाहते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों को जोड़ने के लिए म्यांमार और थाइलैंड के जरिये त्रिपक्षीय बनाने का काम जारी है। हम भारत और आसियान के बीच समुद्री परिवहन पर समझौता शीघ्र संपन्न कराने के लिए काम कर रहे हैं और अपने निकटतम समुद्री पड़ोसियों के साथ तटीय जहाजरानी सेवाओं की संभावना तलाश रहे हैं। वायु संपर्क के क्षेत्र में आसियान देश भारत के चार मेट्रो शहरों और 18 अन्य स्थानों के लिए दैनिक सेवा प्रदान करते हैं। हमने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रानिक वीजा देने जैसे कदम उठाए हैं। संपर्क की प्रमुखता को देखते हुए भारत सभी आसियान देशों के मंत्रियों, अधिकारियों तथा व्यवसाय प्रतिनिधियों के लिए अगले महीने नई दिल्ली में आसियान-भारत संपर्क शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है। भारत इस क्षेत्र में व्यवसाय का अवसर देख रहा है। मैं आश्वस्त हूं कि आसियान व्यवसाय समुदाय भारत में व्यवसाय की क्षमता को मान रहा है। आप में से कुछ भारत में पहले से काम कर रहे हैं तो अन्य लोग भारत में संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। अगले वर्ष जनवरी में आसियान नेताओं के आसियान भारत स्मृति शिखर सम्मेलन के साथ-साथ हम आसियान भारत व्यवसाय और निवेश बैठक तथा एक्सपो भी आयोजित कर रहे हैं। मैं आप सभी को इसमें शामिल होने का निमंत्रण देता हूं। यह भारत में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा आसियान केंद्रित व्यावसायिक आयोजन होगा। भारत आपकी विकास गाथा में भागीदारी की कामना करता है और आसियान के सभी देशों को अपनी विकास गाथा में भाग लेने का निमंत्रण देता है।

माबूहाय!

मरामिंग सलामात!

धन्यवाद। 

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Prime Minister Condoles the Passing of Shri Maroof Raza Ji
February 26, 2026

Prime Minister Narendra Modi has expressed grief over the passing of Shri Maroof Raza Ji, honoring his legacy in the fields of journalism.

The Prime Minister stated that Shri Maroof Raza Ji made a rich contribution to the world of journalism. He noted that Shri Raza enriched public discourse through his nuanced understanding of defence, national security, and strategic affairs.

Expressing his sorrow, the Prime Minister said he is pained by his passing and extended his condolences to his family and friends.
The Prime Minister shared on X:

“Shri Maroof Raza Ji made a rich contribution to the world of journalism. He enriched public discourse with his nuanced understanding of defence, national security as well as strategic affairs. Pained by his passing. Condolences to his family and friends”