हम त्रिपुरा के लिए 3 T पर फोकस कर रहे हैं - ट्रेड (व्यापार), टूरिज्म (पर्यटन) और ट्रेनिंग फॉर यूथ (युवाओं के लिए प्रशिक्षण): प्रधानमंत्री मोदी
रोजवैली जैसे घोटालों के चलते त्रिपुरा का गरीब बरबाद हो गया, जिन लोगों ने त्रिपुरा के गरीबों को लूटा है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए: पीएम मोदी
त्रिपुरा के लोगों को रोजगार के बेहतर अवसरों की जरूरत है: प्रधानमंत्री
गरीबों से चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, मतदाता उन्हें जरूर सबक सिखाएंगे: प्रधानमंत्री मोदी
7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को त्रिपुरा में लागू क्यों नहीं किया गया: पीएम मोदी
हम आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से सभी के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना चाहते हैं: प्रधानमंत्री
केंद्र त्रिपुरा के विकास के लिए पैसा भेजता है, लेकिन राज्य सरकार उसका इस्तेमाल नहीं करती है: प्रधानमंत्री मोदी
वीर बिक्रम का आधुनिक त्रिपुरा का सपना कम्युनिस्ट सरकार ने तोड़ दिया: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को त्रिपुरा के सोनामुरा और कैलाशहर में दो विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के बिना देश का विकास मुश्किल है। केंद्र सरकार ने पहली बार इस क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय बनाया है। केंद्र सरकार ने ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी भी बनाई है और इसी के अंतर्गत इन राज्यों के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। श्री मोदी कहा कि वो मानते हैं, कि जब तक पूर्वोत्तर का विकास नहीं होगा, देश का विकास असंतुलित रहेगा। देश का भाग्य तभी बदलेगा, जब त्रिपुरा का भाग्य बदलेगा। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा मंत्री यहां आए हैं और लोगों के सुख-दुख बांटने के साथ उनकी समस्याओं का समाधन किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि उनका मंत्र रहा है, ट्रांसफॉर्मेशन बाइ ट्रांसपोर्टेशन यानी विकास के लिए अच्छी सड़कें, रेल और एयरपोर्ट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ”त्रिपुरा को विकास के लिए  ‘HIRA’ की जरूरत है। H का मतलब हाईवे, I का मतलब आईवे(इंटरनेट), R का मतलब रेलवे और A का मतलब एयरवे है। हम त्रिपुरा के लोगों को HIRA देना चाहते हैं।” श्री मोदी ने जानकारी दी कि इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए नॉर्थ ईस्ट स्पेशल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी गई है। अब नार्थ ईस्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 प्रतिशत पैसा केंद्र से मिलेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 5,300 करोड़ रुपये लगाने का निर्णय लिया है। इसमें वॉटर सप्लाई, पॉवर सप्लाई, कनेक्टिविटी के माध्यम से त्रिपुरा के सामान्य जन के ईज ऑफ लिविंग को बल मिलेगा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी बताया कि हमारी सरकार टी यानी त्रिपुरा के साथ तीन और टी पर बल देना चाहती है। वो तीन टी हैं ट्रेन, टूरिज्म और नौजवानों को ट्रेनिंग। यह तीन टी त्रिपुरा के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम करेंगे। श्री मोदी ने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षो में पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल नेटवर्क के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। त्रिपुरा में सभी मीटर गेज को ब्रॉड गेज में परिवर्तित कर दिया गया है। अगरतला अब देश की राजधानी नई दिल्ली के साथ रेलमार्ग से जुड़ गया है। अब त्रिपुरा के लिए दिल्ली दूर नहीं है।

पीएम मोदी ने बताया कि त्रिपुरा में सड़कों के विकास के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई में हमारी सरकार ने 80 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है। केंद्र सरकार ने 1,700 करोड़ की लागत से  करीब-करीब 125 किलोमीटर सड़क के तीन प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 3 वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये नॉर्थ ईस्ट की फिजिकल कनेक्टिवी में लगाने की दिशा में काम किया है। अगरतला एयरपोर्ट पर 450 करोड़ की लागत से टर्मिनल बिल्डिंग बनाने की अनुमति भी दी है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि उड़ान योजना के अंतर्गत कोई भी मात्र ढाई हजार रुपये में हवाई यात्रा कर सकता है और इसका सबसे ज्यादा लाभ नॉर्थ ईस्ट के लोगों को मिलने वाला है।

श्री मोदी ने टेलिफोन और मोबाइल कनेक्टिविटी के महत्व के बारे में जनकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने ‘पिछले साल फरवरी में अगरतला में भी हमने इंटरनेशनल इंटरनेट गेटवे यानी आईआईजी और बीएसएनएल के बीम पर ट्रैफिक आरंभ कर दिया है। इंटरनेशनल इंटरनेट गेटवे पर आने वाला अगरतला, मुंबई और चेन्नई के बाद देश का तीसरा शहर है।‘

पीएम मोदी ने कहा कि ‘नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बांस की खेती होती है, पहले बांस को पेड़ की श्रेणी में रखा गया था। केंद्र सरकार ने किसानों की इस बड़ी समस्या को समझा और बांस को पेड़ से हटा कर घास की श्रेणी में ला दिया। अब त्रिपुरा समेत कई राज्यों में किसान, आदिवासी बांस की खेती कर सकते हैं और उसे बेच कर कमाई भी कर सकते हैं। इस साल के बजट में राष्ट्रीय बांस मिशन की स्थापना की गई है और उसके लिए 1,300 करोड़ का बजट भी आबंटित  किया है।‘

श्री मोदी ने बताया कि भारत सरकार ने लोगों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना शुरू किया है। इसके अंतर्गत देशभर में तीन हजार जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जहां 800 से ज्यादा दवाएं बेहद कम कीमत पर मिल रही हैं। इसका लाभ भी त्रिपुरा के लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आम बजट में लांच की गई आयुष्मान भारत योजना की भी जानकारी दी और बताया कि अब कोई भी गरीब परिवार होगा, उसके घर में बीमारी आई, ऑपरेशन की जरूरत पड़ गई तो उस परिवार को उपचार, दवाई के लिए पांच लाख रुपये खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार देश के बच्चों को अच्छी पढ़ाई, युवाओं को अच्छी कमाई और बुजुर्गों को अच्छी दवाई के सपने को पूरा करने के लिए काम कर रही है।

 

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पीएम मोदी के असम दौरे के कुछ यादगार पल
April 01, 2026

पीएम नरेन्द्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में एक चाय बागान का दौरा किया और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। बागान में घूमते हुए, उन्होंने उनके साथ थोड़ी देर चाय की पत्तियां भी तोड़ीं और उनके काम को करीब से देखा।

प्रधानमंत्री की बागान श्रमिकों के साथ हुई बातचीत यादगार रही। चाय को असम की आत्मा बताते हुए प्रधानमंत्री कहा कि चाय बागान श्रमिकों का राज्य की पहचान बनाने में बड़ा योगदान है। साथ ही, उन्होंने उस क्षेत्र को मजबूत बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है, जिसकी पहुंच दुनिया भर के बाजारों तक है।

चाय बागान में काम करने वाली महिलाओं ने अपनी संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को साझा किया। प्रधानमंत्री ने चाय बागान से जुड़े समुदायों की मेहनत और धैर्य की सराहना की और कहा कि इससे असम का गर्व और भी मजबूत हुआ है।

एक खास भावपूर्ण पल में महिलाओं ने जगत जननी मां को समर्पित एक पारंपरिक गीत भी गाया। इससे यह साफ झलकता है कि चाय बागानों में परंपराएं आज भी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यह उन लोगों के जीवन और योगदान की एक झलक भी देता है, जो असम के चाय उद्योग की रीढ़ हैं।