"Both leaders call for expanding bilateral ties, and stress on the need for reform of the United Nations 3 MoUs signed"

ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने आज ब्रासीलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। हालांकि यह श्री नरेंद्र मोदी का द्विपक्षीय दौरा नहीं है लेकिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए श्री मोदी का विशेष स्वागत किया गया। दोपहर के भोज पर प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति की बैठक से पहले राष्ट्रपति पैलेस में पूरे सैनिक सम्मान के साथ श्री मोदी का स्वागत किया गया।

प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट फीफा विश्व कप के लिए राष्ट्रपति और ब्राजील की जनता को बधाई दी। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन और उसे सफल बनाने के लिए राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।

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ब्राजील को भारत का प्रमुख वैश्विक भागीदार बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि दोनों लोकतंत्र और प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के पास न सिर्फ आपसी सहयोग के लिए बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एक दूसरे को मजबूत करने तथा व्यापक रूप में विकासशील जगत के हित की व्यापक क्षमता हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात ब्राजील के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को प्रमुख दिशा देने के रूप में उभरा है।

राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने इस बात पर विशेष बल दिया कि ब्राजील की विदेश नीति में भारत का विशेष स्थान है क्योंकि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की क्षमता है तथा दोनों की भागीदारी का अंतर्राष्ट्रीय महत्व है। उन्होंने चुनाव में शानदार जीत के लिए श्री मोदी को बधाई दी और भारत की प्रगति एवं विकास के लिए सफलता की कामना की।

दोनों नेताओं ने भारत एवं ब्राजील के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को याद किया। दोनों देशों के बीच 18वीं और 19वीं सदी से कपड़े और आम का कारोबार होता रहा है।

दोनों नेता आपसी व्यापार के विस्तार और विविधिकरण तथा निवेश बढ़ाने एवं कृषि और डेयरी विज्ञान, पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने जी-20 सहित अंतर्राष्ट्रीय एवं बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति प्रकट की। दोनों नेताओं ने 2015 में संयुक्त राष्ट्र की 70वीं वर्षगांठ के समय तक सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर तत्काल प्रगति पर बल दिया।

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प्रधानमंत्री ने आशा प्रकट की कि वे शीघ्र ही पूरी तरह द्विपक्षीय दौरे पर ब्राजील आएंगे और उन्होंने राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ को भारत आने का निमंत्रण दिया।

दोनों नेताओं की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के लिए सहमति ज्ञापन शामिल है। मोबिलिटी एवं कान्सुलर से संबंधित क्षेत्रों में सहयोग के लिए सहमति ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। भारतीय उपग्रह से डाटा प्राप्त करने और प्रोसेस करने के लिए ब्राजील के भू-स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के क्षेत्र में सहयोग के कार्यान्वयन के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of courage and perseverance
August 03, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that one should never lose courage even when fortune turns unfavourable, for patience and perseverance can help a person regain lost ground. He noted that just as a skilled sailor whose ship breaks apart in the middle of the ocean does not lose hope but continues striving to survive by swimming, determination and steadfast effort enable one to overcome adversity.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव।। ”

The Subhashitam conveys that one should not lose patience even when fortune is adverse, for through patience, one can always regain a lost favorable situation. Just as a skilled sailor, even when his ship breaks apart in the middle of the ocean, focuses solely on his actions, namely, the effort to survive and swim, without losing heart.

The Prime Minister wrote on X;

“त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव ।।”