प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के विजेताओं से बातचीत की
पीएम मोदी ने देश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में किए गए उल्लेाखनीय प्रयासों के लिए पुरस्कादर विजेताओं को बधाई दी
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक आजीवन ज्ञान की धारा से जुड़े रहते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों को अपने स्कूलों को डिजिटल रूप से बदलने के लिए प्रोत्साहित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज शिक्षक दिवस की पूर्व संध्‍या पर लोक कल्‍याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर राष्‍ट्रीय शिक्षक पुरस्‍कार, 2017 के विजेताओं के साथ बातचीत की। केन्‍द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने देश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में किए गए उल्‍लेखनीय प्रयासों के लिए पुरस्‍कार विजेताओं को बधाई दी। उन्‍होंने शिक्षा के प्रति समर्पण के साथ-साथ इसे जीवन मंत्र बनाने के लिए उनकी सराहना की। उन्‍होंने कहा कि एक शिक्षक आजीवन ज्ञान की धारा से जुड़े रहते हैं।

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान पुरस्‍कार विजेताओं से समुदाय को एकजुट करने और उन्‍हें स्‍कूलों में सुव्‍यवस्थित विकास का एक अभिन्‍न अंग बनाने का अनुरोध किया। उन्‍होंने शिक्षकों से विशेषकर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभा को निखारने की दिशा में काम करने का आह्वान भी किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षाविशारदों को गुरु एवं शिष्‍य की प्राचीन पावन परंपरा को फिर से स्‍थापित करने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि विद्यार्थीगण आजीवन अपने शिक्षकों को स्‍मरण करें। उन्‍होंने शिक्षकों को अपने स्‍कूलों एवं उसके आसपास के माहौल में डिजिटल बदलाव लाने के लिए भी प्रोत्‍साहित किया।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करते हुए पुरस्‍कार विजेताओं ने अपने स्‍कूलों को शिक्षण एवं उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र में तब्‍दील करने से जुड़ी प्रेरणादायक गाथाएं सुनाईं। उन्‍होंने नई ऑनलाइन मनोनयन प्रक्रिया के साथ-साथ डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्‍यवाद किया, जो देश भर में स्‍कूली शिक्षा में व्‍यापक गुणात्‍मक बदलाव ला रही हैं।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस वर्ष राष्‍ट्रीय पुरस्कारों के लिए शिक्षकों के चयन से जुड़े दिशा-निर्देशों में संशोधन किए थे। नई योजना में स्‍व-मनोनयन की परिकल्‍पना की गई है और यह प्रमुख राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों में हालिया नवाचारों से प्रेरित है। यह योजना पारदर्शी एवं निष्‍पक्ष है और इसके तहत उत्‍कृष्‍टता एवं बेहतरीन प्रदर्शन को पुरस्‍कृत किया जाता है।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India among Asia's fastest-growing green economies with $110 billion revenue in 2025: LSEG

Media Coverage

India among Asia's fastest-growing green economies with $110 billion revenue in 2025: LSEG
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी
June 26, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज महान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें साहित्य की एक महान हस्ती के रूप में याद किया, जिनकी रचनाओं ने भारतीयों की कई पीढ़ियों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना जगाई।

इस साल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि भारत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' के ज़रिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और देश को प्रेरणा का एक ऐसा स्रोत दिया, जो हमेशा बना रहेगा।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

महान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।

साहित्य की एक महान हस्ती, जिनकी रचनाओं ने भारतीयों की कई पीढ़ियों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना जगाई। उनका समृद्ध साहित्यिक कार्य लोगों के विचारों को रोशन करता है और राष्ट्र-निर्माण के प्रति हमारे सामूहिक संकल्प को मज़बूत करता है।

यह वह समय है, जब हम 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। 'वंदे मातरम' के ज़रिए उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और हमारे देश को प्रेरणा का एक ऐसा स्रोत दिया, जो हमेशा बना रहेगा।

মহান বঙ্কিম চন্দ্র চট্টোপাধ্যায়ের জয়ন্তীতে তাঁর প্রতি শ্রদ্ধাঞ্জলি।

এক সুবিশাল সাহিত্যিক আলোকবর্তিকা হিসেবে, তাঁর লেখা প্রজন্মান্তরের ভারতীয়দের মধ্যে দেশপ্রেম এবং সাংস্কৃতিক গৌরবের চেতনা জাগ্রত করেছিল। তাঁর সমৃদ্ধ সাহিত্যকর্ম মনকে উদ্ভাসিত করে চলেছে এবং জাতি গঠনের প্রতি আমাদের সম্মিলিত সংকল্পকে শক্তিশালী করছে।

এখন আমরা বন্দে মাতরমের ১৫০তম বার্ষিকী উদযাপন করছি। বন্দে মাতরমের মাধ্যমে, তিনি স্বাধীনতা আন্দোলন এবং আমাদের জাতিকে অন্যতম দীর্ঘস্থায়ী অনুপ্রেরণা উপহার দিয়েছিলেন।