बीजेपी की ‘शून्य से शिखर’ की यात्रा को कार्यकर्ताओं ने संभव बनाया: प्रधानमंत्री मोदी 
भाजपा वास्तव में लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी है: पीएम मोदी 
हमारी सरकार गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए कटिबद्ध है: प्रधानमंत्री 
समाज के सभी वर्ग भाजपा का समर्थन करते हैं: प्रधानमंत्री मोदी 
भाजपा गरीबों और वंचितों की आशा-आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील: पीएम मोदी 
विपक्ष झूठ पर झूठ फैला रहा है और भाजपा जीत पर जीत हासिल कर रही है: प्रधानमंत्री
भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद, जातिवाद, मेरा-पराया जैसी बातें नहीं हैं, सबको साथ लेकर चलने की परंपरा है: प्रधानमंत्री मोदी

 भारतीय जनता पार्टी के स्थापना के 38 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लाखों कार्यकर्ताओं की शहादत और समर्पण की बदौलत भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर पूरा किया है। श्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे विपक्ष की नकारात्मक और हिंसक राजनीति के बाद भी अपना संयम न खोएं और एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सपना साकार करने में लगे रहें।   

प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने का संकल्प लें और 2022 तक देश को जातिवाद, संप्रदायवाद, गंदगी और गरीबी से मुक्त भारत बनाने में अपनी पूरी शक्ति के साथ जुट जाएं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा,  ‘’भारतीय जनता पार्टी के शून्य से शिखर पहुंचने के मूल में अटल जी का सपना है। उस सपने को पूरा करने के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे कार्यकर्ता मिटते रहे, खपते रहे, घर-परिवार, समय और शक्ति खपाते रहे।“  उन्होंने अटल जी के इस कथन को भी दोहराया- ‘’अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा कमल खिलेगा।‘’ श्री मोदी ने कहा कि आज हिंदुस्तान में चारों तरफ कमल खिला हुआ है और ये कमल देश के विकास की नई आशा पैदा कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था हम संघर्ष में जुटे हुए थे और आज वक्त है कि हम समधान में जुटे हुए हैं। हम संघर्ष कर रहे थे जनसामान्य की समस्याओं को लेकर के और आज हम समधान खोज रहे हैं जनसामान्य की समस्याओं के निपटारे के लिए। उन्होंने कहा, ‘’संघर्ष से समधान तक की हमारी यात्रा पूर्ण समर्पण की यात्रा है। यह यात्रा पार्टी कार्यकर्ताओं के बल पर चली है। कार्यकर्ताओं की शक्ति पर चली है। संगठन की शक्ति पर चली है।‘’

श्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान में सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी के पचास या सौ पैरामीटर को आधार मानकर निष्पक्ष रूप से जांच-पड़ताल की जाए तो भाजपा सच्चे अर्थों में एक लोकतांत्रिक पार्टी है। उन्होंने  कहा, ‘’मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारतीय जनता पार्टी का पूरा इतिहास, विकास यात्रा, विचार प्रक्रियाएं, निर्णय प्रक्रियाएं सबको साथ लेकर चलने की पार्टी की पेशकश यह सिद्ध करती है कि भाजपा पूर्ण रूप से लोकतांत्रिक तरीके से चलती है।‘’

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में परिवारवाद, जातिवाद, मेरा-पराया जैसी बातें नहीं हैं। सबको साथ लेकर चलने की परंपरा है। श्री मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का लोकतंत्र और देशहित के प्रति पूर्ण समर्पण है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को याद किया और कहा,  ‘’आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति की जिंदगी को हम कैसे हम बदल सकें, उनको दुखों से कैसे दूर कर सकें, हमें उस पर बल देना होगा।‘’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 के चुनावों में कार्यकर्ताओं के कठिन परिश्रम से बड़ी विजय हासिल हुई और एनडीए के सांसदों ने मुझे जब प्रधानमंत्री पद के लिए चुना तो हमने कहा था कि यह सरकार गरीबों को समर्पित होगी। उन्होंने कहा, ‘’आपने चार साल के कार्यकाल में देखा है, चाहे केंद्र की सरकार हो या राज्य  की सरकारें हों, हम समान्य मानवी की जिंदगी बदलना चाहते हैं। हम आर्थिक विकास के फल दूर सुदूर जंगलों में रहने वालों तक पहुंचाना चाहते हैं।‘’ उन्होंने कहा, ‘’हमारा प्रयास है कि दलित हो, पीड़ित हो, शोषित हो, वंचित हो, गांव में रहता हो, गरीब हो, अनपढ़ हो... सभी ये अनुभव करे कि ये सरकार उनके लिए जी जान से जुटी है और कुछ न कुछ करने का प्रयास कर रही है।‘’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की इसी कोशिश का परिणाम है कि एक ओर जहां टॉयलेट बनाए जा रहे हैं वहीं आईआईटी जैसे इंस्टिट्यूट बनाने पर भी हमारी सरकार पूर्ण सक्रियता से आगे बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमारा विरोध होगा और इसका कारण यह नहीं है कि हमने कुछ बुरा किया है। इसका एक ही कारण है कि भाजपा की शक्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जाति विशेष की पार्टी मानने वालों को भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा गलत साबित किया है। आज एक गरीब मां का बेटा देश का प्रधानमंत्री है और एक दलित का बेटा राष्ट्रपति। उन्होंने कहा कि पार्टी ने श्रीमान सूरजभान जी और करिया मुंडा दोनों को डिप्टी स्पीकर बनाया और ये दोनों भी दलित और आदिवासी समुदाय से थे।

श्री मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में आज सबसे अधिक दलित एमपी और सबसे अधिक एससी-एसटी विधायक हैं।

उन्होंने कहा  कि तमाम विरोध के बाद भी हमें संयम नहीं खोना चाहिए और हमें शब्दों की मर्यादाओं को भी बनाए रखना चाहिए। श्री मोदी ने कहा, ‘’हमें मां भारती के प्रति समर्पित भाव से जन-जन के कल्याण के लिए काम करते रहना है। अपने लिए नहीं देशवासियों के लिए जीकर के दिखाना है।‘’

प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि 2022 में जब देश आजादी के 75 साल मनाएगा तो न्यू इंडिया के सपनों को साकार करते हुए देश को एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने का हम संकल्प लें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर हम उन्हें प्रणाम करते हैं जिन्हें भाजपा के होते हुए भी न कभी पद मिला, न कभी प्रतिष्ठा मिली। न कभी टीवी में दिखाई दिए और न कभी अखबार में चमक मिली। इसके बाद भी वे गांव-गली मोहल्ले में भारत माता की जय का नारा लगाते हुए आज भी दिन-रात काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पोलिंग बूथ में सभी वर्ग के लोग होने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ही कार्यकर्ता हमारे सपनों को सिद्ध करने के लिए सबसे बड़ी ऊर्जा का स्रोत हैं।

अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न प्रदेशों के कार्यकर्ताओं से टेलिफोन से बात की और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास किया।

एक कार्यकर्ता ने पूछा कि हमें सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार का कैसे सामना करना चाहिए? श्री मोदी ने कहा कि हमें संयम नहीं खोना चाहिए।

एक और कार्यकर्ता ने पूछा कि आप इतने दबाव के बाद भी शांत कैसे रह पाते हैं। श्री मोदी ने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। हमने ‘सबका साथ-सबका विकास’ का मंत्र दिया है और हम इसी रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।