प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में रानी गाईदिन्ल्यू के जन्म शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया
हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों के बारे में बताया जाए: मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और उत्तर-पूर्व में महात्मा गांधी का संदेश फैलाने के लिए रानी गाईदिन्ल्यू के योगदान को याद किया
भारत को यहाँ के राजाओं या शासकों ने नहीं बल्कि यहाँ के लोगों ने इस देश को बनाया है: नरेन्द्र मोदी
प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहने पर रानी गाईदिन्ल्यू के विचार जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान में सहायक हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज इस बात पर जोर दिया कि देश को स्‍वतंत्रता संग्राम की महान विरासत को अवश्‍य याद रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस संघर्ष की विरासत और हमारे स्‍वतंत्रता सैनानियों की उपलब्धियां अगली पीढ़ी तक पहुंचे। रानी गाइदिन्‍ल्‍यू की जन्‍म शताब्‍दी समारोह के उद्घाटन अवसर पर स्‍मारक सिक्‍का जारी करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्‍य है कि रानी गाइदिन्‍ल्‍यू जैसी हस्तियों को या तो पूर्ण रूप से याद नहीं किया जाता या जान-बूझकर भूला दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने देश के स्‍वतंत्रता संग्राम में रानी गाइदिन्‍ल्‍यू के योगदान का स्‍मरण किया। उन्‍हें ‘रानी-मां’ बताते हुए श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि उनका मानना था कि नगा लोगों का अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष देश की एकता और अखंडता के लिए भी संघर्ष था। प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्‍तर में महात्‍मा गांधी का संदेश फैलाने का श्रेय भी रानी गाइदिन्‍ल्‍यू को दिया।

उन्‍होंने खेद व्‍यक्‍त किया कि स्‍वतंत्रता के बाद कई वर्षेा तक रानी गाइदिन्‍ल्‍यू अपने गांव में प्रवेश नहीं कर सकीं। उन्‍होंने कहा कि भारत का निर्माण राजाओं या शासकों से नहीं, बल्कि यहां के लोगों से हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्‍य से रहने पर ‘रानी-मां’ के विचार आज जलवायु परिवर्तन की समस्‍या झेल रहे विश्‍व के सामने एक उत्‍तर हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्‍तर के विकास के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया। उन्‍होंने फिर कहा कि पूर्वोत्‍तर की तरक्‍की से पूरे राष्‍ट्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि हाल ही में बांग्‍लादेश के साथ हुए भूमि सीमा समझौते से इस क्षेत्र का संपर्क शेष देश के साथ बढ़ाने में मदद मिलेगी। हाल ही में हुए नगा शांति समझौते के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारों के प्रयासों की वजह से ही इस तरह का समझौता संभव हो सका।

इस अवसर पर नगालैंड के राज्‍यपाल श्री पी.बी. आचार्य, नगालैंड के मुख्‍यमंत्री श्री टी.आर जिलियांग, मणिपुर के मुख्‍यमंत्री श्री ओ.इबोबी सिंह और केन्‍द्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह, श्री अरूण जेटली, डॉ. महेश शर्मा तथा डॉ. जितेन्‍द्र सिंह उपस्थित थे।

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पीएम मोदी ने इकोनॉमिक सर्वे को भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस की समग्र तस्वीर बताया
January 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज पेश किया गया आर्थिक सर्वेक्षण भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस (सुधारों की गति) की एक व्यापक तस्वीर पेश करता है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश के बावजूद हमारी निरंतर प्रगति को दर्शाता है। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि आर्थिक सर्वेक्षण मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी ढांचे, निरंतर विकास की गति और राष्ट्र निर्माण में नवाचार, उद्यमिता एवं इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तार लेती भूमिका को उजागर करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह सर्वेक्षण समावेशी विकास के महत्व पर जोर देता है, जिसमें किसानों, एमएसएमई, युवाओं के लिए रोजगार और समाज कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और विकसित भारत बनने की दिशा में हमारी यात्रा को तेज करने के रोडमैप की भी रूपरेखा तैयार करता है।

केंद्रीय मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा एक्स पर की गई एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, श्री मोदी ने लिखा:

“आज पेश किया गया आर्थिक सर्वेक्षण भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस की एक व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश में हमारी निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

यह मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स, निरंतर विकास की गति और राष्ट्र निर्माण में नवाचार, उद्यमिता और इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तार लेती भूमिका को उजागर करता है। यह सर्वेक्षण समावेशी विकास के महत्व पर जोर देता है, जिसमें किसानों, एमएसएमई, युवाओं के लिए रोजगार और समाज कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने, प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और विकसित भारत बनने की दिशा में हमारी यात्रा को तेज करने के रोडमैप की भी रूपरेखा तैयार करता है।

इसमें दी गई जानकारियाँ सोच-समझकर नीति-निर्माण का मार्गदर्शन करेंगी और भारत के आर्थिक भविष्य में विश्वास को और मजबूत करेंगी।“