प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जन प्रतिनिधि के सार का उल्लेख करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है।
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्।
नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्॥"
इस सुभाषितम् में कहा गया है, "जन प्रतिनिधि की खुशी जनता की खुशी में निहित है; उसका कल्याण जनता के कल्याण में निहित है। जन प्रतिनिधि किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करता है। जो जनता को प्रिय है, उसे भी वही प्रिय है।"
श्री मोदी ने आज पंचायती राज दिवस के अवसर पर देश भर के जन प्रतिनिधियों को भी बधाई दी। श्री मोदी ने कहा, "जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति आपका समर्पण वास्तव में सभी के लिए प्रेरणादायक है।"
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा;
“पंचायती राज दिवस के अवसर पर देशभर के जनप्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन! जनसेवा के साथ राष्ट्रसेवा के प्रति आप सभी का समर्पण हर किसी को प्रेरित करने वाला है।
प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्।
नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्॥"