प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ब्रह्मकुमारी की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''ब्रह्मकुमारी की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी जी, ने पूरी लगन के साथ समाज की सेवा की। उन्होंने दूसरों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने का प्रयास किया। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में उनके प्रयास उल्लेखनीय थे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके अनगिनत अनुयायियों के साथ हैं। ओम शांति।''
Rajyogini Dadi Janki Ji, Chief of the Brahma Kumaris, served society with diligence. She toiled to bring a positive difference in the lives of others. Her efforts towards empowering women were noteworthy. My thoughts are with her countless followers in this sad hour. Om Shanti. pic.twitter.com/nCUwyh58f8
प्रधानमंत्री ने इसके पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ को भारत की सभ्यतागत यात्रा में मील का पत्थर बताया
May 11, 2026
Share
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमनाथ मंदिर का दौरा किया और पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ पर वहां पहुंचकर अपने दिव्य अनुभव का वर्णन किया। श्री मोदी ने कहा कि मंदिर के मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों की अपार ऊर्जा और उत्साह देखकर वे अभिभूत और भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज वे उस क्षण को फिर से जी रहे हैं जो भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के दौरान अनुभव किया होगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ अमृत महोत्सव का भक्तिमय वातावरण चारों ओर एक अद्भुत ऊर्जा का संचार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सोमनाथ के हर कोने में भक्ति का अनुभव किया जा सकता है। पुनर्निर्मित मंदिर के खुलने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अगिनत लोगों के एकत्रित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह ऐतिहासिक दिन वास्तव में भारत की सभ्यतागत यात्रा में मील का पत्थर है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर कई पोस्ट की एक श्रृंखला में लिखा:
"जय सोमनाथ! यहां आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, क्योंकि हम पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने का समारोह मना रहे हैं।"
Jai Somnath! Feeling blessed to be here, when we are marking 75 years since the rebuilt Temple opened its doors for devotees. pic.twitter.com/gFumT80Qva
"पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पावनधाम सोमनाथ आकर दिव्य अनुभूति हुई है। इस अवसर पर मंदिर मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों के जोश और प्रचंड उत्साह को देखकर मन अभिभूत और भावविभोर है! मैं आज यहां उस क्षण को जी रहा हूं, जिसका अनुभव भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण के अवसर पर किया होगा। सोमनाथ अमृत महोत्सव का भक्तिमय वातावरण हर तरफ अद्भुत ऊर्जा का संचार कर रहा है।"
पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पावनधाम सोमनाथ आकर दिव्य अनुभूति हुई है। इस अवसर पर मंदिर मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों के जोश और प्रचंड उत्साह को देखकर मन अभिभूत और भावविभोर है! मैं आज यहां उस क्षण को जी रहा हूं, जिसका अनुभव भारत के प्रथम राष्ट्रपति… pic.twitter.com/nzzOk94BQJ
सोमनाथ में हर कोने में भक्ति का अनुभव किया जा सकता है। पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अनगिनत लोग एकत्रित हुए हैं। वह दिन वास्तव में भारत की सभ्यतागत यात्रा में मील का पत्थर था।
At Somnath, one can experience Bhakti in every corner. Countless people have come together to mark 75 years since the rebuilt Temple opened its doors to devotees. That day was indeed a milestone in the civilisational journey of Bharat. pic.twitter.com/wvNbmAN5V8