प्रधानमंत्री ने देश की जनता से जवानों को अपने संदेश भेजने का आग्रह किया
#Sandesh2Soldiers: इस दिवाली हमारे जवानों को ‘नरेंद्र मोदी ऐप’ के जरिए शुभकामनाएं भेजिए
#Sandesh2Soldiers: हमारे देश की सुरक्षा करने वाले जवानों के प्रति अपना आभार व्यक्त करें... जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं भेंजे
#Sandesh2Soldiers: इस दिवाली सेना के जवानों को शुभकामनाएं और अपने संदेश भेजें और उनकी बलिदान के लिए उनका धन्यवाद करें

सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक अनोखा अभियान शुरू किया गया है।

#Sandesh2Soldiers अभियान प्रत्येक नागरिक को सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर मुहैया कराता है, हमारे देश की सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद हैं। उन्हें इस दीवाली के अवसर पर स्नेह और प्रेम प्रेषित करें।

इस अभियान को आरंभ करने के साथ ही लोगों को आमंत्रित किया जाता है कि वे सशस्त्र बलों को पत्र और संदेश भेजें। इस मुहिम की अगुवाई करते हुए प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर एक विशेष वीडियो साझा किया है, जिसमें लोगों से हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों को संदेश भेजने की अपील की गई है। कुछ ही घंटों में ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों पर इस वीडियो ने लोगों में एक जबरदस्त रुचि पैदा कर दी।

लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एप MyGov.in के जरिये भी सैनिकों को संदेश भेज सकते हैं। आकाशवाणी के जरिये भी लोग अपने संदेश को जवानों तक पहुंचा सकते हैं। दूरदर्शन ने भी सशस्त्र बलों के साथ लोगों की भावनाओं को साझा करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया है।

नरेंद्र मोदी एप में एक विशेष माड्यूल तैयार किया गया है जिससे कि लोग सशस्त्र को हस्तलिखित या ग्रिटिंग्स भेज सकेंगे।

उम्मीद है कि #Sandesh2Soldiers अभियान के जरिये लोगों और सशस्त्र बलों के बीच संवाद बढ़ेगा। इस महीने की शुरुआत में भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने हमारे बहादुर जवानों में मानवीय पहलुओं पर प्रकाश डाला था। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब वे जवानों से मिलें तो उनकी प्रशंसा करें और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा करें।

श्री नरेंद्र मोदी ने जब से प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला है तब से वह सशस्त्र के साथ दीवाली मनाते हैं।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान और संथाल संस्कृति के अनादर की निंदा की
March 07, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है।

श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है।

राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

“यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो निराश है।

राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, उन्होंने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोग बहुत दुःखी हैं।

पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है।

यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से पेश आती है।

राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इस कार्यालय की पवित्रता का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।”