लालू, नीतीश और सोनिया पाप की योजनाएं बना रहे हैं और ये सभी लोग दलितों-महादलितों, पिछड़ो-अतिपिछड़ों के पांच फीसद आरक्षण को छीनकर इसे दूसरे सम्प्रदाय को देने का षड़यंत्र कर रहे हैं: नरेन्द्र मोदी
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने कहा था, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देना चाहिए: नरेन्द्र मोदी
यदि किसी ने भी दलितों और पिछड़ों का आरक्षण छीनने का प्रयास किया तो मोदी अपनी जान की बाजी लगा देगा: नरेन्द्र मोदी
मैंने अति-पिछड़ा होने का दर्द जिया है और उसके ऊपर होनेवाले अत्याचारों को करीब से महसूस किया है: नरेन्द्र मोदी
मैं अपने जीते-जी कभी भी दलितों-पिछड़ों के आरक्षण को कम करने की साजिश को कामयाब नहीं होने दूंगा: नरेन्द्र मोदी
बिहार के विकास के लिए मेरा छह-सूत्रीय कार्यक्रम है - तीन सूत्रीय कार्यक्रम बिहार राज्य के लिए - बिजली, पानी और सड़क एवं तीन सूत्रीय कार्यक्रम बिहार के परिवारों के लिए पढ़ाई, कमाई और दवाई: नरेन्द्र मोदी
नीतीश जी, आपके कंप्यूटर में तो लालू वायरस चिपका हुआ है, उसमें से तो जंगलराज, अपराध, अपहरण, भ्रष्टाचार और महिलाओं का उत्पीड़न निकलेगा: नरेन्द्र मोदी
नीतीश और लालू बिहार को बेचने के लिए निकले हैं: नरेन्द्र मोदी
अगर नीतीश कुमार को बिहार की भलाई और अहंकार में से चुनाव करना हो तो वह बिहार की भलाई के बजाय, अहंकार का चुनाव करेंगें: नरेन्द्र मोदी
बुराइयों को यदि जनता नहीं हटाएगी तो अच्छे लोगों का आना मुश्किल होगा: नरेन्द्र मोदी
नीतीश, लालू की जोड़ी जितना कीचड़ उछलेगी, कमल उतना ही अधिक खिलेगा: नरेन्द्र मोदी
विकास के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए न तो लालू जी तैयार हैं और न ही नीतीश कुमार: नरेन्द्र मोदी
जनता अब नीतीश और लालू के साथ नहीं है, इसलिए अब ये तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं: नरेन्द्र मोदी
देश में पहली हरित क्रांति पंजाब-हरियाणा से आई, दूसरी बिहार से आएगी: नरेन्द्र मोदी
यह चुनाव बिहार को अगड़ा बनाने की लड़ाई का चुनाव है: नरेन्द्र मोदी
भारतवर्ष के लिए शुभ संकेत है कि देश का मतदाता अब विकास के मुद्दे पर चुनाव चाहता है: नरेन्द्र मोदी
हमारा रास्ता है विकास के जरिये बिहार को समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का, महागठबंधन का रास्ता है मोदी को बदनाम करने का, फैसला बिहार की जनता को करना है: नरेन्द्र मोदी
सोनिया गांधी जी महिलाओं के जवाब दें कि उन्होंने महिलाओं के आरक्षण में रुकावट बनने वाले लालू - नीतीश की जोड़ी के साथ समझौता क्यों किया: नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरुवार को बिहार के बक्सर और सीवान में आयोजित विशाल जन-सभाओं को संबोधित किया और राज्य की जनता से बिहार में विकास और युवाओं की तकदीर बदलने के लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी की अगुआई में दो-तिहाई बहुमत की राजग सरकार बनाने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने महागठबंधन को महास्वार्थबंधन बताते कहते हुए कहा कि एक तरफ तो हम विकास की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे आरक्षण पर झूठ फैलाने में मशगूल हैं। उन्होंने कहा कि जब आरक्षण पर चर्चा शुरू हुई तो सबने एक साथ डंके की चोट पर यह कहा कि इस देश में संप्रदाय के आधार पर आरक्षण नहीं देना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी निर्णय दिया कि 50 फीसद से अधिक आरक्षण देने का किसी को हक नहीं है, अब आगे बढ़ने के लिए उसमें से ही बेमानी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि लालू, नीतीश और सोनिया पाप की योजनाएं बना रहे हैं और ये सभी लोग दलितों-महादलितों, पिछड़ो-अतिपिछड़ों के पांच फीसद आरक्षण को छीनकर इसे दूसरे सम्प्रदाय को देने का षड़यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने आरक्षण पर महागठबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देना चाहिए और यदि किसी ने भी आपका आरक्षण छीनने का प्रयास किया तो मोदी अपनी जान की बाजी लगा देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने अति-पिछड़ा होने का दर्द जिया है और मैं जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मेरे जीते-जी दलित-पिछड़ों का आरक्षण कम नहीं होगा, इस साजिश को मैं कभी भी पूरा नहीं होने दूंगा। श्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं के आरक्षण में रुकावट बनने वाले लालू - नीतीश की जोड़ी के साथ समझौता क्यों किया, उन्हें इसका जवाब राज्य की जनता को देना होगा।

प्रधानमंत्री ने बिहार में विकास की चौतरफा जरूरत पर बल देते हुए कहा कि बिहार के विकास के लिए मेरा छह-सूत्रीय कार्यक्रम है - तीन सूत्रीय कार्यक्रम बिहार राज्य और तीन सूत्रीय कार्यक्रम बिहार के परिवारों के लिए। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य के लिए मेरा तीन सूत्र है - बिजली, पानी और सड़क। उन्होंने कहा कि बिजली मिलने पर यहां के जीवन में बदलाव आएगा, उद्योग-कारखाने लगेंगें, पानी मिलेगा तो खेतों से सोना उगलेगा और सड़क ठीक हो गई तो बिहार की रफ्तार बढ़ जाएगी। श्री मोदी ने कहा कि राज्य के परिवारों के लिए मेरा तीन सूत्र है - पढ़ाई, कमाई और तीसरा दवाई। उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब को बिहार में ही अच्छी पढ़ाई मिलनी चाहिए, बिहार से नौजवानों का पलायन रुकना चाहिए, उन्हें यहीं पर रोजगार मिलना चाहिए एवं बिहार के बुजुर्गों के लिए यहीं दवाई दवाई का बंदोबस्त होना चाहिए।

बिहार की गौरवमयी संस्कृति और महान परम्परा का जिक्र करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने चाणक्य की नीतियों को आत्मसात कर लिया है, हिंदुस्तान में अगर कहीं राजनीति की समझ है तो बिहार में हैं। उन्होंने महागठबंधन के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अब आप बिहार को बेवकूफ नहीं बना सकते, यह 1990 का बिहार नहीं, 2015 का बिहार है, आप 21वीं सदी के बिहार को अब बर्बाद नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने बिहार की जनता काफी समझदार है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने 35 सालों तक कांग्रेस को राज्य में शासन का अधिकार दिया लेकिन कांग्रेस ने बिहार में विकास को बाधित करने का काम किया, परिणाम यह हुआ कि बिहार की जनता ने कांग्रेस को राज्य से समूल उखाड़ फेंका। उन्होंने कहा कि इसी तरह श्री लालू यादव ने जनता को धोखा देकर, अगड़ी जाति - पिछड़ी जाति के सौहार्द्र को बिगाड़ने की राजनीति करके 15 सालों तक शासन किया, बिहार की जनता ने उनको भी फिर से बिहार में पैर जमाने का कोई मौक़ा नहीं दिया। श्री मोदी ने कहा कि अब लालू जी के छोटे और अहंकारी भाई नीतीश कुमार की बारी है, बिहार की जनता उन्हें भी माफ़ नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर नीतीश कुमार को बिहार की भलाई और अहंकार में से चुनाव करना हो तो वह बिहार की भलाई के बजाय, अहंकार का चुनाव करेंगें।

श्री नरेन्द्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार आगे बढ़ना चाहता है जबकि महागठबंधन के लोग वही घिसी-पिटी राजनीति करके किसी भी तरह राज्य की सत्ता पाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लालू-नीतीश की जोड़ी ने बिहार की दो-दो पीढ़ियों को बर्बाद करके रख दिया है और बिहार की जनता लालू, नीतीश और सोनिया जी को कभी माफ़ नहीं करेगी।

प्रधानमंत्री ने लालू यादव और नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे बिहार के विकास की बात नहीं करते लेकिन हर रोज दोनों में कौन मोदी को कितने चांटे मारेगा, इसकी प्रतिस्पर्धा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारा रास्ता है विकास के जरिये बिहार को समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का, उनका रास्ता है मोदी को बदनाम करने का, फैसला बिहार की जनता को करना है। उन्होंने कहा कि बिहार विधान सभा का यह चुनाव बिहार से भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों को खत्म करने का है। उन्होंने कहा कि मैंने बिहार में विकास के जरिये बदलाव लाने का संकल्प कर लिया है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से पूछा कि 21वीं सदी में बिहार के लोगों को बिजली मिलनी चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि नीतीश जी कहते हैं, हम युवाओं को कंप्यूटर देंगे, मैं पूछना चाहता हूँ कि बगैर बिजली के, कंप्यूटर का क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश जी, आपके कंप्यूटर में तो लालू वायरस चिपका हुआ है, उसमें से तो जंगलराज, अपराध, अपहरण, भ्रष्टाचार और महिलाओं का उत्पीड़न भी निकलेगा, बिहार के युवाओं को ऐसा कंप्यूटर नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने बिहार को रोशन करने के लिए 1300 मेगावाट बिजली कारखाना एक हजार रुपये के खर्च कर लगाने का संकल्प किया है और इसके लिए 600 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

हमारा इरादा बिहार का विकास है और इसलिए हमने 1.65 लाख करोड़ रुपये की राशि बिहार के विकास के लिए आवंटित किया जो बिहार का में विकास की रफ़्तार को तेज करेगी और बिहार के नौजवाओं का भविष्य बदलेगा।

श्री नरेन्द्र मोदी ने लालू-नीतीश को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लालू-नीतीश जी, अभी चुनाव समाप्त होने में पांच-सात दिन बचे हैं, आपके पास जितना कीचड़ है उछाल दो, जितनी गालियां बाँकी है, दे लो लेकिन आप इस बात को याद रखो कि आप जितना कीचड़ उछालोगे, उतना कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि मोदी को चांटे मारने हो तो मार लो लेकिन बिहार का भला तो करो।

नीतीश कुमार और लालू यादव पर तंज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता अब इनके साथ नहीं है, इसलिए अब ये तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं बिहार की जनता से पूछना चाहता हूँ, आपको लोकतंत्र चाहिए या तंत्र-मंत्र। उन्होंने कहा कि 200 साल पुराणी मानसिकता वाले लोगों के साथ बिहार में विकास नहीं हो सकता, बिहार को तंत्र-मंत्र नहीं चाहिए, रोजगार चाहिए।

बिहार में विगत 25 साल के लालू और नीतीश के शासनकाल पर हमला करते हुए कहा, "इन लोगों के शासनकाल में बिहार बर्बादी के कगार पर पहुँच गया है। नौजवानों, गरीबों, दलितों-महादलितों, पिछड़ों-अतिपिछड़ों की जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया, इनके कल्याण के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई, इसके उलटे तो लालू जी के शासनकाल में दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार की नई कहानी लिखी गई। उन्होंने कहा कि नीतीश और लालू बिहार को बेचने के लिए निकले हैं। 25 साल तक जनता के द्वारा दिए गए जनादेश का तो कम-से-कम सम्मान करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 60 सालों तक बिहार को बर्बाद कर देने वाले लोगों को चुन-चुन कर साफ़ कर देने का समय आ गया है।" उन्होंने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि बुराइयों को आप नहीं हटाएंगे तो अच्छे लोगों का आना मुश्किल होगा।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकास के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए न तो लालू जी तैयार हैं और न ही नीतीश कुमार। उन्होंने कहा कि इस के बार में मैं कांग्रेस से भी पूछना चाहता हूं, खैर, कांग्रेस को तो बिहार में कोई पूछता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मैदान में ही नहीं है, उन्होंने 40 सीटें तो राजग को ऐसे ही दे दीं।

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अगर भारत को हमें विकसित करना है तो देश के सभी इलाकों और सभी समाजों का विकास एक साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ पश्चिमी छोर को आगे बढ़ाते चले जाएंगे तो देश पूरी तरह आगे नहीं बढ़ सकता, देश तो तब आगे बढ़ेगा, जब देश के पश्चिमी छोर के साथ पूर्वी हिंदुस्तान भी आगे बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "देश में पहली हरित क्रांति पंजाब-हरियाणा से आई, दूसरी बिहार से आएगी। उन्होंने कहा कि बिहार प्राकृतिक संसांधनों से भरपूर है, बिहार के पास पानी और उपजऊ जमीन है, यहां के किसान मेहनती हैं। बिहार के किसानों को मौका मिले तो मिट्टी से सोना उपजा दें। पंजाब पांच नदियों का उपयोग करके कितना आगे पहुंच गया लेकिन यहां नहरों में पानी नहीं है। मनरेगा में यहां की नहरों की सफाई करवा देते तो भी यहां के खेतों में पानी पहुंच जाता, लेकिन नहीं किया गया। बिहार ऐसा इलाका है जो देश का पेट भरने की ताकत रखता था लेकिन आज बिहार का युवा बाहर जाने को विवश है। हम ऐसी स्थिति को रोकेंगे।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि सभा में उमड़ी भीड़ बिहार में आनेवाले परिवर्तन की कहानी कहने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि यह रैली नहीं, रेला भी नहीं, ये तो परिवर्तन का मेला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार बिहार दो-दो दिवाली मनाने वाला है। उन्होंने कहा कि बिहार में बड़े भाई - छोटे भाई के जुल्मो-सितम का अंत आठ नवंबर को होने वाला है। प्रधानमंत्री ने लालू-नीतीश की जोड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े भाई-छोटे भाई ने मिलकर बिहार में 25 साल सरकार चलाई, इस चुनाव में उन्हें 25 साल का हिसाब देना चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह चुनाव बिहार को अगड़ा बनाने की लड़ाई का चुनाव है, हम बिहार को देश का अगड़ा राज्य बनाने को लेकर कृतसंकल्पित हैं। उन्होंने कहा, यह भारतवर्ष के लिए शुभ संकेत है कि देश का मतदाता अब विकास के मुद्दे पर चुनाव चाहता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार में जेल में से चुनाव के लिए प्रत्याशियों की टिकटें बेची जा रही है, निर्दोषों को मौत के घाट उतारा जा रहा है, गुंडागर्दी पूरी ताकत से मैदान में कूद पड़ी है और बिहार में जंगलराज फिर से दस्तक देने लगा है। उन्होंने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार से जंगलराज के खात्मे के लिए, बिहार के युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए, बिहार को देश का सबसे अगड़ा राज्य बनाने के लिए, दलितों, पिछड़ों और गरीबों के कल्याण के लिए, महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए आने वाले चरणों में भारी मात्रा में मतदान कीजिये और दो - तिहाई बहुमत से भाजपा की अगुआई में बिहार में राजग की सरकार बनाइए।

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s AI moment: Sarvam turns unicorn at $1.5 billion valuation

Media Coverage

India’s AI moment: Sarvam turns unicorn at $1.5 billion valuation
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।