प्रधानमंत्री गुजरात में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का लोकापर्ण करेंगे, आधारशिला रखेंगे और काम शुरू करेंगे
प्रधानमंत्री काकरापार परमाणु ऊर्जा स्टेशन में दो नए प्रेसराइज्‍ड हेवी वॉटर रिएक्टर केएपीएस-3 और केएपीएस-4 भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे
गुजरात में सड़क, रेल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, इंटरनेट कनेक्टिविटी, शहरी विकास, जल आपूर्ति, पर्यटन सहित कई क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा
प्रधानमंत्री वडोदरा मुंबई एक्सप्रेसवे और भारत नेट चरण II परियोजना के महत्वपूर्ण खंड राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री नवसारी में पीएम मित्र पार्क के निर्माण कार्य की शुरुआत करेंगे
प्रधानमंत्री अंबाजी में रिंछड़िया महादेव मंदिर और झील के विकास की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री अहमदाबाद में गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री मेहसाणा के वलीनाथ महादेव मंदिर में पूजा और दर्शन करेंगे
वाराणसी और इसके आसपास के क्षेत्रों के कायाकल्‍प की दिशा में बढाए गए एक कदम के रूप में प्रधानमंत्री 13,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे: जिनसे वाराणसी में सड़क, उद्योग पर्यटन, वस्त्र और स्वास्थ्य क्षेत्रों को भारी प्रोत्साहन मिलेगा
प्रधानमंत्री संत गुरु रविदास जन्मस्थली में पूजा और दर्शन करेंगे
प्रधानमंत्री बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता सभागार में पुरस्कार वितरण समारोह में भी शामिल होंगे

प्रधानमंत्री 22 और 23 फरवरी, 2024 को गुजरात और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री 22 फरवरी को सुबह करीब 10:45 बजे अहमदाबाद में गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेंगे। दोपहर करीब 12:45 बजे प्रधानमंत्री मेहसाणा पहुंचेंगे और वलीनाथ महादेव मंदिर में पूजा व दर्शन करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे, प्रधानमंत्री तारभ, मेहसाणा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शमिल होंगे और 13,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का लोकापर्ण करेंगे और आधारशिला रखेंगे। लगभग 4:15 बजे प्रधानमंत्री नवसारी पहुंचेंगे, जहां वह लगभग 47,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का लोकापर्ण करेंगे, आधारशिला रखेंगे और कार्य आरंभ करेंगे। शाम लगभग 6:15 बजे, प्रधानमंत्री काकरापार परमाणु ऊर्जा स्टेशन का दौरा करेंगे और राष्ट्र को दो नए प्रेसराइज्ड हेवी वॉटर रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) समर्पित करेंगे।

23 फरवरी को प्रधानमंत्री वाराणसी के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता सभागार में संसद संस्कृत प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। सुबह 11:15 बजे प्रधानमंत्री संत गुरु रविदास जन्मस्थली पर पूजा और दर्शन करेंगे। पूर्वाह्न 11:30 बजे, प्रधानमंत्री श्री संत गुरु रविदास की 647वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक सार्वजनिक समारोह में भाग लेंगे। दोपहर 1:45 बजे, प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक समारोह में भाग लेंगे जहां वह वाराणसी में 13,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री गुजरात में

प्रधानमंत्री गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेंगे। जीसीएमएमएफ के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान अहमदाबाद के मोटेरा स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 1.25 लाख से अधिक किसान भाग लेंगे। जीसीएमएमएफ सहकारी समितियों के लचीलेपन, उनकी उद्यमशीलता की भावना और किसानों के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, जिसने अमूल को दुनिया के सबसे मजबूत डेयरी ब्रांडों में से एक बना दिया है।

प्रधानमंत्री गुजरात में मेहसाणा और नवसारी में आयोजित दो सार्वजनिक कार्यक्रमों में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, रेल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, इंटरनेट कनेक्टिविटी, शहरी विकास, जल आपूर्ति, पर्यटन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, जनजातीय विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

तारभ, मेहसाणा में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री भारत नेट चरण- II - गुजरात फाइबर ग्रिड नेटवर्क लिमिटेड जो 8000 से अधिक ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराएगा; सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें मेहसाणा और बनासकांठा जिलों में रेल लाइन दोहरीकरण, गेज परिवर्तन, नई ब्रॉड-गेज लाइन के लिए कई परियोजनाएं; खेड़ा, गांधीनगर, अहमदाबाद और मेहसाणा में कई सड़क परियोजनाएं; गांधीनगर में गुजरात जैव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का मुख्य शैक्षणिक भवन और बनासकांठा में कई जल आपूर्ति परियोजनाएं शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री आनंद जिले में नए जिला स्तरीय अस्पताल और आयुर्वेदिक अस्पताल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा अन्य परियोजनाओं में बनासकांठा में अंबाजी क्षेत्र में रिंछड़िया महादेव मंदिर और झील का विकास; गांधीनगर, अहमदाबाद, बनासकांठा और मेहसाणा में कई सड़क परियोजनाएं; वायु सेना स्टेशन, दीसा का रनवे; अहमदाबाद में मानव और जैविक विज्ञान गैलरी; गिफ्ट सिटी में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (जीबीआरसी) का नया भवन; गांधीनगर, अहमदाबाद और बनासकांठा सहित अन्य में जल आपूर्तिमें सुधार के लिए कई परियोजनाएं शामिल हैं।

नवसारी में आयोजित सार्वजनिक समारोह में, प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के कई पैकेजों सहित कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा अन्य परियोजनाओं में भरूच, नवसारी, वलसाड में कई सड़क परियोजनाएं; तापी में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजना; भरूच में भूमिगत जल निकासी परियोजना शामिल हैं। प्रधानमंत्री नवसारी में पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क के निर्माण कार्य की शुरुआत भी करेंगे।

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री भरूच-दहेज एक्सेस नियंत्रित एक्सप्रेसवे के निर्माण सहित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा ऐसी ही अन्य परियोजनाओं में एसएसजी अस्पताल, वडोदरा में कई परियोजनाएं; वडोदरा में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र; सूरत, वडोदरा और पंचमहल में रेलवे गेज परिवर्तन की परियोजनाएं; भरूच, नवसारी और सूरत में कई सड़क परियोजनाएं; वलसाड में कई जल आपूर्ति योजनाएं, नर्मदा जिले में स्कूल और छात्रावास भवन सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं जिनकी प्रधानमंत्री आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री काकरापार परमाणु ऊर्जा स्टेशन (केएपीएस) यूनिट 3 और यूनिट 4 में दो नए प्रेसराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 22,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) द्वारा निर्मित केएपीएस-3 और केएपीएस-4 परियोजनाओं की संचयी क्षमता 1400 (700*2) मेगावाट है और ये सबसे बड़े स्वदेशी पीएचडब्ल्यूआर है। ये अपनी तरह के पहले रिएक्टर हैं जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रिएक्टरों की तुलना में उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से युक्त हैं। इसके साथ-साथ ये दोनों रिएक्टर प्रति वर्ष लगभग 10.4 बिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेंगे और गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव जैसे कई राज्यों के उपभोक्ताओं को लाभान्वित करेंगे।

प्रधानमंत्री वाराणसी में

वर्ष 2014 के बाद से, प्रधानमंत्री ने सड़क, रेल, विमानन, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, शहरी विकास और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए कई विकास परियोजनाएं शुरू करके वाराणसी और इसके आसपास के क्षेत्रों के कायाकल्प पर ध्यान केंद्रित किया है। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री वाराणसी में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

वाराणसी की सड़क कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के लिए, प्रधानमंत्री एनएच-233 के घरगरा-ब्रिज-वाराणसी खंड के चार लेन सहित कई सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे एनएच-56 के सुल्तानपुर-वाराणसी खंड को चार लेन का बनाना, पैकेज-1; एनएच-19 के वाराणसी-औरंगाबाद खंड के चरण-1 को छह लेन का बनाना; एनएच-35 पर पैकेज-1 वाराणसी-हनुमना खंड को चार लेन का बनाना; और वाराणसी-जौनपुर रेल खंड पर बाबतपुर के निकट आरओबी सहित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे पैकेज-1 के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे।

इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए,प्रधानमंत्री सेवापुरी में एचपीसीएल के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट;यूपीएसआईडीएएग्रो पार्क करखियांव में बनास काशी संकुल दूध प्रसंस्करण इकाई; यूपीएसआईडीए एग्रो पार्क, करखियांव में विभिन्न बुनियादी ढांचे का कार्य और बुनकरों के लिए रेशमी कपड़ा छपाई सामान्य सुविधा केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री वाराणसी में कई शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे जिनमें रमना में एनटीपीसी द्वारा शहरी कचरे से चारकोल संयंत्र; सिस-वरुण क्षेत्र में जल आपूर्ति नेटवर्क का उन्नयन; और एसटीपी व सीवरेज पंपिंग स्टेशनों की ऑनलाइन अपशिष्ट निगरानी और एससीएडीए स्वचालन भी शामिल है। प्रधानमंत्री वाराणसी के सौंदर्यीकरण के लिए कई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे जिनमें तालाबों के कायाकल्प और पार्कों के पुनर्विकास परियोजनाएं एवं 3-डी शहरी डिजिटल मानचित्र और डेटाबेस के डिजाइन एवं विकास की परियोजना भी शामिल है।

प्रधानमंत्री वाराणसी में पर्यटन और आध्यात्मिक पर्यटन से संबंधित कई परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं में दस आध्यात्मिक यात्राओं के साथ पंचकोशी परिक्रमा मार्ग और पावन पथ के पांच पड़ावों पर सार्वजनिक सुविधाओं का पुनर्विकास, वाराणसी और अयोध्या के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा प्रदान किए गए इलेक्ट्रिक कैटामरन जहाज का शुभारंभ और सात चेंज रूम फ्लोटिंग जेटी तथा चार सामुदायिक जेटी शामिल हैं। इलेक्ट्रिक कैटामरन हरित ऊर्जा के उपयोग के साथ गंगा में पर्यटन के अनुभव को बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री विभिन्न शहरों में आईडब्ल्यूएआई के तेरह सामुदायिक घाटों और बलिया में त्वरित पोंटून उद्घाटन तंत्र की आधारशिला भी रखेंगे।

वाराणसी के प्रसिद्ध वस्त्र क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री वाराणसी में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की आधारशिला रखेंगे। यह नया संस्थान वस्त्र क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा।

स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री वाराणसी में एक नए मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। वे बीएचयू में नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम फेज-1 और जिला राइफल शूटिंग रेंज का उद्घाटन करेंगे, जो शहर में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम है।

प्रधानमंत्री बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता सभागार में पुरस्कार वितरण समारोह में काशी संसद ज्ञान प्रतियोगिता, काशी संसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता और काशी संसद संस्कृत प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। वह वाराणसी के संस्कृत छात्रों को किताबें, वर्दी सेट, संगीत वाद्ययंत्र और योग्यता संबंधी छात्रवृत्ति भी वितरित करेंगे। वह काशी संसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता गैलरी का भी दौरा करेंगे और प्रतिभागियों के साथ "संवर्ती काशी" विषय पर उनकी फोटोग्राफ प्रविष्टियों के साथ बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री बीएचयू के पास सीर गोवर्धनपुर में संत गुरु रविदास जन्मस्थली मंदिर के समीप रविदास पार्क में संत रविदास की नव स्थापित प्रतिमा का अनावरण करेंगे। वे संत रविदास जन्मस्थली के आसपास लगभग 32 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास संग्रहालय और पार्क के सौंदर्यीकरण की आधारशिला भी रखेंगे।

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Cabinet approves two multitracking projects covering Four Districts across Odisha and Jharkhand, increasing the existing network of Indian Railways by about 145 Kms
July 15, 2026
The total estimated cost of the projects is Rs 3,907 crore (approx.) and will be completed up to 2030-31

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, today has approved 02 (Two) projects of Ministry of Railways with total cost of Rs.3,907 crore (approx.). These projects include:

  1. Paradeep – Haridaspur - Doubling
  2. Rajkharsawan – Dangoaposi - 4th Line

The increased line capacity will significantly enhance mobility, resulting in improved operational efficiency and service reliability for Indian Railways. These multi-tracking proposals are poised to streamline operations and alleviate congestion. The projects are in line with the Prime Minister Shri Narendra Modiji’s Vision of a New India which will make people of the region “Atmanirbhar” by way of comprehensive development in the area which will enhance their employment/ self-employment opportunities.

The projects are planned on PM-Gati Shakti National Master Plan with focus on enhancing multi-modal connectivity & logistic efficiency through integrated planning and stakeholder consultations. These projects will provide seamless connectivity for movement of people, goods, and services.

The 02 (Two) projects covering 04 Districts across the States of Odisha and Jharkhand will increase the existing network of Indian Railways by about 145 Kms.

The proposed multi-tracking project will enhance connectivity to approx. 1,526 villages, which are having a population of about 14 lakhs.

The proposed capacity enhancement will improve rail connectivity to several prominent tourist destinations across the country, including Lalitgiri Buddhist Complex, Shree Baladevjew Temple, Meghahatuburu Hills, etc.

The proposed projects are essential routes for transportation of commodities such as coal, iron ore, dolomite, limestone, gypsum, etc. The capacity augmentation works will result in additional freight traffic of magnitude 44 MTPA (Million Tonnes Per Annum). The Railways being environment friendly and energy efficient mode of transportation, will help both in achieving climate goals and minimizing logistics cost of the country, reduce oil import (06 Crore Litres) and lower CO2 emissions (29 Crore Kg) which is equivalent to plantation of 01 (One) Crore trees.