विकास की है यही राह - बिहार प्रदेश के लिए बिजली, पानी और सड़क और बिहार के परिवार के लिए पढाई, कमाई और दवाई: प्रधानमंत्री मोदी
महास्वार्थबंधन की है तीन पहचान - दंभ, दगा और दमन: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
मैं दलितों, पिछड़ों और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित हूँ जबकि नीतीश, लालू और कांग्रेस ने इनको वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है: नरेन्द्र मोदी
स्वार्थ के इस गठबंधन के चार खिलाड़ी हैं, एक लालू जी, दूसरे नीतीश कुमार, तीसरे मैडम सोनिया जी और चौथा तांत्रिक: नरेन्द्र मोदी
हमारा एक ही मंत्र है - विकास, विकास और विकास: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
लालू - नीतीश को गुस्सा इस बात का है कि एक चाय बेचने वाला अचानक देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
दलितों और पिछड़ों के कल्याण के लिए बाबासाहब आम्बेडकर के दिखाए गए रास्तों में हम किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होने देंगें: नरेन्द्र मोदी
राष्ट्रीय जनता दल का नाम बदलकर राष्ट्रीय जादू-टोना दल कर देना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
आप जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतनी ही ताकत से खिलेगा: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
यह चुनाव अगड़ा बिहार बनाने की लड़ाई है और मैं इस लड़ाई में बिहार की जनता के साथ हूँ: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
सवा लाख करोड़ तो लिख नहीं पाते लालू के युवराज, बताईये विकास कैसे करेंगें: नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
नीतीश कुमार और लालू यादव से जनता पूछना चाहती है कि बिहार के नौजवानों को बाहरी किसने बनाया: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
हिंदुस्तान की दूसरी हरित क्रांति का नेतृत्व बिहार की धरती से होने वाला है: नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
लोकतंत्र जंतर-मंतर से नहीं, जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से चलता है: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
बिहार लोकतंत्र की जननी रही है और मानव संस्कृति ने लोकतंत्र का पाठ यहीं से सीखा: नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
इस चुनाव में बिहार की जनता किसी को पराजित करने के लिए नहीं वरन बिहार का भाग्य बदलने का चुनाव कर रही है: प्रधानमंत्री मोदी
बिहार में यह चुनाव राज्य को बर्बाद करने वाले लोगों और सरकारों को सजा देने का चुनाव है: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
लालू यादव और नीतीश कुमार अपने कार्यों का हिसाब जनता को न देकर लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं: नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
एक तरफ विकास राज की बातें हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ जंगलराज की बेफिक्री का ढोल पीटा जा रहा है: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
पूरे हिन्दुस्तान में दाल के जमाखोरों पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन बिहार सरकार दाल के जमाखोरों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही: मोदी
अब समय आ गया है कि बिहार का डंका हिन्दुस्तान में ही नहीं, पूरे विश्व में बजना चाहिए: नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
हमारी सारी समस्याओं का समाधान विकास से ही संभव है: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरुवार को बिहार के मढ़ौरा (छपरा), नाइपर (हाजीपुर), बिहार शरीफ (नालंदा) और सोना, नौबतपुर (पटना) में आयोजित विशाल जन-सभाओं को संबोधित किया और राज्य की जनता से बिहार का भविष्य बदलने के लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी की अगुआई में दो-तिहाई बहुमत की राजग सरकार बनाने की अपील की।

स्थानीय भाषा में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस विशाल जन-सैलाब में तो परिवर्तन के संकल्प का मेला नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव, बिहार ही नहीं, पूरे हिन्दुस्तान के लिए दो-दो दिवाली लेकर आ रहा है। उन्होंने लेह-लद्दाख के स्थानीय निकाय के चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए कहा कि लद्दाख में तो 90 फीसद अल्पसंख्यक हैं, बावजूद इसके वहाँ की जनता ने बाकी सबको साफ करके बीजेपी का झंडा फहरा दिया। उन्होंने कहा कि लद्दाख की ये हवा भी बिहार में परिवर्तन की लहर लाने वाली है। उन्होंने कहा कि लेह-लद्दाख से दिवाली मनाने की शुरुआत हो गई है और बिहार में इस बार बड़े-भाई-छोटे भाई के जुल्म और कुशासन का अंत होने वाला है।

नीतीश कुमार के लालू यादव को लिखे गए पत्र पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने प्रेम-पत्र में लालू यादव पर जातिवाद, भ्रष्टाचार, कुशासन और सम्प्रदायवाद के इतने अनगिनत आरोप लगाए थे कि इन दोनों के पहचान का इससे ज्यादा पुख्ता सबूत और कुछ नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि महास्वार्थबंधन की तीन पहचान है - दंभ, दगा और दमन। उन्होंने नीतीश कुमार और लालू यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आप जितना कीचड उछालोगे, कमल उतनी ही ताकत से खिलेगा। श्री मोदी ने कहा कि यह चुनाव अगड़ा बिहार बनाने की लड़ाई है और मैं इस लड़ाई में आपके साथ हूँ। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में बिहार की जनता किसी को पराजित करने के लिए नहीं वरन बिहार का भाग्य बदलने का चुनाव कर रही है।

महास्वार्थबंधन पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वार्थ के इस गठबंधन के चार खिलाड़ी हैं, एक लालू जी, दूसरे नीतीश कुमार, तीसरे मैडम सोनिया जी और चौथा तांत्रिक। उन्होंने लोगों से प्रश्न पूछते हुए कहा कि क्या लोकतंत्र के साथ ऐसा खिलवाड़ चल सकता है, क्या काला कौआ, काला कबूतर काटने से बिहार का विकास हो सकता है? उन्होंने लालू यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजद का नाम तो बदलकर राष्ट्रीय जादू-टोना दल कर देना चाहिए और आप, सबसे बड़े तांत्रिक, उस दल के मुखिया तो हैं ही। श्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र जंतर-मंतर से नहीं, जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से चलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी रही है, मानव संस्कृति ने लोकतंत्र का पाठ यहीं से सीखा, लेकिन इस लोकतंत्र के मुख्यमंत्री जंतर-मंतर में लग गए, यह बिहार की धरती का अपमान है। उन्होंने कहा कि बिहार को तांत्रिक और उसके सेवादारों की जरूरत नहीं है, बिहार की जनता को जनता की सेवा करनेवाला सेवक चाहिए। उन्होंने लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी मानसिकता देखिये, अभी से ये गरीब माइक वाले को भी उठा कर पटक देने की धमकी देने लगे हैं, ये सरासर गरीबी का अपमान है, क्या गरीबों पर आप इसी तरह से जुल्म करते रहेंगें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मानसिकता वाले लोग जनता की भलाई कभी नहीं कर सकते, इस चुनाव में ऐसे लोगों को चुन-चुन कर साफ़ कर देने का समय आ गया है।

प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार और लालू यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि हर हमेशा ये लोग मुझे अपमानित करते रहते हैं, मुझे गाली देते रहते हैं, मैंने तो भोजन पर बुलाकर और फिर इनके आगे से थाली छीनकर कभी इन्हें अपमानित नहीं किया है, फिर इनकी नाराजगी का कारण क्या है? उन्होंने कहा, “मुझसे इनकी नाराजगी का एक कारण समझ में आता है। पिछले 25 सालों से ये अगड़े-पिछड़ों की राजनीति कर रहे थे, अगड़ी जाति - पिछड़ी जाति के जातिवाद की राजनीति का जहर घोलते रहे, देश के टुकड़े-टुकड़े करने के सपने संजोते रहे और इसी घटिया राजनीति के दम पर देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते रहे। इनको गुस्सा इस बात का है कि अगड़े - पिछड़े की राजनीति तो हम करते रहे लेकिन एक अति पिछड़े परिवार में पैदा हुआ बेटा, एक चाय बेचने वाला अचानक देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया।” उन्होंने नीतीश कुमार और लालू यादव को ललकारते हुए कहा कि आप मुझे अपमानित करते रहो, मुझपर जुल्म करते रहो, जनता हमारे साथ है, जनता का प्यार और आशीर्वाद हमारे साथ है और हम इससे भी ज्यादा जोश के साथ जनता की सेवा करते रहेंगें।  

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा एक ही मंत्र है - विकास, विकास और विकास। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान और हर दुखों की एक ही दवाई है और वह है विकास। उन्होंने कहा कि इसलिए हम बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए, बिहार का भाग्य बदलने के लिए, बिहार के युवाओं का भविष्य बदलने के लिए 1 लाख  65 हजार करोड़ रुपये का पैकेज लेकर आये हैं। प्रधानमंत्री ने लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जिस राजद के युवराज को 1.65 लाख करोड़ रुपये में कितने ज़ीरो होते हैं, उसका भी पता नहीं है तो वह राज्य का कैसा विकास करेंगें, यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि एक तरफ विकास राज की बातें हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ जंगलराज की बेफिक्री का ढोल पीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को तो जंगलराज की बातें करते कोई शर्म भी नहीं आती। उन्होंने कहा कि यह बिहार की जनता को तय करना है कि उन्हें विकासराज चाहिए या जंगलराज। उन्होंने जनता से कहा कि यदि बिहार को जंगलराज से बचाना है और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है तो उसका एक ही रास्ता है और वह है विकास और मैंने विकास के नाम पर वोट मांगने की हिम्मत की है। उन्होंने कहा कि भावनाओं को भड़का कर चुनाव तो जीते जा सकते हैं, लेकिन किसानों, गरीबों, पिछड़ों और दलितों का भला नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब मैं विकास की बात करता हूं तो मैं छह बातों पर विशेष बल देता हूं। उन्होंने कहा कि बिहार प्रदेश के लिए हमारा तीन सूत्री कार्यक्रम है, बिजली, पानी और सड़क तथा बिहार के परिवारों के लिए भी मेरा तीन सूत्री कार्यक्रम है - पढ़ाई, कमाई और दवाई। उन्होंने महास्वार्थबंधन की राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पिछले 25 साल में ये इतने चीजों पर भी ध्यान देते तो भी बिहार का भाग्य बदल जाता।

प्रधानमंत्री ने जनता से कहा कि ये केवल जनता को भ्रमित कर झूठ की राजनीति करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर यह जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 14 वर्षों तक गुजरात में हमारा शासन रहा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, गोवा, हरियाणा में शासन में हैं और कभी भी आरक्षण में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन करने का विचार भी नहीं आया, अटल जी के शासन काल में भी आरक्षण में किसी भी प्रकार का बदलाव करने की कोई कोशिश भी नहीं की गई और आप जनता को दिग्भ्रमित करने में लगे हुए हो। उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों के कल्याण के लिए बाबासाहब आम्बेडकर के दिखाए गए रास्तों में हम किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होने देंगें और आरक्षण पर किसी भी पार्टी के साथ हमारे विचारधारा में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने गरीबी देखी है, मैं एक अति पिछड़े परिवार में पैदा हुआ, मैंने पिछड़ापन देखा है, मैंने दलितों, शोषितों और वंचितों पर हुए अत्याचारों को महसूस किया है, हम उनके कल्याण के लिए कृतसंकल्पित हैं, आपने तो इनका वोट के लिए बस उपयोग किया है। प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि महास्वार्थबंधन के नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए अब वह झूठ का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और राजग की जीत का बिगुल बज चुका है।.

उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, "इस चुनाव में भाजपा-नीत राजग की विजय तो तय है ही, लेकिन आपने मुझे पहले ही जीत लिया है। आपने मुझे अपना बना लिया है। जो प्यार दिया है उसे ब्याज समेत विकास करके लौटाउंगा।" श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जब 2019 में लोकसभा का चुनाव होगा, हम फिर से आपसे वोट मांगने आएंगे, तब मुझे आपको अपने काम का हिसाब देना होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपने काम का हिसाब देना हमारी जिम्मेवारी है, लेकिन ये बड़े भाई-छोटे भाई जो चुनाव के मैदान में हैं, उन्होंने 25 साल तक बिहार में राज किया है, वह जनता को अपने कामों का हिसाब देने से कतरा क्यों रहे हैं? प्रधानमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि बिहार में 60 वर्षों के शासनकाल में महास्वार्थबंधन की सरकारों ने राज्य को बर्बाद करके रख दिया है, यह चुनाव ऐसे लोगों और ऐसी सरकारों को सजा देने का चुनाव है। लालू यादव पर कटाक्ष करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जो मुख्यमंत्री रहते हुए भी अपने क्षेत्र में एक पुल तक नहीं बनवा सके, वह राज्य का भला क्या ख़ाक करेंगें।
 
उन्होंने कहा कि लालू यादव और नीतीश कुमार अपने कार्यों का हिसाब जनता को न देकर लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने लालू यादव और नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो दिन गए जब आप बिहार के लोगों की भावनाओं को भड़का कर वोट हड़प लेते थे, अब बिहार ने विकास का संकल्प ले लिया है, बिहार के सपने जागृत हो चुके हैं, बिहार का जमीर जाग चुका है, बिहार का नौजवान जाग चुका है, अब आप बिहार के सपनों को, बिहार के विकास को, बिहार के नौजवाओं के अरमानों को कुचल नहीं सकते। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम विकास की बात करते हैं लेकिन महास्वार्थबंधन का समय मोदी को कोसने में बीतता है। उन्होंने कहा कि मोदी जैसा है, वैसा है, देश की जनता ने उसे आशीर्वाद दिया है। 
 
प्रधानमंत्री लालू व नीतीश पर तंज कसते हुए कहा, हिंदुस्तान का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक होने का दंभ भरने वाले नीतीश कुमार और देश का सबसे बड़ा तांत्रिक होने का दावा करने वाले लालू यादव से जनता पूछना चाहती है कि बिहार के नौजवानों को बाहरी किसने बनाया, बिहार के नौजवानों को राज्य से बाहर जाने को किसने मजबूर किया। उन्होंने कहा कि बिहार का युवा, बिहार की ताकत और बिहार का सपना है, इसे राज्य से बाहर किसने धकेला? उन्होंने कहा कि पूरा विश्व अपनी ज्ञान की क्षुधा को बुझाने जिस बिहार की धरती पर आते थे, आज उस बिहार के नौजवानों को शिक्षा के लिए बाहर जाने पर विवश क्यों होना पड़ रहा है? उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए बिहार से नौजवानों का पलायन चिंता का विषय है, आखिर बिहार की इस बदहाली का जिम्मेवार कौन है? 
 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में बंद होते उद्योग-कारखानों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में बिजली के न होने से उद्योग-कारखानों पर ताले लग गए, युवाओं से रोजगार छिन गया। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की अगुआई में राजग सरकार के बनते ही मैं उनसे सबसे पहले एक कमेटी का गठन कर के राज्य में उद्योग लाने का प्रयास करने के लिए कहूंगा। उन्होंने कहा कि यह कितनी शर्म की बात है कि 25 सालों में राज्य में बिजली भी नहीं पहुंची। श्री मोदी ने कहा कि इन लोगों को परिवार की चिंता करने के सिवाय किसी और बात की चिंता नहीं है।
 
प्रधानमंत्री ने सिवान में भय के वातावरण की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सिवान में लोगों को जान बचाने के लिए घर से भागना पड़ रहा है, यहाँ जेल से टिकटें बांटी जाती रही है, क्या ऐसी सरकारें राज्य का भला कर पाएगी? मढ़ौरा में मध्याह्न भोजन के दौरान 23 बच्चों की दुखद मौत पर नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए श्री मोदी ने कहा कि परम आदरणीय नीतीश बाबू दिनरात मुझे याद करते हैं, उनकी विरोध भक्ति काबिले-तारीफ़ है, लेकिन जब इस इलाके के 23 बच्चे मध्यान भोजन में अपनी जान न गंवाते हैं, तब आपको अस्पताल और उस गाँव में जाने की फुर्सत भी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता आपके पापों का हिसाब मांग रही है।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक युवा तुर्क चंद्रशेखर थे जिन्होंने, लोकनायक जयप्रकाश नारायण के एक हुंकार पर कांग्रेस छोड़कर आम जनता की आवाज बनने का फैसला ले लिया और एक नीतीश कुमार हैं जिन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत ही जयप्रकाश जी की उंगली पकड़ की थी लेकिन इनकी राजनीति का चरित्र देखिये, इनकी मौकापरस्ती देखिये, केवल सत्ता की खातिर अपने सिद्धांतों की तिलांजलि देकर कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गये।
 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, हिंदुस्तान की दूसरी हरित क्रांति का नेतृत्व बिहार की धरती से होने वाला है और इसलिए हमने कृषि मंत्रालय का दायित्व बिहार को सौंपा है, बिहार से ही कृषि क्रांति की शुरुआत होने जा रही है।"
 
बिहार में दाल की बढ़ती हुई कीमतों पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पूरे हिन्दुस्तान में दाल के जमाखोरों पर कार्रवाई की जा रही है, पूरे हिन्दुस्तान में दाल की कीमतों में गिरावट आ रही है लेकिन आखिर बिहार सरकार दाल के जमाखोरों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही, क्यों यहाँ दाल की कीमतें आसमान छू रही है, नीतीश कुमार को इसका जवाब देना होगा कि उनकी दाल के जमाखोरों के साथ क्या सांठ-गाँठ है। उन्होंने कहा कि पहले जिनकी नजर चारा पर थी, अब उनकी नजर दाल पर है। उन्होंने कहा कि बिहार के दाल में कुछ काला जरूर है।  श्री मोदी ने नीतीश कुमार और लालू यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि गरीब के आंसू और गरीब की आवाज, आपको चैन से सोने नहीं देगी।
 
प्रधानमंत्री ने आम जनता को साधुवाद देते हुए कहा कि आपके प्यार और आशीर्वाद से ही 30 सालों के बाद देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और इसी के कारण आज दुनिया भर में भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया ने भी सर्वसम्मति से मान लिया है कि भारत विश्व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बिहार का डंका हिन्दुस्तान में ही नहीं, पूरे विश्व में बजना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा को जंतर-मंतर नहीं, कंप्यूटर चाहिए। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि आप इस चुनाव में बिहार के विकास के लिए मतदान करिये और बिहार में विकास के लिए, युवाओं के रोजगार के लिए, अच्छी शिक्षा के लिए, एक नए बिहार के नवनिर्माण के लिए भाजपा की अगुआई में राज्य में राजग सरकार की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कीजिए।

नालंदा, बिहार में परिवर्तन रैली में प्रधानमंत्री मोदी का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!