दिल्ली में मेट्रो ने नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक रूप से प्रभाव डाला है: प्रधानमंत्री मोदी
कनेक्टिविटी और विकास के बीच प्रत्यक्ष संपर्क है, मेट्रो का अर्थ है क्षेत्र के लोगों के लिए और अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होना: पीएम मोदी
देश भर में मेट्रो रेल नेटवर्क में एकरूपता एवं मानकीकरण लाने के लिए मेट्रो से संबंधित नीति तैयार की है: प्रधानमंत्री
हमारा लक्ष्य भारत में मेट्रो रेल कोच बनाकर ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है: प्रधानमंत्री मोदी
मेट्रो सिस्टम सहकारी संघवाद का एक उदाहरण हैं, केंद्र और संबंधित राज्य सरकार एक साथ काम कर रही हैं: पीएम मोदी
‘न्यू इंडिया’ के लिए नए एवं स्मार्ट अवसंरचना की आवश्यकता है, केंद्र सरकार सड़कों, रेलवे, राजमार्गों, वायु मार्गों, जलमार्गों एवं आई-वेज पर कार्य कर रही है: प्रधानमंत्री

सबसे पहले आप सभी को, हरियाणा और दिल्ली के लोगों को बहादुरगढ़-मुंडका मेट्रो लाइन शुरू होने पर बहुत-बहुत बधाई।

हरियाणा का बहादुरगढ़ आज दिल्ली मेट्रो से जुड़ गया है। गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद अब बहादुरगढ़ हरियाणा का तीसरा बड़ा क्षेत्र है जो दिल्ली मेट्रो से कनेक्ट हुआ है। आज के इस लोकार्पण के बाद, हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क की लंबाई 26 किलोमीटर तक पहुंच गई है।

साथियों, दिल्ली में चल रही मेट्रो ने किस तरह लोगों का जीवन बदला है, उसका गवाह हर वो व्यक्ति है, जिसने कभी न कभी इसमें सफर किया है। मैं भी कई बार दिल्ली मेट्रो में सफर कर चुका हूं। आज से ये अनुभव बहादुरगढ़-मुंडका लाइन पर चलने वाले लोगों को भी मिलेगा।

विशेषकर बहादुरगढ़ में तेजी के साथ विकसित होते उद्योगों की वजह से काफी अरसे से मेट्रो का इंतजार हो रहा था। बहादुरगढ़ में अनेक कॉलेज, इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज़ भी हैं। दिल्ली से हर रोज़ अनेक छात्र-छात्राएं आवाजाही करते हैं। अब इस क्षेत्र के लाखों उद्यमियों को, विद्यार्थियों को, अलग-अलग प्रोफेशन के लोगों को, दिल्ली आने-जाने में और आसानी होगी।

ऐसे तो बहादुरगढ़ को Gateway of Haryana कहा जाता है लेकिन ये मेट्रो लाइन यहां Development का Gateway बनकर पहुंची है।

मेट्रो की वजह से लोगों की सहूलियत बढ़ेगी, नई कॉलोनियां बनेंगी, उद्योगों का विस्तार होगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। कनेक्टिविटी का विकास से जो नाता है, इस मेट्रो नेटवर्क को देखकर समझा जा सकता है।

अभी दिल्ली-NCR में करीब 280 किलोमीटर मेट्रो लाइन ऑपरेशनल है। जिस तेजी से इसका विस्तार हो रहा है, बहुत जल्द शंघाई, बीजिंग, लंदन और न्यूयॉर्क के बाद, दुनिया के पांचवे सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क के तौर पर दिल्ली मेट्रो की पहचान होगी। साथियों, जो सपना दिल्ली में साकार हुआ है, अटल इरादों का जो परिणाम आज दिल्ली-NCR की जनता देख रही है, वैसा ही प्रयास पूरे देश में किया जा रहा है।

मेट्रो से जुड़े कार्यों में एक बहुत बड़ी कमी ये थी कि हर शहर में पहले अपने ही तरीके से काम किया जा रहा था।

मेट्रो और उससे जुड़े निर्माण कार्यों के लिए कोई नीति नहीं थी, इसलिए कोई मानक, कोई स्टैंडर्ड भी नहीं तय था। नेताओं की मर्जी के मुताबिक स्टेशन और अलग-अलग विभागों के हितों के मुताबिक फैसले हो रहे थे।

अब 2017 में देश की पहली मेट्रो पॉलिसी के बनाने के बाद इन सब चीजों पर ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन और फिर अपने घर या दफ्तर तक पहुंचने में परेशानी ना हो इसके लिए शहरों के पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम का इंटीग्रेशन किया जा रहा है।

अब देश में कहीं भी मेट्रो बने, लेकिन एक तय स्टैंडर्ड पर काम करेगी।साथियों, 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहरों में स्मार्ट, सुलभ, सस्ता और साफ-सुथरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम देना इस सरकार की प्रतिबद्धता है।

आज देश के 12 शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। देश के दूसरे शहरों को भी मेट्रो से जोड़ने के लिए राज्य सरकारों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो के डिब्बे भी देश में तैयार करने का काम किया जा रहा है।

गुजरात के वड़ोदरा और तमिलनाडु के चेन्नई में आधुनिक प्लांट बनाए गए हैं , मेट्रो प्रोजेक्ट्स में Make In India को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Procurement की पॉलिसी को बदला है और लगभग 75 प्रतिशत भारत में बना सामान लगाना अनिवार्य किया गया है।

साथियों, मेट्रो की व्यवस्था हमारे अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और सहयोग का भी एक बेहतरीन उदाहरण है। पहले कई देशों ने मेट्रो के लिए हमारी मदद की, अब भारत दुनिया के कई देशों को मेट्रो के कोच की सप्लाई करने के लिए तैयार हो रहा है।

ना सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय संबंध बल्कि Co-operative Federalism कैसे काम करता है उसका भी ये प्रमाण है। आज देश के जिन-जिन राज्यों में भी मेट्रो बन रही है वो केंद्र और राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी से बन रही है।

साथियों,

दिल्ली-NCR की ही बात करें तो आज जितना मेट्रो नेटवर्क विकसित हुआ है उसने हर रोज़ लगभग 6 लाख गाड़ियां की जरूरत को खत्म किया है।

मेट्रो ने लोगों का समय बचाया है, पैसा बचाया है और प्रदूषण भी कम करने का काम किया है। मेट्रो के साथ ही सरकार दिल्ली- NCR में ट्रांसपोर्ट की पूरी व्यवस्था को ही आधुनिक और लोगों की जरूरत के मुताबिक बनाने का काम कर रही है।

दिल्ली को हाई स्पीड रेल के माध्यम से सोनीपत, अलवर और मेरठ से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी काम चल रहा है।

इसके अलावा दिल्ली के चारों ओर Expressway का एक घेरा बनाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। उस काम को पूरा करने के लिए भी लोग कोशिश कर रहे हैं|

इसके पहले चरण यानि Eastern Peripheral Express way का कुछ दिन पहले ही मैंने लोकार्पण भी किया था। हरियाणा की तरफ से Western Peripheral Express way पर भी काम प्रगति पर है। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे ने दिल्ली से होकर गुजरने वाली छोटी-बड़ी गाड़ियों की संख्या को

25 से 30 प्रतिशत तक कम किया है।

इससे ट्रैफिक पर तो प्रभाव पड़ा ही है प्रदूषण की एक बड़ी वजह भी कम हुई है। भाइयों और बहनों,

New India के लिए New और Smart Infrastructure इस सरकार का कमिटमेंट है।

बीते चार वर्षों में रोड, रेलवे, एयरवे, वॉटरवे और बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक निवेश किया गया है। करगिल से लेकर कन्याकुमारी तक कच्छ से लेकर कामाख्या तक कनेक्टिविटी पर बल दिया जा रहा है। सबसे लंबी सुरंगें हों या फिर सबसे पड़े पुल, एक के बाद एक सारे प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूरे किए जा रहे हैं। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत देश में 35 हजार किलोमीटर लंबे आधुनिक हाईवेज का जाल बिछाने का काम शुरू किया गया है।

आने वाले समय में एक तरफ जहां सौ से ज्यादा वॉटरवेज, बुलेट ट्रेन, देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव लायेंगे वहीं छोटे-छोटे शहरों में विकसित होते एयरपोर्ट,लोगों का हौसला आसमान तक पहुंचाने का काम करेंगे। ये आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे शहरों को, 21वीं सदी में आर्थिक विकास का केंद्र बिंदु बनाने में मदद करेंगे। देश के अलग-अलग इलाकों में जितना ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, संपर्क सुगम होगा, जितना ज्यादा ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग माध्यम एक दूसरे को सपोर्ट करेंगे, उतना ही लोगों का जीवन आसान बनेगा, व्यापार के नए अवसर बनेंगे, रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

साथियों,

सरकार के इन प्रयासों में सामान्य जन, आप सभी की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं होता है, यह बहुत आवश्यक है।

आइए, New India के लिए बन रहे इस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मिलकर और अधिक प्रयास करें।

एक बार फिर हरियाणा और बहादुरगढ़ की जनता को बहुत-बहुत बधाई के साथ इसका लाभ हमारे नागरिक उठायें, निजी वाहनों से मुक्ति पायें|

मैं अपनी बात समाप्त करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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Grand Mufti of India Sheikh Abubakr Ahmad meets Prime Minister
February 16, 2026

Sheikh Abubakr Ahmad, Grand Mufti of India met the Prime Minister, Shri Narendra Modi today. During the meeting, they exchanged views on a wide range of issues. The Prime Minister noted the Grand Mufti’s commendable efforts to further social harmony, brotherhood, and improve education across the country.

In a post on X, Shri Modi said:

“Had a very good interaction with Sheikh Abubakr Ahmad Sahab, Grand Mufti of India. We exchanged views on a wide range of issues. His efforts to further social harmony, brotherhood and improve education are noteworthy.

@shkaboobacker”