भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में उन्हें लोगों ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए वोट दिया था। उन्होंने कहा कि लोगों की इन्हीं अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश में वो दिलो-जान से जुटे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 500 और 1000 के नोटों पर रोक आखिरी नहीं है। ये अभी पूर्णविराम नहीं हैं, बल्कि उनके दिमाग में भ्रष्टाचार और कालेधन को रोकने के लिए आगे कई प्रोजेक्टों पर मंथन चल रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।
इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।
यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।


