छठे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए ब्राजील आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। यह मेरा पहला शिखर सम्मेलन है और मैं आपके विवेक से लाभान्वित होने का इच्छुक हूं।

मैं, हमारी सौहार्दपूर्ण मेजबान, राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ, ब्राजील की जनता और सरकार का आभार प्रकट करता हूं।

मैडम, मैं फुटबॉल विश्व कप की सफल मेजबानी के लिये आपको बधाई देता हूं। सचमुच, इस ‘खूबसूरत खेल‘ ने पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरो दिया।

मैं राष्ट्रपति जुमा को ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान उनके नेतृत्व के लिये धन्यवाद देता हूं। हमने काफी प्रगति की है।

महामहिम, प्रथम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान हुआ था। ब्रिक्स आशा की किरण था। इसने तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को नए विचारों और तंत्रों से परिपूर्ण किया।

इसने वैश्विक आर्थिक मंदी से उबरने और स्थायित्व के लिए कार्य का अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध कराया।

यह विश्व शांति और विकास के लिए नई आवाज थी।

मुझे खुशी है कि हम उस वायदे को निभाने में कामयाब रहे। हालांकि, आर्थिक कमजोरी और राजनीतिक उथल-पुथल की चुनौतियां आज भी विद्यमान हैं। हमें उन्हें तत्काल हल करना होगा।

हम इस वक्त जो फैसले करेंगे, वे सिर्फ हमारे देशों के भविष्य को ही नहीं बल्कि दुनिया भर के भविष्य को आकार देंगे। हमें इस महान जिम्मेदारी का बोझ उठाना ही होगा।

इसलिये मैं, इस शिखर सम्मेलन के विषय- ‘समावेशी वृद्धिः सतत समाधान’ के लिये ब्राजील की सराहना करता हूं। यह मानवता के प्रति हमारे उत्तरदायित्व और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।

मुझे यकीन है कि इस मिशन को पूरा करने में यह शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण साबित होगा।

मैं ब्रिक्स की अध्यक्षता का दायित्व सम्भालने जा रहे ब्राजील को शुभकामनाएं देता हूं।

भारत हमारे देशों और दुनिया भर के लाभ के लिये ब्रिक्स के एजेंडे को आगे बढ़ाने में पूर्ण समर्थन देने की पेशकश करता है।

धन्यवाद

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया और त्योहारों के अवसर पर किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया
April 15, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उमंग और उल्लास से भरे अवसरों पर राष्ट्र उन मेहनती किसान भाइयों और बहनों के प्रति कृतज्ञ है, जो पूरे देश का भरण-पोषण करते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“इत्थं फलति शुद्धेन सिक्तं सङ्कल्पवारिणा।

पुण्यबीजमपि स्वल्पं पुंसां कृषिकृतामिव॥”

इस सुभाषितम् का अर्थ है कि जिस प्रकार किसान द्वारा बोया गया एक छोटा सा बीज, यदि उचित समय पर जल से सींचा जाए तो समय के साथ भरपूर फसल देता है, उसी प्रकार शुद्ध संकल्पों के साथ किया गया छोटा सा प्रयास भी मनुष्य को महान सफलता प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स(X) पर लिखा;

“देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी कई पर्व-त्योहार मनाए गए हैं। उमंग और उल्लास से भरे इन अवसरों के लिए हम अपने परिश्रमी किसान भाई-बहनों के कृतज्ञ हैं, जो पूरे देश का पोषण करते हैं।

इत्थं फलति शुद्धेन सिक्तं सङ्कल्पवारिणा।

पुण्यबीजमपि स्वल्पं पुंसां कृषिकृतामिव॥”