"Chief Minister Adopts Successful Approach To Develop Wind Energy-Based Large Scale Power Production Facilities Across State’s The 1,600 kms of Long Coastline"
"Chief Minister Mr. Modi Approves Wind Energy Policy To Expedite Development of Wind Power Generations In The State"

 समुद्री तट पर पवन शक्ति आधारित विद्युत उत्पादन का फलक विकसित करने मुख्यमंत्री ने अपनाया सफल अभिगम

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में पवन ऊर्जा शक्ति के विकास को और भी वेग प्रदान करने के लिए नई प्रोत्साहक पवन ऊर्जा नीति को मंजूरी दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री सौरभभाई पटेल ने इस बात की जानकारी दी है। श्री पटेल ने कहा कि गुजरात में वर्ष २००१ में पवन ऊर्जा के जरिए विद्युत उत्पादन की स्थापित क्षमता १५० मेगावाट थी, जो आज वर्ष २०१३ में यानी पिछले एक दशक में बढ़कर ३१४७ मेगावाट तक जा पहुंची है। भारत में पवन ऊर्जा की १९००० मेगावाट की स्थापित क्षमता के मुकाबले अकेले गुजरात की विद्युत उत्पादन क्षमता ३१४७ मेगावाट है। श्री पटेल ने विश्वास जताया कि नई पवन ऊर्जा नीति गुजरात की इस क्षमता को ज्यादा गतिशील बनाएगी।

वर्तमान पवन ऊर्जा नीति की समयावधि मार्च, २०१३ में पूरी हो चुकी है। गुजरात द्वारा अपने १६०० किमी लंबे समुद्री किनारे को ऊर्जा क्षेत्र की समृद्धि का आधार बनाने के महत्वाकांक्षी आयोजन के साथ इस नई पवन ऊर्जा नीति के तहत देश भर के विकासकारों को गुजरात में विद्युत उत्पादन प्रोजेक्ट के लिए आकर्षित करने का उद्देश्य रखा गया है। इसका जिक्र करते हुए श्री पटेल ने कहा कि ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोत के रूप में राज्य में पवन शक्ति से विद्युत उत्पादन करने की विपुल संभावनाओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने पवन ऊर्जा के आयोजनबद्ध विकास पर विशेष तौर पर ध्यान केन्द्रित किया है।

पवन ऊर्जा की इस नई नीति के अनुसार विकासकार पवन ऊर्जा केन्द्रों द्वारा विद्युत उत्पादन करेंगे और उत्पादित बिजली ४.१५ रुपये प्रति यूनिट की दर से गुजरात सरकार की विद्युत कंपनियों जीयूवीएनएल या अन्य विद्युत वितरण लायसेंसधारकों को बेच सकेंगे। वर्तमान नीति में बिजली खरीद की दर ३.५६ रुपये प्रति यूनिट थी, जिसे बढ़ाकर ४.१५ रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। तय की गई नई दरें २५ वर्ष तक बिजली बिक्री के लिए विकासकार के लिए अमल में रहेगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि विकासकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पवन ऊर्जा के जरिए उत्पादित बिजली को विद्युत शुल्क से माफी देने का प्रावधान नई नीति में किया गया है।

वहीं, नई नीति के तहत यदि विकासकार चाहें तो पवन ऊर्जा के जरिए उत्पादित बिजली का गुजरात स्थित अपनी फैक्टरी में स्वयं के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। बिजली का स्वयं के लिए इस्तेमाल का यह प्रावधान व्हीलिंग एवं ट्रांसमिशन चार्जेज के साथ के साथ किया गया है। यदि एक से अधिक स्थान पर स्वइस्तेमाल की बिजली का उपयोग करना हो तो व्हीलिंग एवं ट्रांसमिशन चार्जेज के अलावा पांच पैसा प्रति यूनिट की दर से अतिरिक्त भुगतान कर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

औद्योगिक इकाईयों द्वारा इस्तेमाल के बाद बची या शेष पवन बिजली प्रति यूनिट ४.१५ रुपये के ८५ फीसदी यानी ३.५२ रुपये के हिसाब से वितरण कंपनियों को बेची गई है, ऐसा माना जाएगा। श्री पटेल ने कहा कि जिन पवन विद्युत उत्पादकों को स्वयं के इस्तेमाल के लिए बिजली का उपयोग नहीं करना है और राहत दर पर भी नहीं बेचना है, उन्हें संबंधित प्रवहन और व्हीलिंग चार्ज बैंकिंग सुविधा के बिना चुकाना होगा साथ ही १५ मिनट के समय के ब्लॉक में ऊर्जा का हिसाब बराबर कर तीसरे पक्षकार को बिजली बेचने की अनुमति दी जा सकेगी।

राज्य के दूरदराज के इलाकों की सरकारी परती जमीनों में पवन ऊर्जा केन्द्र स्थापित करने के लिए विकासकारों को जमीन आवंटित करने के प्रावधान का इस नीति मे उल्लेख किया गया है। इसके चलते परती एवं अनुपजाऊ जमीनें हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग में ली जा सकेंगी और ऊर्जा के पर्यावरणलक्षी कार्यक्षम उत्पादन-इस्तेमाल को वेग मिलेगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग एवं उसके असर से समग्र दुनिया चिंतित है, ऐसे में गुजरात सरकार का इरादा गैर परंपरागत ऊर्जा के स्रोतों का महत्तम उपयोग करने का है। इसके तहत इस नीति के व्यापक अमल को लेकर राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। देश के अन्य राज्य जहां दो से तीन फीसदी से भी कम बिजली पवन ऊर्जा के जरिए उत्पादित कर रहे हों, ऐसे में गुजरात अकेला ऐसा राज्य है जहां गैर परंपरागत ऊर्जा द्वारा उत्पादित बिजली का हिस्सा तकरीबन १० फीसदी जितना है।

श्री पटेल ने कहा कि समग्र देश में ऊर्जा की विकट समस्या, निरंतर बढ़ रहे खनन और ईंधन की कीमतों, पर्यावरण को होने वाले नुकसान तथा ग्लोबल वार्मिंग जैसे संकट की चुनौतियों से निबटने के लिए गुजरात सरकार ने पवन शक्ति और सूर्य शक्ति जैसे गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के पर्यावरण मैत्रीपूर्ण उपयोग के लिए प्रतिबद्ध बनकर पथप्रदर्शक पहल की है।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India a ‘front-runner’ market, plans to deepen AI and manufacturing presence: Ericsson CEO

Media Coverage

India a ‘front-runner’ market, plans to deepen AI and manufacturing presence: Ericsson CEO
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister speaks with Amir of Qatar
March 03, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi spoke with H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, the Amir of Qatar.

During the conversation, the Prime Minister conveyed that India stands firmly in solidarity with Qatar and strongly condemns any violation of its sovereignty and territorial integrity.

The two leaders emphasized the urgent need to restore peace and stability in the region through dialogue and diplomacy.

The Prime Minister also conveyed his appreciation for the continued support and care extended by the Qatari leadership to the Indian community in Qatar during this challenging time.

The Prime Minister wrote on X;

“Spoke with my brother, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, the Amir of Qatar. We stand firmly in solidarity with Qatar and strongly condemn any violation of its sovereignty and territorial integrity. We emphasized the urgent need to restore peace and stability in the region through dialogue and diplomacy. I also conveyed my appreciation for his continued support and care for the Indian community in Qatar during this challenging time.

@TamimBinHamad”