"The Kite Festival across Gujarat to be 8-day affair January 7-14"
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अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव- 2014

गुजरात के अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव ने देश- विदेश के पर्यटको को आकर्षित किया है

मुख्यमंत्री श्री मोदी 12 जनवरी को सुबह 9 बजे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2014 का शुभारम्भ करेंगे

इस वर्ष पतंग महोत्सव आठ दिन तक आयोजित किया जाएगा: रिवरफ्रंट में थीम पवेलियन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन

गुजरात के अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव ने देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है, जिसके कारण राज्य की पर्यटन गतिविधियों को गति मिली है। इतना ही नहीं, पर्यटन के साथ जुड़े हुए लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार भी मिल रहा है। गुजरात में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के आयोजन की जानकारी देते हुए आज यह बात राज्य के पर्यटन मंत्री सुरभ भाई पटेल ने कही।

उन्होंने कहा कि इस बार 7 जनवरी से अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि गुजरात में पतंगोत्सव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजन होने की वजह से इन दिनों के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखने में आई है। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग के इस प्रकार के सफल आयोजन से राज्य की अर्थव्यवस्था भी ज्यादा मजबूत हुई है। पतंग बनाकर गुजरा करने वाले कारीगरों, व्यापारियों की आर्थिक स्थिति भी सुधरी है और इससे जुड़े आनुषांगिक रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी हुई है।

श्री पटेल ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि इस साल पतंग महोत्सव 7 जनवरी से 14 जनवरी तक, अर्थात् 8 दिन तक चलेगा। इसमें राज्य के पतंगबाजों के साथ ही देश- विदेश के पतंगबाज भी अपना हुनर दिखलाएंगे। इस पतंगोत्सव के दौरान 11 जनवरी को शाम 7 बजे साबरमती रिवरफ्रंट में थीम पवेलियन का शुभारम्भ किया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। यहीं पर 12 जनवरी को सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2014 का शुभारम्भ करेंगे और पतंगबाजों का उत्साह बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री थीम पवेलियन और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण भी करेंगे। इस अवसर पर आयोजित समारोह में भागवत विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा “आदित्य स्तुति”प्रस्तुत की जाएगी। सूर्य की स्तुति के साथ 2000 विद्यार्थियों द्वारा “सूर्य नमस्कार” के स्वरूप में कसरत के करतब प्रस्तुत किए जाएंगे। इस मौके पर देश- विदेश के पतंगबाजों द्वारा मार्च पास्ट भी किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पतंग की थीम पर हमारी संस्कृति की झलक सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

पर्यटन निगम द्वारा प्रतिदिन शाम के बाद पतंगबाजों के लिए खास तौर पर “तुक्कल” उड़ाने का आयोजन भी किया गया है। इसी प्रकार 13 जनवरी को दिन में पतंग उत्सव होगा और रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी भी आयोजित किया जाएगा। 14 जनवरी 2014 को मकर संक्रांति पर अहमदाबाद की सांस्कृतिक विरासत समान पोलों में लोग पतंग उड़ाने का आनन्द लेंगे। 12,13 और 14 जनवरी को समग्र दिन के दौरान रिवरफ्रंट ग्राउंड पर पूरे दिन देश, विदेश के पतंगबाज पतंग उड़ाएंगे।

इस समग्र कार्यक्रमों में पर्यटन राज्य मंत्री जयेश भाई रादड़िया, गुजरात पर्यटन निगम के अध्यक्ष कमलेश पटेल सहित कई महानुभाव और पतंगबाज और नागरिक उपस्थित रहेंगे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।