"Shri Narendra Modi addressed the ‘Vijay Sankalp Samabesh’ rally in Sambalpur, Odisha on March 14, 2014. "
"Shri Modi highlighted the BJP’s unending focus on development and the Congress’ inherent attribute of making false promises. "

Please click here if you are not redirected within a few seconds.
Click to view on browser

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Engineering goods exports up 10.4% in January,2026, crosses $100 billion mark in April-January Period of FY26

Media Coverage

Engineering goods exports up 10.4% in January,2026, crosses $100 billion mark in April-January Period of FY26
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने शहादत दिवस पर चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित की: जीवन शिक्षाओं को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
February 27, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजाद ने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया और इसी कारण उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

अमर क्रांतिकारी की विरासत को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन यह दर्शाता है कि अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा:

“भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।”

“अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन बताता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते।

शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम् ।।”

“तीनों लोकों में शौर्य से श्रेष्ठ कोई तत्व नहीं है। शौर्य ही वह आधारभूत शक्ति है जो चराचर जगत का पोषण और रक्षण करती है तथा समस्त लोक मर्यादा, समृद्धि व कर्तव्य का आधार बनती है।”