नरेन्द्र मोदी सरकार ने हाल ही में सत्ता में आठ साल पूरे किए हैं और इस उपलक्ष्य में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण सम्मेलन' को संबोधित करने के लिए शिमला में थे, जहां उन्होंने किसानों के लिए नकद हस्तांतरण योजना 'पीएम-किसान सम्मान निधि' की 11वीं किस्त जारी की। इस कार्यक्रम में 10 करोड़ किसानों को लगभग 21,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
पीएम मोदी ने अपने आठ साल के कार्यकाल में दुनिया को यह समझाने का दायित्व बखूबी निभाया है कि भारत एक महाशक्ति है। उनके ईमानदार प्रयासों के कारण भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। 2015 में भारत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' सूचकांक में 142वें स्थान पर था, जबकि आज यह 63वें स्थान पर है।
पीएम मोदी नए भारत की नींव रखने वाले शिल्पकार रहे हैं और हमारा देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उससे मैं बहुत संतुष्ट हूं। वह 130 करोड़ लोगों के प्रधान सेवक हैं और मेरे सहित कई लोगों के प्रेरणास्रोत हैं।
2014 के बाद से देश ने जो व्यापक परिवर्तन देखा है, वह उनके कुशल नेतृत्व और कठिन परिश्रम के कारण ही सम्भव हुआ है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, पीएम मोदी ने समाज के निचले तबके के लिए कुछ सशक्त योजनाएं शुरू कीं। 'जन धन योजना', उन शुरुआती योजनाओं में से एक थी जिसने लोगों को जीरो बैलेंस के साथ भी बैंक खाता खोलने में मदद की।
देश के करोड़ों लोगों का अपना बैंक खाता होना सपना था, जिसे पूरा करने में पीएम मोदी ने मदद की। शुरूआत में, लोगों ने मजाक भी उड़ाया कि बैंक में खाता खुल जाने मात्र से क्या लाभ होगा। लेकिन यह पीएम मोदी की दृष्टि और दृढ़ संकल्प था, जिसके परिणामस्वरूप 45 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए। अब जनकल्याण की विभिन्न योजनाओं से मिलने वाला लाभ Direct Benefit Transfer (DBT) के रूप में सीधे लाभार्थियों तक इन्हीं जनधन खातों के माध्यम से पहुंचता है।
हमारे देश की महिलाओं के लिए संकटमोचक सरीखी एक और योजना 'उज्ज्वला योजना' थी जिसके तहत 9 करोड़ से अधिक परिवार आज एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करके अपना खाना पका रहे हैं। 'आयुष्मान भारत योजना' और 'स्वच्छ भारत मिशन' भी समाज और जनमानस के बीच बहुत बड़े बदलाव के प्रतीक बने हैं। और इन सभी योजनाओं ने हिमाचल प्रदेश के लोगों को व्यापक रूप से लाभान्वित किया है।
दुनिया 2020 से कोविड-19 महामारी की चपेट में है और पीएम मोदी ने इस स्थिति को कुशलता से संभाला। स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और प्रधानमंत्री का भारत को आत्मनिर्भर बनाने का विजन उस समय साकार हो गया जब महामारी की शुरुआत के कुछ महीनों के भीतर ही, भारत ने इस महामारी से लड़ने और देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक नहीं बल्कि दो टीके बना किए।
हिमाचल प्रदेश हमेशा से पीएम मोदी के दिल के करीब रहा है। उस जनसभा में उन्होंने महरून बैंड के साथ हिमाचली टोपी पहनी थी। लाल रंग शिमला के निकट निचले सिरमौर के वंशजों का प्रतीक है। इस तरह विश्व स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलना हर हिमाचली के लिए बहुत बड़ा सम्मान है।
हिमाचल प्रदेश का जल्द ही बिलासपुर में अपना एम्स बनने जा रहा है, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी जून के अंतिम सप्ताह में करेंगे। चिकित्सा संस्थान में शुरूआती चरण में 125 बिस्तरों की सुविधा होगी। पूरा संस्थान इस साल सितंबर तक तैयार और पूरी तरह से चालू हो जाना चाहिए। एम्स जैसा प्रीमियर मेडिकल संस्थान हमारी धरती पर होने से हर उस हिमाचली का जीवन आसान हो जाएगा, जिसे पहले इलाज के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता था।
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद से हिमाचल प्रदेश में जबरदस्त विकास हुआ है। प्रस्तावित निवेश लगभग 750 करोड़ रुपये का है और इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
पीएम मोदी के साथ मेरा संबंध 1990 के दशक के मध्य से है जब वह पार्टी मामलों के प्रभारी के रूप में राज्य में आए थे।
मुझे उनकी युवावस्था वाला समय आज भी याद है। वह तब भी तेजवान, प्रगतिशील, समर्पित और दृढ़निश्चयी थे और अब भी हैं। चूंकि हम उस समय विपक्ष में थे, इसलिए वह इस बारे में अपने विचार साझा करते थे कि हम अपनी विजन और विचारधारा को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं। यह पीएम मोदी की शानदार और तेज रणनीति और विचार ही थे, जिन्होंने 1998 में पहली बार राज्य में सरकार बनाने में हमारी मदद की।
नरेन्द्र मोदी जी हमें विपक्ष की अपनी भूमिका और अभियानों के क्षितिज का विस्तार करने के लिए नए-नए तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते थे। वे हमें मंदिरों में घंटी बजाकर या थाली बजाकर विरोध के नए-नए और प्रभावी तरीकों के बारे में बताते थे।
उनका विचार नए तरीकों से हमारे संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। उस समय सोशल मीडिया नहीं था लेकिन तब भी मोदी जी के इनोवेटिव आइडियाज सोशल मीडिया की तरह काम करते थे और इससे हमें अपना संदेश जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिली।
मुझे याद है, 1998 में मैं राज्य चुनाव समिति का सदस्य था, और मुझे शिमला से विधानसभा का टिकट नहीं मिल सका था। एक अनुशासित पार्टी कार्यकर्ता के रूप में, मैंने वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन के अनुसार पार्टी का घोषणापत्र तैयार किया। हम चुनाव जीत गए। नरेन्द्र मोदी जी, जो कि बाद में बड़ी जिम्मेदारियों को निभाने हेतु केंद्र में चले गए थे, उनके और अन्य वरिष्ठ नेतृत्व के आशीर्वाद से मेरे जैसे एक आम कार्यकर्ता को पहले पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष और फिर राज्यसभा सदस्य बनाया गया।
एक बार मैं राज्यसभा सदस्य के नाते एक संसदीय समिति के सदस्य के रूप में अहमदाबाद में था। मैंने मोदी जी से बात करने के लिए अपने होटल से सीएम आवास पर फोन किया। मैं मन ही मन इस उधेड़बुन में था कि क्या उन्होंने मुझे अभी तक याद रखा होगा या वे मुझसे बात करेंगे? वे उस समय एक दौरे पर थे। उनके स्टाफ ने मेरा डिटेल लिया और मेरी तमाम आशंकाएँ उस समय निर्मूल साबित हुईं, जब अगली सुबह मोदी जी ने मुझे फोन किया और मेरी यात्राओं के बारे में पूछा।
दुर्भाग्य से, मैं उनसे तब नहीं मिल सका क्योंकि वह राज्य की राजधानी में नहीं थे, लेकिन मुझे खुशी थी कि वे मुझे भूले नहीं और मुझे तब वही गर्मजोशी महसूस हुई जो मैंने 90 के दशक के मध्य में महसूस की थी जब वे हिमाचल में पार्टी के मामलों को संभाल रहे थे।
2004 के संसदीय चुनावों के दौरान, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, मोदी जी को शिमला के ठियोग और सोलन के धरमपुर में दो रैलियों को संबोधित करना था। राज्य पार्टी अध्यक्ष के रूप में, मैंने शिमला के कल्याणी हेलीपैड पर उनका स्वागत किया और उनके साथ ठियोग गया। रैली के बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनके साथ धरमपुर जाऊंगा. मैंने कहा कि मैं कल अरुण जेटली जी के साथ भी इस प्रकार नहीं जा सका था, क्योंकि पायलट ने तकनीकी कारणों के हवाले से इसकी अनुमति नहीं दी थी। तब उन्होंने तुरंत पायलट से पूछा और सुनिश्चित किया कि मैं उनके साथ धरमपुर जाऊं। यह उनका स्नेह था।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए 2017 की अपनी हिमाचल यात्रा में, वे एक स्थानीय इंडियन कॉफी हाउस पर ठहरे और अपने पुराने समय को याद किया कि कैसे वह यहां पार्टी के लोगों और मीडियाकर्मियों के साथ बैठते, कॉफी पीते और राजनीति पर चर्चा करते थे।
हम बहुत गर्व और आभारी महसूस करते हैं कि पीएम मोदी ने अपनी सरकार की आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर हिमाचल प्रदेश को चुना। जब मैं उनका स्वागत कर रहा था, मैंने उनसे पूछा कि क्या वह भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेने के लिए जाखू मंदिर जाना चाहेंगे। पीएम मोदी ने तुरंत मुझसे एक नगरपालिका पार्षद दीपक शर्मा के बारे में पूछा, जिनके साथ उनका संबंध 1997 से है, जब वे हिमाचल के लिए पार्टी मामलों के प्रभारी थे और दीपक शर्मा तत्कालीन शिमला मंडल अध्यक्ष थे।
वे दोनों जाखू मंदिर तक पहुँचने के लिए सड़क मार्ग की बजाय लगभग एक किलोमीटर लंबी खड़ी ढलान पर चढ़ते थे। पीएम मोदी तब दीपक शर्मा के घर भी जाते थे।
पीएम मोदी के हिमाचल दौरे से राज्य सरकार के साथ-साथ पार्टी के हर कार्यकर्ता में जोश का संचार हुआ है. अब हम हिमाचल के लोगों के साथ अपना रिपोर्ट कार्ड साझा करने और इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में उनका विश्वास अर्जित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
लेखक: सुरेश भारद्वाज
डिस्कलेमर :
यह उन कहानियों या खबरों को इकट्ठा करने के प्रयास का हिस्सा है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और लोगों के जीवन पर उनके प्रभाव पर उपाख्यान / राय / विश्लेषण का वर्णन करती हैं।


