योग प्राचीन भारतीय संतों की ओर से मानवता को दिया गया बहुमूल्य उपहार है: प्रधानमंत्री मोदी
योग बिना किसी खर्च के केवल फिटनेस की नहीं, वेलनेस की भी गारंटी देता है: पीएम मोदी
योग रोग मुक्ति के साथ-साथ भोग मुक्ति का भी मार्ग है: प्रधानमंत्री
योग विचारों से मनुष्य को श्रेष्ठ बनाता है, यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का एक अद्भुत समन्वय है: प्रधानमंत्री मोदी
योग “मैं से हम”, “व्यक्ति से समष्टि” की एक यात्रा है: पीएम मोदी
योगाभ्यास तनाव से मुक्ति पाने और मन को प्रसन्न व शांति रखने में अत्यंत मददगार है: प्रधानमंत्री
योग उम्र, लिंग, जाति, पंथ, धर्म और राष्ट्रों के बंधन और सीमाओं से परे है: प्रधानमंत्री मोदी
अतिरेक के बीच योग संयम और संतुलन है: पीएम मोदी
निराशा और भय की बीच योग आशा और साहस है: प्रधानमंत्री

 

चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले एक वीडियो संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विश्व में योग की बढ़ती लोकप्रियता पर खुशी व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि योग प्राचीन भारतीय संतों की ओर से मानवता को दिया गया बहुमूल्य उपहार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग बिना किसी खर्च के केवल फिटनेस की नहीं, वेलनेस की भी गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि योग रोग मुक्ति के साथ-साथ भोग मुक्ति का भी मार्ग है। योग विचारों से मनुष्य को श्रेष्ठ बनाता है। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का एक अद्भुत समन्वय है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग जोड़ता है। मन, शरीर और बुद्धि को जोड़, व्यक्ति के अंतर्द्वंद और तनाव को ख़त्म कर आनंद देता है। उन्होंने कहा, “योग “मैं से हम”, “व्यक्ति से समष्टि” की एक यात्रा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि आज व्यक्ति आधुनिक जीवन शैली से उपजी समस्याओं से ग्रस्त है। तनाव, अवसाद (डिप्रेशन), मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां अंदर ही अंदर व्यक्ति को मार रही है। योग में इन सभी बीमारियों का समाधान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग उम्र, लिंग, जाति, पंथ, धर्म और राष्ट्रों के बंधन और सीमाओं से परे है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योगाभ्यास तनाव से मुक्ति पाने और मन को प्रसन्न व शांति रखने में अत्यंत मददगार है। दिनभर की थकान के बाद पानी से हाथ-मुँह धो लें तो कैसे ताज़गी मिलती है, इसी तरह से आपाधापी के बीच थोड़ा-सा प्राणायाम या कुछ देर का शवासन आराम और ऊर्जा देता है।

पीएम मोदी ने कहा कि योग मन की शांति सुनिश्चित करता है। व्यक्ति को परिवार और समाज से जोड़ता है, आपसी स्नेह और मम भाव पैदा करता है। ऐसे ही समरस समाज शांतिप्रिय राष्ट्र का निर्माण करते हैं। ऐसे राष्ट्रों से ही एक सौहार्द और सद्भाव से पूर्ण सुंदर विश्व का निर्माण होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब अधिक से अधिक लोग योग को अपने जीवन का एक अहम् हिस्सा बना रहे हैं, तो योग शिक्षकों की मांग भी बढ़ रही है। आज हमारी चुनौती है - प्रशिक्षित योग शिक्षकों को तैयार करना जो योग के प्रति इस लगाव और उत्साह को सही रास्ते में आगे बढ़ा सकें, और विशेष रूप से युवाओं को इसके लिए प्रोत्साहित कर सकें।

 

 

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