‘सेवा, संगठन और समर्पण’ - असम के भाजपा कार्यकर्ताओं में संगठन की सच्ची भावना झलकती है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब हर बूथ मजबूत होता है, तो जीत निश्चित हो जाती है और असम का भविष्य और भी उज्ज्वल बनता है।
असम की पहचान की रक्षा करना और अवैध घुसपैठ जैसी समस्याओं से निपटना केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, संस्कृति और न्याय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है: पीएम मोदी
एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण शांति समझौतों ने स्थायी शांति और स्थिरता लाई है, खासकर बोडोलैंड जैसे क्षेत्रों में: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के तहत सोमवार को नमो ऐप के जरिए असम के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मां कामाख्या को नमन करते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र घाटी से लेकर बराक वैली तक, पहाड़ से लेकर पठार तक भाजपा-एनडीए के कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कार्यकर्ता के मन में एक ही संकल्प है-मेरा बूथ सबसे मजबूत। उन्होंने विश्वास जताया कि असम में एनडीए सरकार की हैट्रिक तय है और इसके लिए कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने सुनीतपुर के पंकज हजारिका, तामलपुर के धनेश्वर बासुमतारी, नौगांव की डिंपी दास, बोकाजन के देवराज सिग्नार और तिनसुकिया के अर्जुन गोवाला से संवाद किया। इस संवाद को हजारों बूथ कार्यकर्ताओं ने भी सुना। कार्यकर्ताओं के अनुभवों को सुनते हुए पीएम मोदी ने कहा कि असम ने अस्थिरता और हिंसा का लंबा दौर देखा है, लेकिन बीते 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से स्थायी शांति और विकास का नया युग शुरू हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि पहले जहां असम हिंसा और उग्रवाद की आग में झुलस रहा था, वहीं आज यहां आत्मविश्वास और प्रगति का माहौल है। पिछले एक दशक में 12 बड़े शांति समझौते हुए हैं, जिससे राज्य में स्थिरता आई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे नए मतदाताओं को पुराने दौर की सच्चाई बताएं, ताकि वे समझ सकें कि शांति और विकास कितने महत्वपूर्ण हैं और छोटी सी गलती राज्य को फिर पुराने हालात में धकेल सकती है। उन्होंने कहा, ‘राज्य के डेवलपमेंट के लिए शांति पहली जरूरत होती है और यही बीजेपी एनडीए सरकार कर रही है। मेरा एक और काम करिएगा। जब आप युवाओं से मिले तो आप पुराने अखबारों की कटिंग 10 साल पहले के फोन पर पुराने वीडियो ये सब जरूर उनको दिखाना।‘

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केवल कागजों पर समझौते करती थी, जबकि भाजपा जमीन पर शांति स्थापित करने के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ईमानदारी से असम के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम कर रही है और यही कारण है कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘जैसे ही कांग्रेस सरकार बनती थी समझौते कूड़े कचरे के ढेर में चले जाते थे। कोई समझौता आगे बढ़ता नहीं था। फिर दंगे फसाद में असम हमारा फंस जाता था। हमारी नई पीढ़ी फंस जाती थी। जबकि बीजेपी मीडिया में जगह पाने के लिए काम नहीं करती। शांति स्थापित करने के लिए काम करती है।‘

मतदान को उत्सव बनाने की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बूथ स्तर पर 20-25 मतदाताओं की टोलियां बनाकर, गाने-बजाने और उत्साह के साथ मतदान केंद्र तक जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे हर मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करें और विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को जागरूक करें।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज असम की महिलाएं सुरक्षित माहौल में रात तक काम कर रही हैं, जो पहले संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का आत्मविश्वास ही नए असम की सबसे बड़ी ताकत है। अरुणोदय योजना और लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे लाखों महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिला है।

घुसपैठ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल चुनावी विषय नहीं, बल्कि असम की पहचान, सुरक्षा और संसाधनों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों को बताएं कि कैसे अवैध कब्जों ने राज्य को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, ‘यह किसानों की जमीन, आदिवासियों की, गरीबों की रोजीरोटी, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। कांग्रेस ने बीते दशकों में जो अवैध कब्जे होने दिए, इससे असम में कितनी परेशानी हुई है। हमारे आस्था के, सांस्कृति के स्थानों तक को उन्होंने छोड़ा नहीं है। किसानों की जमीनों को नहीं छोड़ा गया। जहां घुसपैठिए बढ़ जाते हैं, वह मेहनत मजदूरी के काम पर कब्जा कर लेते हैं। इसलिए जरूरतमंद लोगों को काम मिलना कम हो जाता है।‘

चाय बागान के श्रमिकों के जीवन में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भूमि पट्टे मिलने से हजारों परिवारों को सुरक्षा और सम्मान मिला है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चाय बागानों में ‘चाय पर चर्चा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनें और सरकार की योजनाओं की जानकारी दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपकी बातों में जो विश्वास झलकता है, वह हर सुनने वाले का आत्मविश्वास और भी मजबूत कर देता है। इससे साफ है कि असम में मतदान के सभी रिकॉर्ड टूटने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ मतदान के रिकॉर्ड तोड़ना नहीं है, बल्कि विजय के भी नए कीर्तिमान स्थापित करना है। जब विजय के नए रिकॉर्ड की बात होती है तो उसकी पहली शर्त है-हर बूथ पर नए रिकॉर्ड बनाना।

प्रधानमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके लिए कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी ताकत हैं और उनका समर्पण ही एनडीए की जीत की गारंटी है।

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प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा
July 03, 2026

इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई, 2026 तक इंडोनेशिया की यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने के बाद उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। जकार्ता में प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इन विशेष संबंधों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के एक प्रमुख यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।

इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई, 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज़ एमपी के निमंत्रण पर मेलबर्न की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल माननीय सुश्री सैम मोस्टिन एसी से भी मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे जहां वे दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मेलबर्न से 10-11 जुलाई, 2026 को ऑकलैंड की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में, प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे जिनमें पिछले दो वर्षों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री प्रमुख व्यापार और खेल जगत की हस्तियों से भी बातचीत करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत जन-संबंधों को दर्शाते हुए प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासी भारतीयों की एक विशाल सभा को संबोधित करेंगे।