प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के तहत सोमवार को नमो ऐप के जरिए असम के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मां कामाख्या को नमन करते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र घाटी से लेकर बराक वैली तक, पहाड़ से लेकर पठार तक भाजपा-एनडीए के कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कार्यकर्ता के मन में एक ही संकल्प है-मेरा बूथ सबसे मजबूत। उन्होंने विश्वास जताया कि असम में एनडीए सरकार की हैट्रिक तय है और इसके लिए कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सुनीतपुर के पंकज हजारिका, तामलपुर के धनेश्वर बासुमतारी, नौगांव की डिंपी दास, बोकाजन के देवराज सिग्नार और तिनसुकिया के अर्जुन गोवाला से संवाद किया। इस संवाद को हजारों बूथ कार्यकर्ताओं ने भी सुना। कार्यकर्ताओं के अनुभवों को सुनते हुए पीएम मोदी ने कहा कि असम ने अस्थिरता और हिंसा का लंबा दौर देखा है, लेकिन बीते 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से स्थायी शांति और विकास का नया युग शुरू हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले जहां असम हिंसा और उग्रवाद की आग में झुलस रहा था, वहीं आज यहां आत्मविश्वास और प्रगति का माहौल है। पिछले एक दशक में 12 बड़े शांति समझौते हुए हैं, जिससे राज्य में स्थिरता आई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे नए मतदाताओं को पुराने दौर की सच्चाई बताएं, ताकि वे समझ सकें कि शांति और विकास कितने महत्वपूर्ण हैं और छोटी सी गलती राज्य को फिर पुराने हालात में धकेल सकती है। उन्होंने कहा, ‘राज्य के डेवलपमेंट के लिए शांति पहली जरूरत होती है और यही बीजेपी एनडीए सरकार कर रही है। मेरा एक और काम करिएगा। जब आप युवाओं से मिले तो आप पुराने अखबारों की कटिंग 10 साल पहले के फोन पर पुराने वीडियो ये सब जरूर उनको दिखाना।‘
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केवल कागजों पर समझौते करती थी, जबकि भाजपा जमीन पर शांति स्थापित करने के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ईमानदारी से असम के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम कर रही है और यही कारण है कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘जैसे ही कांग्रेस सरकार बनती थी समझौते कूड़े कचरे के ढेर में चले जाते थे। कोई समझौता आगे बढ़ता नहीं था। फिर दंगे फसाद में असम हमारा फंस जाता था। हमारी नई पीढ़ी फंस जाती थी। जबकि बीजेपी मीडिया में जगह पाने के लिए काम नहीं करती। शांति स्थापित करने के लिए काम करती है।‘
मतदान को उत्सव बनाने की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बूथ स्तर पर 20-25 मतदाताओं की टोलियां बनाकर, गाने-बजाने और उत्साह के साथ मतदान केंद्र तक जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे हर मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करें और विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को जागरूक करें।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज असम की महिलाएं सुरक्षित माहौल में रात तक काम कर रही हैं, जो पहले संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का आत्मविश्वास ही नए असम की सबसे बड़ी ताकत है। अरुणोदय योजना और लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे लाखों महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिला है।
घुसपैठ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल चुनावी विषय नहीं, बल्कि असम की पहचान, सुरक्षा और संसाधनों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों को बताएं कि कैसे अवैध कब्जों ने राज्य को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, ‘यह किसानों की जमीन, आदिवासियों की, गरीबों की रोजीरोटी, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। कांग्रेस ने बीते दशकों में जो अवैध कब्जे होने दिए, इससे असम में कितनी परेशानी हुई है। हमारे आस्था के, सांस्कृति के स्थानों तक को उन्होंने छोड़ा नहीं है। किसानों की जमीनों को नहीं छोड़ा गया। जहां घुसपैठिए बढ़ जाते हैं, वह मेहनत मजदूरी के काम पर कब्जा कर लेते हैं। इसलिए जरूरतमंद लोगों को काम मिलना कम हो जाता है।‘
चाय बागान के श्रमिकों के जीवन में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भूमि पट्टे मिलने से हजारों परिवारों को सुरक्षा और सम्मान मिला है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चाय बागानों में ‘चाय पर चर्चा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनें और सरकार की योजनाओं की जानकारी दें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपकी बातों में जो विश्वास झलकता है, वह हर सुनने वाले का आत्मविश्वास और भी मजबूत कर देता है। इससे साफ है कि असम में मतदान के सभी रिकॉर्ड टूटने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ मतदान के रिकॉर्ड तोड़ना नहीं है, बल्कि विजय के भी नए कीर्तिमान स्थापित करना है। जब विजय के नए रिकॉर्ड की बात होती है तो उसकी पहली शर्त है-हर बूथ पर नए रिकॉर्ड बनाना।
प्रधानमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके लिए कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी ताकत हैं और उनका समर्पण ही एनडीए की जीत की गारंटी है।


