| क्रम सं. | समझौते/सहमति पत्र | विवरण/क्षेत्र | भारत के हस्ताक्षरकर्ता | मॉरीशस के हस्ताक्षरकर्ता |
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महासमुद्रीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में मॉरीशस और भारत के बीच सहमति पत्र | यह एमओयू सामुद्रिक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक विस्तृत संरचना मुहैया करायेगी जो हिंद महासागर के क्षेत्र में एक अनूठा और टिकाऊ विकास का एक अहम क्षेत्र है। यह सामुद्रिक संसाधनों के क्षेत्र में उत्खनन एवं क्षमता विकास, मत्स्य, हरित पर्यटन, महासमुद्रीय प्रौद्योगिकी के अनुसंधान एवं विकास, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान एवं अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए आपसी रूप से लाभदायक सहयोग मुहैया कराता है। | विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) श्री नवतेज सरना | कैबिनेट
के सचिव श्री
सतीयावेद
सीबालुक
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| 2 | वर्ष 2015-18 के लिए भारत एवं मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक सहयोग के लिए कार्यक्रम | भारत और मॉरीशस हमारे साझा सांस्कृतिक विरासत और पंरपराओं पर आधारित एक अनूठे रिश्ते में बंधे हैं। यह कार्यक्रम 2015-18 की अवधि के लिए इस क्षेत्र में विस्तृत द्विपक्षीय सहयोग मुहैया करायेगा। इस कार्यक्रम में अन्य बातों के अलावा सांस्कृतिक समूहों का आदान-प्रदान, ललित कलाओं में प्रशिक्षण सांस्कृतिक प्रदशर्नियों का आयोजन, सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण, भारतीय भाषाओं का संवर्धन, छात्रों के आदान-प्रदान आदि का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम से दोनों देशों के बीच जनता की जनता के साथ भागीदारी का विस्तार होगा। | विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) श्री नवतेज सरना | कैबिनेट
के सचिव श्री
सतीयावेद
सीबालुक
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| 3 | भारत के कृषि मंत्रालय के कृषि एवं सहयोग विभाग और मॉरीशस गणराज्य के कृषि-उद्योग एवं खाद्य सुरक्षा मंत्रालय के बीच भारत से ताजे आमों के आयात के लिए समझौता | इस समझौते का लक्ष्य मॉरीशस द्वारा भारत से ताजे आमों के आयात को सुगम बनाना है जिससे कि मॉरीशस के हमारे भाईयों को भी विश्व विख्यात भारतीय आमों का जायका मिल सके। . | विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) श्री नवतेज सरना | कैबिनेट
के सचिव श्री
सतीयावेद
सीबालुक
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| 4 | मॉरीशस के अगालेगा द्वीप पर समुद्री एवं वायु माल ढुलाई सुविधाओं में बेहतरी के लिए सहमति पत्र | इस सहमति पत्र में मॉरीशस के बाहरी द्वीप पर समुद्री एवं वायु संपर्क को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना एवं उन्नयन का प्रावधान है जो कि इस सुदूर द्वीप के निवासियों की स्थिति को सुधारने में दीर्घकालिक रूप से सहायक होगा। ये सुविधाएं बाहरी द्वीप में उनके हितों की रक्षा करने में मॉरीशस के रक्षा बलों की क्षमताओं में वृद्धि करेंगे। | विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) श्री नवतेज सरना | कैबिनेट
के सचिव श्री
सतीयावेद
सीबालुक
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| 5 | चिकित्सा की पारंपरिक प्रणाली एवं होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति पत्र। | यह सहमति पत्र दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य एवं दवा की पारंपरिक प्रणाली के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा जो हमारे अनूठे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के कारण पहले से ही इन परंपराओं को साझा करते हैं। इसमें विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, पारंपरिक चिकित्सीय तत्वों की आपूर्ति, दोनों देशों में स्वास्थ्य एवं दवा की पारंपरिक प्रणालियों की स्वीकृति, अनुसंधान एवं विकास का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य आयुष के तहत आने वाले विभिन्न भारतीय पारंपरिक प्रणालियों का संवर्धन करना और उन्हें लोकप्रिय बनाना भी है। | विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) श्री नवतेज सरना | कैबिनेट के सचिव श्री सती वेद सीबालुक |
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है—
“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”
यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं। इसके विपरीत, सफलता और समृद्धि स्वयं ऐसे व्यक्ति का चुनाव करती है जो प्रत्येक कार्य को सोच-विचार कर करता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।
सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”
धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥ pic.twitter.com/X1DlFfR06j

