| क्र.सं. | करार एम ओ यू | ब्यौरा स्थिति | भारत की ओर से हस्ताक्षरकर्ता |
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1 |
रक्षा सहयोग के लिए करार |
रक्षा, सुरक्षा, सैन्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यासों का संचालन, अनुभव एवं सूचना का आदान - प्रदान, सैन्य अनुदेशकों एवं प्रेक्षकों का आदान - प्रदान आदि से संबंधित मामलों में भारत और किर्गीस्तान के बीच सहयोग को गहन करना। |
श्री नवतेज सरना, सचिव (पश्चिम), विदेश मंत्रालय |
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2 |
चुनाव के क्षेत्र में परस्पर समझौता एवं सहयोग ज्ञापन |
चुनाव एवं जनमत संग्रह पर कानून, आधुनिक प्रणालियों एवं प्रौद्योगिकियों, हितधारकों का चुनाव प्रक्रिया का अधिकार और चुनाव प्रशासन से संबंधित अन्य मुद्दों से संबंधित मामलों में सहयोग को गहन करना। इस एम ओ यू पर हस्ताक्षर से चुनाव प्रबंधन एवं प्रशासन ने चुनाव आयोगों के लिए तकनीकी सहायता एवं क्षमता निर्माण होगा जिससे भारत और किर्गीस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध और सुदृढ़ होंगे। |
श्री वी जुत्शी, उप चुनाव आयुक्त |
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3. |
मानकों के क्षेत्र में सहयोग के लिए किर्गीस्तान के आर्थिक मंत्रालय और भारत के भारतीय मानक ब्यूरो (बी आई एस) के बीच एम ओ यू। |
इस एम ओ यू का प्रयोजन मानकीकरण, मूल्यांकन की पुष्टि तथा परस्पर व्यापार पर अनुभव की साझेदारी के क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करना और बढ़ाना है जिसका उद्देश्य दोनों पक्षकारों के बीच आवश्यक सूचना एवं विशेषज्ञता का आदान - प्रदान करना है जो परस्पर लाभप्रद होगा और भारत और किर्गीस्तान गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ीकरण का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। |
श्री जयंत खोबरागडे, किर्गीस्तान में भारत के राजदूत |
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4. |
संस्कृति में सहयोग पर करार |
सांस्कृतिक विरासत का परिरक्षण, लोक कलाओं, थिएटर, युवा महोत्सवों का आयोजन और साहित्य, खेल एवं भौतिक संस्कृति के प्रकाशन और अनुवाद में सहयोग, पुरातात्विक सामग्रियों, इतिहास, भूगोल आदि का आदान - प्रदान जैसे क्षेत्रों में भारत और किर्गीस्तान के बीच सांस्कृतिक सहयोग को गहन करना। |
श्री नवतेज सरना, सचिव (पश्चिम), विदेश मंत्रालय |
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Media Coverage
Nm on the go
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।
जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।
सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।
बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

