1. भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 'राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड' और तुर्कमेन राज्य की कंपनी 'तुर्कमेनहिमिया' के बीच रासायनिक उत्पादों की आपूर्ति पर समझौता ज्ञापन।
2. भारत के विदेश मामले मंत्रालय के विदेश सेवा संस्थान और तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन।
3. भारत के खेल एवं युवा मामले मंत्रालय और तुर्कमेनिस्तान की खेल राज्य समिति के बीच खेल के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता।
4. भारत और तुर्कमेनिस्तान सरकार के बीच 2015-2017 की अवधि के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग कार्यक्रम।
5. भारत और तुर्कमेनिस्तान सरकार के बीच योग और पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
6. भारत और तुर्कमेनिस्तान सरकार के बीच पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
7. भारत और तुर्कमेनिस्तान के बीच रक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता।
8. भारत-तुर्कमेन संयुक्त वक्तव्य।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में भाग लेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियाँ और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाएं भाग लेंगी। इसमें सरकार, शिक्षा जगत, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिनिधि शामिल होंगी।
सितंबर 2023 में संसद ने ' नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। अब, देश भर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए, 16 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाया जा रहा है।
यह सम्मेलन भारत के विकास पथ को आकार देने में महिलाओं की अधिक भागीदारी के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह पंचायतों से लेकर संसद तक, सभी स्तरों पर शासन और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाएगा। यह कार्यक्रम निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के महत्व पर बल देगा।
यह सम्मेलन विकसित भारत 2047 की दिशा में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालेगा। यह विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के मुख्य स्तंभ के रूप में महिला नेतृत्व वाले विकास के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करेगा।


