"Khel Mahakumbh 2012-13 commences with a grand ceremony "
"Over 25 lakh athletes, including 7 lakh women athletes and 1 lakh specially abled athletes cutting across all age groups to participate in Khel Mahakumbh "
"We have seen that during the Khel Mahakumbh our players have broken our own records and I am sure due to initiatives such as Khel Mahakumbh, increased professionalism and healthy competition a day is not far when Gujarat’s sportspersons will break records of the nation: Shri Modi "
"There can be no sportsman spirit without sports. We do not want to restrict sports only till a field. We want to take it to the entire Gujarat so that it becomes a field of sportsmanship: Shri Modi "
"Gujarat is standing shoulder to shoulder with the nation in commemorating Swami Vivekananda’s 150th birth anniversary. We commemorated 2012 as Yuva Shakti Varsh and would continue to commemorate 2013 as the same: Shri Modi"

नई पीढ़ी के यशस्वी खिलाड़ी बनाएंगे नये रिकार्ड श्री मोदी 

स्पेशली एबल्ड स्पोर्ट्स कंपीटिशन में शिरकत करेंगे एक लाख खिलाड़ी 

२५ लाख लोगों का विराट खेलोत्सव, विजेताओं को मिलेंगे २५ करोड़ के पुरस्कार

  

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के विराट खेलोत्सव- खेल महाकुंभः २०१२-१३ का शुक्रवार को सूरत में विधिवत प्रारंभ कराते हुए विश्वास व्यक्त किया कि खेल महाकुंभ की वजह से गुजरात की खेल प्रवृत्ति को अनोखी प्रतिष्ठा मिली है और गुजरात की नई पीढ़ी के देश को गौरवांवित करने वाले यशस्वी खिलाड़ी नये रिकार्ड बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने ऐसे वातावरण के निर्माण का अनुरोध किया जहां खेलों में यश दिलाने वाले खिलाड़ियों को भी समाज में प्रतिष्ठा और गौरव का दर्जा मिले। गुजरात की स्वर्णिम जयंती के अवसर पर शुरू हुआ खेलकूद का यह अनोखा अभियान आज विराट खेलोत्सव के रूप में विकसित हो चुका है। ‘रमशे गुजरात, जीतशे गुजरात’ के संकल्प और खेलकूद के क्षेत्र में भी गुजरात की आन-बान-शान को गौरव दिलाने वाला खेलकूद महाकुंभ आज से राज्य भर में शुरू हो गया है। शारीरिक रूप से अशक्त लेकिन खेलकूद की अंदरूनी ऊर्जा से लबरेज तकरीबन एक लाख विकलांग खिलाड़ियों सहित कुल २५ लाख लोगों ने खेल महाकुंभ की २१ स्पर्धाओं में शिरकत करने की इच्छा जतायी है। आज से शुरू हुआ यह विराट खेलोत्सव ११ फरवरी तक खेल के मैदान में गुजरात की खेलभावना का परिचय कराएगा।

इस अवसर पर श्री मोदी ने प्रतिष्ठित खिलाड़ियों द्वारा प्रज्जवलित मशाल ज्योति का स्वागत किया और खिलाड़ियों की जिलेवार मार्च-पास्ट का अभिवादन किया। शीत ऋतु की खुशनुमा सुबह में सूरत महानगर के वीर नर्मद विश्वविद्यालय परिसर में खेल महाकुंभ के थीम सॉंग के साथ गुजरात के खिलाड़ियों की सामूहिक शक्ति का साक्षात्कार हुआ। नागरिकों की विशाल उपस्थिति और उमंग-उत्साह से छलकती युवा पीढ़ी ने खेल महाकुंभ को रंगारंग महोत्सव में तब्दील कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलकूद प्रवृत्तियों को उदासीनता और उपेक्षा से बाहर लाने के महज तीन वर्षों के अल्पकालीक प्रोत्साहक प्रयासों और खेल महाकुंभ के तीन अभियानों के चलते गुजरात ने अनोखी प्रतिष्ठा हासिल की है।

उन्होंने कहा कि खेलकूद के क्षेत्र में गुजरात में पहले कभी ऐसा वातावरण नहीं था जिसमें खेलकूद समाज की सहज प्रवृत्ति और राज्य का गौरव-मुकुट रहा हो। हाशिये पर चली गई खेल-प्रवृत्तियों को सरकार ने खेल महाकुंभ के जरिए समाज के मुख्य प्रवाह में प्रतिष्ठित किया है। श्री मोदी ने विश्वास जताया कि खिलाड़ियों में भूतकाल के रिकार्ड तोड़ नये रिकार्ड स्थापित करने का उत्साह जगा है और वह दिन दूर नहीं जब गुजरात के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर नये रिकार्ड स्थापित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई एवं शिक्षा के क्षेत्र में तेजस्वी विद्यार्थियों को जैसा मान-सम्मान मिलता है, ठीक वैसा ही सम्मान यशस्वी खिलाड़ियों को भी मिलना चाहिए। इस दिशा में गुजरात सरकार ने खिलाड़ियों को गौरव मिले, ऐसा वातावरण बनाया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष स्वामी विवेकानंद की १५०वीं जयंती को गुजरात ने युवा-शक्ति वर्ष के रूप में मनाया था जबकि भारत सरकार ने इस वर्ष स्वामी जी का सार्ध शती समारोह मनाना तय किया है। श्री मोदी ने अभिलाषा जतायी कि गुजरात इसमें सहभागी बनेगा और गांव-गांव में स्थित विवेकानंद युवा केन्द्र युवा-शक्ति के ऊर्जा-चेतना केन्द्र बनेंगे।

समग्रतया तंदुरुस्त एवं खेलभावना के माहौल में किसी को पराजित करने नहीं बल्कि समग्र गुजरात खेल के मैदान में जीतने की भावना के साथ खेल महाकुंभ का उत्सव मनाए, ऐसे वातावरण के सृजन का श्री मोदी ने अनुरोध किया। उन्होंने आह्वान किया कि चुस्ती-फुर्ति के साथ समूचा गुजरात खेल के मैदान में खेलभावना का जीवंत उदाहरण बने और समाजजीवन में खेलभावना सहज स्वभाव बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुंभ में भाग लेने वाले २५ लाख नागरिकों में से ७ लाख महिला खिलाड़ी हैं, जो नारीशक्ति को गौरवांवित करने वाली घटना है। शारीरिक रूप से विकलांग लेकिन विशेष शक्ति वाले एक लाख बच्चों को खेलकूद में प्रोत्साहित करने का कौशल गुजरात ने खड़ा किया है। इस मौके पर श्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों, महिला खिलाड़ियों और विशेष शक्ति वाले विकलांग खिलाड़ियों तथा उनके परिवारों को अभिनंदन दिया। २०१२ का खेल महाकुंभ चुनावी आचार संहिता की वजह से जनवरी-२०१३ में आयोजित करना पड़ा, लेकिन वर्ष २०१३ का खेल महाकुंभ इसी वर्ष आयोजित होगा, ऐसी उत्साहवर्द्धक घोषणा श्री मोदी ने की।

स्वागत भाषण में राज्य के खेलकूद मंत्री रमणलाल वोरा ने कहा कि समस्त राज्य में आयोजित खेल महाकुंभ में २५.५० लाख युवा खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। गांवों से लेकर शहरों तक का युवावर्ग बड़ी तादाद में इसमें भाग लेगा। सूरत की ख्यातिप्राप्त तैराक पूजा चौरुचि ने प्रतिज्ञा पत्र का वांचन किया। इस अवसर पर राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री गणपतभाई वसावा, गृह राज्य मंत्री रजनीभाई पटेल, जलापूर्ति राज्य मंत्री नानुभाई वानाणी, सांसद सीआर पाटिल एवं दर्शनाबेन जरदोश, महापौर राजेन्द्रभाई देसाई, विधायक मंगुभाई पटेल, किशोरभाई वांकावाला, किशोरभाई कानाणी, प्रफुल्लभाई पानसेरिया, हर्ष संघवी, श्रीमती संगीताबेन पाटिल, रणजीतभाई गिलीटवाला, अजयभाई चोकसी, मोहनभाई ढोडिया, खेलकूद सांस्कृतिक प्रवृत्ति विभाग के सचिव भाग्येश झा, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात के महानिदेशक विकास सहाय, मनपा आयुक्त एमके दास तथा जिला कलक्टर जयप्रकाश शिवहरे सहित राज्य भर से बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद थे।

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कैबिनेट ने बिहार में ₹3,590.73 करोड़ की लागत वाले रोड अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी
August 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज बिहार में राष्‍ट्रीय राजमार्ग-22 (एनएच-22) के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन मानक में उन्‍नयन करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा। इसकी कुल पूंजी लागत 3590.73 करोड़ रुपये होगी और इसकी कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर है।

प्रस्तावित परियोजना बिहार के विस्तारित राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण के कारण महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक महत्‍व रखती है। यह एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगा। परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलती है।

इस परियोजना से यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही, यात्रा दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसे 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है। इसमें सड़क के मध्‍य विभाजक में समतल-स्‍तरीय कोई खुला मार्ग नहीं होगा, जिससे तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के सिद्धांतों के अनुरूप नियोजित ये परियोजना औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों सहित प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से सम्‍पर्क में सुधार करके मल्टी-मॉडल एकीकरण को बढ़ाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी से माल और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं की कुशल आवाजाही सुगम होगी, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा और बौद्ध सर्किट तथा सीतामढ़ी स्थित ऐतिहासिक जानकी पुनौरा धाम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्‍ध होगी।

एनएच-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय माल ढुलाई ग्रिड से निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करता है। यह एनएच-31 और एनएच-122 जैसे मौजूदा गलियारों के साथ तालमेल बिठाकर बरौनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर संपर्क स्थापित करता है। साथ ही, यह भिटामोर स्थित निकटवर्ती लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है।

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना में यातायात की सुचारू आवाजाही बनाए रखने और सुरक्षित, उच्च गति वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख पुलों (जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल शामिल है), तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो फ्लाईओवर (1170 मीटर और 270 मीटर) का प्रावधान है।

इस परियोजना से औसत यात्रा गति में वृद्धि, यात्रा समय में कमी तथा समग्र सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहनों की परिचालन लागत में सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना बिहार के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध सम्‍पर्क प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, उन्नत कॉरिडोर से पीएम गति-शक्ति के पांच आर्थिक केंद्रों (चार औद्योगिक एस्‍टेट और एक मेगा फूड पार्क), चार सामाजिक केंद्रों (बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी आकांक्षी जिले) और दो लॉजिस्टिक्स केंद्रों (मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन) के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे इस पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की तेज आवाजाही सुगम होगी।