"Speaking on the theme of transforming India through technology at the NASSCOM India Leadership Forum (NILF) 2014, Shri Modi, addressing the session via video-conference, spoke about the need to bring about the IT revolution in India"
"I see the role of IT as a change agent. It empowers, connects and can binds isolated parts of India and create harmony: Shri Modi"
"Shri Modi underscored the significance of IT in the domain of e-governance, while also stating the tremendous impact it could have in grievance redressal"
"By 2022, when we celebrate 75 years of freedom, we must be a different nation. And IT can be the growth engine of New India: Shri Modi"
"Stressing on the need to adapt IT into governance, Shri Modi spoke of how we need to focus on bringing features of like and share in governance"

मुंबई में नासकॉम के इंडिया लीडरशिप फोरम को श्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित किया

भारत में आईटी रिवॉल्यूशन को ध्यान में रखते हुए डिजिटल इंडिया की ब्रांड इमेज खड़ी करें – गुजरात के मुख्यमंत्री

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुंबई में चल रहे नासकोम के इंडिया लीडरशिप फोरम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए भारत में तेजी से प्रभावी आकार ले रहे आईटी रिवॉल्यूशन को केन्द्र में रखते हुए डिजिटल इंडिया की ब्रांड इमेज खड़ी करने का देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी क्षेत्र के संचालकों को प्रेरक आह्वान किया।

नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नास्कॉम) की स्थापना के २५ वर्ष पूरे होने पर आयोजित फोरम को संबोधित करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री को निमंत्रण दिया गया था। फोरम में २३ देशों के १४०० आईसीटी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि नास्कॉम आईटी रिवॉल्यूशन के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी का नेतृत्व करे। श्री मोदी ने प्रेरक सुझाव दिया कि नास्कॉम अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एजेंडे में प्राथमिक शिक्षा में बच्चों की ड्रॉप आउट की समस्या पर फोकस कर स्कूल जाने वाले बच्चों के ट्रेकिंग का डाटा सॉफ्टवेयर विकसित करे। श्री मोदी ने कहा कि आईटी हिन्दुस्तान को जोड़ने में, गति प्रदान करने में और सोच बदलने में सशक्त भूमिका अदा कर सकती है।

Shri Narendra Modi’s address to the IT professionals at the NASSCOM India Leadership Forum (NILF) 2014

इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री ने आईटी की विस्तृत भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा

  • आईटी देश के दूरदराज के हिस्सों को एक सूत्र में बांध सकता है
  • आईटी समाज में संवाद का वातावरण बना सकता है
  • आईटी जनता और सरकार के बीच सेतु बन सकता है
  • आईटी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का समन्वय कर उसे परिणामलक्षी बना सकता है
  • आईटी मांग और पूर्ति के बीच की खाई को पाट सकता है
  • आईटी हमें अमूल्य ज्ञान के खजाने के निकट ला सकता है
  • आईटी हमें महत्वपूर्ण प्रवाहों के संपर्क में रहने में मदद करता है

भारत विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है, इसका उल्लेख करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश की लगभग ६५ फीसदी आबादी ३५ वर्ष से कम आयु वर्ग की है।

इस युवाधन की क्षमता, ऊर्जा और प्रतिभा सिर्फ देश के लिए ही नहीं बल्कि समग्र विश्व के लिए नया इतिहास रचने की ताकत रखती है। जरूरत इन युवाओं को हुनर-कौशल्य से सशक्त बनाने की है, ताकि अपने व्यक्तिगत विकास के अलावा यह युवाधन देश का विकास भी सुनिश्चित कर सके। नासकॉम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। हमारा आईटी उद्योग और आईटी क्षेत्र की मानव संपदा ने दुनिया में भारत की एक बेहतर छवि स्थापित की है। अब समय आ गया है कि भारत में आईटी क्रांति आकार ले।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ८५ करोड़ मोबाइल फोन है। देश की लगभग एक चौथाई आबादी के पास इंटरनेट की सुविधा है। इसके बावजूद अपने दैनंदिन जीवन के लिए उपयोगी आईटी ज्ञान लोगों में नहीं है। यदि आईटी को लोगों के जीवन का उपयोगी हिस्सा बनाएंगे तो आईटी इंडस्ट्रीज का बाजार अपनेआप तरक्की करेगा। इसके लिए आईसीटी क्षेत्र में तालीम की जरूरत है। इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री ने गुजरात द्वारा एम्पॉवर नामक कार्यक्रम शुरू किए जाने की भूमिका पेश की।

नये भारत के निर्माण में इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी ग्रोथ इंजन बन सकता है, ऐसा स्पष्ट रूप से कहते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि नये भारत से संबंधित उनका विजन डिजिटल इंडिया बनाने का है।

डिजिटल डिवाइड के संबंध में चर्चा करते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि डिजिटल डिवाइड का असंतुलन बढ़ेगा तो वह अनेक नये संकट पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल डिवाइड’ को दूर करने का कार्य हमारी प्राथमिकता है।

उनके मुताबिक डिजिटल डिवाइड अर्थात शहर में कोई व्यक्ति आईटी के द्वारा जो प्राप्त कर सकता है, वह अंदरूनी गांवों में रहने वाले व्यक्ति के लिए उपलब्ध नहीं है, ऐसी असमानता को दूर करने की जरूरत पर उन्होंने बल दिया।

गुजरात में डिजिटल डिवाइड को कुछ हद तक दूर करने का मार्ग ढूंढा है। राज्य में १४०० ई-ग्राम केन्द्र ग्रामीण लोगों को अनगिनत सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। गुजरात में वन-डे गवर्नेन्स केन्द्र वीजा कार्यालय की सेवा उपलब्ध कराते हैं। गुजरात ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सार्वजनिक वितरण और कृषि क्षेत्रों के लिए आईटी का व्यापक फलक पर विनियोग किया है, इसकी विशद भूमिका भी उन्होंने दी।

सायबर वार में नई चुनौतियों के सामने आईटी प्रोफेशनलों से पूरी तैयारी के साथ अपनी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सायबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। जिन लोगों को आईटी का पर्याप्त ज्ञान नहीं है वे सुरक्षा के खतरों से अनजान होते हैं। हालांकि, जिन लोगों को इसकी जानकारी होती है, उन्हें मालूम है कि सायबर सिक्योरिटी अत्यंत महत्वपूर्ण मामला है। हम ऐसे जमाने में रहते हैं जहां युद्ध अब सायबर स्पेस में होंगे। इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना करने की दिशा में कार्य करना होगा।

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प्रधानमंत्री ने उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं
May 04, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उपराष्ट्रपति विकसित भारत के सामूहिक स्वप्न को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बहुआयामी प्रयास कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि संसदीय कार्यवाही की उत्पादकता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उनके निरंतर प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वांगीण विकास के प्रति उपराष्ट्रपति का अटूट समर्पण और गरीबों एवं वंचितों के प्रति उनकी चिंता भी उतनी ही प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन समर्पण, अनुशासन और स्पष्ट उद्देश्य की भावना से प्रेरित है। श्री मोदी ने उपराष्ट्रपति के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और राष्ट्र की सेवा में निरंतर रत रहते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपनी पोस्ट में लिखा:

उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे विकसित भारत के हमारे सामूहिक स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। संसदीय कार्यवाही की उत्पादकता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उनके प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। गरीबों और वंचितों के प्रति चिंता के साथ सर्वांगीण विकास के प्रति उनका पूर्ण उत्साह भी उतना ही प्रेरणादायक है। उनका सार्वजनिक जीवन समर्पण, अनुशासन और स्पष्ट उद्देश्यबोध से प्रेरित है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य, सुख और राष्ट्र की सेवा निरंतर रत रहते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना करता हूं।