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1. भारत गणराज्य के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के निमंत्रण पर और दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन, हिज़ रॉयल हाईनेस मोहम्‍मद बिन सलमान बिन अब्‍दुल-अजीज अल सौद के मार्गदर्शन मेंसऊदी अरब साम्राज्य के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने 19-20 फरवरी, 2019 के दौरान भारत में अपनी पहली राजकीय यात्रा की, जिनकी अगवानी माननीय प्रधानमंत्री द्वारा हवाई अड्डे पर स्‍वयं की गई। भारत में उनकी यह यात्रा दो पवित्र मस्जिदों के कस्‍टोडियन His Majesty किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सौद के निमंत्रण पर अप्रैल, 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी अरब साम्राज्‍य की आधिकारिक यात्रा के अनुक्रम में है।

2. हिज़ रॉयल हाईनेस द् क्राउन प्रिंस का राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के फोरकोर्ट में 20 फरवरी, 2019 को औपचारिक रूप से स्वागत किया गया। राष्ट्रपति कोविंद ने हिज़ रॉयल हाईनेस के सम्मान में एक भोज की मेजबानी भी की।

3. प्रधानमंत्री मोदी और हिज़ रॉयल हाईनेस क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सल्‍मान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने 20 फरवरी, 2019 को हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता की। विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने हिज़ रॉयल हाइनेस से मुलाकात की।

4. भारत और सऊदी अरब के संबंध सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण हैं जो सदियों पुराने आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों को परिलक्षित करते हैं। हमारी निकटतम भौगोलिकता, सभ्यतागत संपर्क, सांस्कृतिक संबंध, नेचुरल सिनर्जीज, वाइब्रेंट जन-जन संपर्क, आम चुनौतियों और अवसरों ने हमारे संबंधों को मजबूती प्रदान की है।

5. द्विपक्षीय चर्चाएं मजबूत दोस्ती की भावना के साथ हुईं, जो दोनों देशों और उनके नेताओं को एक सूत्र में बांधते हैं। दोनों देशों के नेताओं ने मित्रतापूर्ण और सहयोगात्‍मक द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष व्यक्त किया, जो विश्वास, आपसी समझ, सद्भावना और एक-दूसरे के हितों के लिए सम्मान को दर्शाते हैं। दोनों पक्षों ने अप्रैल 2016 में प्रधानमंत्री की रियाद की महत्‍वपूर्ण यात्रा - एक ऐसी यात्रा जिससे हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने में मजबूत आधार प्राप्‍त हुआ - के बाद व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

6. प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब में समभाव और खुलापन लाने के लिए हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस द्वारा शुरू किए गए हाल के बदलावों का स्वागत किया, जबकि हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस ने नैतिकता, बहुलवाद और सहिष्णुता के भारतीय मॉडल की सराहना की।

7. दोनों पक्षों ने फरवरी 2010 को 'रियाद घोषणा' में परिकल्पित 'स्‍ट्रेटिजिक पार्टनरशिप' को मजबूत करने के लिए अपनी गहरी प्रतिबद्धता को दोहराया और दो पवित्र मस्जिदों के कस्‍टोडियन His Majestyकिंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सौद की फरवरी 2014 में भारत की यात्रा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अप्रैल 2016 में सऊदी अरब की यात्रा के दौरान हुई वार्ताओं पर जोर दिया।

8. दोनों पक्षों ने माननीय प्रधानमंत्री और हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस के नेतृत्व में, जिसमें संपूर्ण सामरिक संबंधों को कवर करते हुए मंत्री स्‍तरीय प्रतिनिधित्व द्वारा सपोर्ट दिया गया था, स्‍ट्रेटिजक पार्टनरशिप काउंसिल का सृजन कर ‘उच्‍च स्‍तरीय मॉनिटरिंग मेकेनिन्‍म के साथ वर्तमान ‘स्‍ट्रेटिजिक पार्टनरशिप’ को सुदृढ़ करने पर सहमति जताई।

9. दोनों पक्षों ने हाल ही में रियाद में आयोजित नीति आयोग और सऊदी सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रेटिजिक पार्टनरशिप (SCISP) के बीच कार्यशाला के परिणामों का स्वागत किया। कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग और निवेश के 40 से अधिक अवसरों की पहचान की गई।

10. यात्रा के दौरान निम्नलिखित एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए: -

(I) भारत के राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष में निवेश पर समझौता ज्ञापन।

(II) पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।

(III) आवासन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।

(IV) इन्वेस्ट इंडिया और सऊदी अरब जनरल इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (SAGIA) के बीच फ्रेमवर्क कोआपरेशन प्रोग्राम।

(V) ऑडियो-विजुअल कार्यक्रमों के आदान-प्रदान के लिए प्रसारण पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।

(VI) माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) में शामिल होने के लिए सऊदी अरब साम्राज्य के लिए सहमति-पत्र।

11. हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में सकारात्मक रुझान को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों ने वाणिज्यिक व्‍यापार में, विशेष रूप से गैर-तेल व्यापार में, उपलब्ध विशाल अनवेषित स्रोतों को स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने आर्थिक, वाणिज्यिक, निवेश, सांस्कृतिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए फरवरी 2018 में रियाद में आयोजित भारत-सऊदी संयुक्त आयोग की बैठक के 12वें सत्र के दौरान किए गए सकारात्मक विचार-विमर्श की सराहना की।

12. दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा बढ़ाने और निर्यात बाधाओं को दूर करने के महत्व पर बल दिया।

13. दोनों देशों के बीच यह भी सहमति हुई कि किंगडम के विजन 2030 और उसके 13 विज़न रियलाइज़ेशन प्रोग्राम्स को भारत के "मेक इन इंडिया", "स्टार्ट अप इंडिया", "स्मार्ट सिटीज़", "क्‍लीन इंडिया", और "डिजिटल इंडिया" जैसी प्रमुख पहलों के साथ जोड़कर दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को और गहरा बनाया जाए। सऊदी अरब ने अपने यहां आगामी मेगा परियोजनाओं में भारतीय निजी/ सार्वजनिक क्षेत्र निवेश और विशेषज्ञता को आकर्षित करने के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की। दोनों पक्षों ने भारत और सऊदी अरब की अर्थव्यवस्थाओं के सकारात्मक बदलाव को सराहा।

14. दोनों पक्षों ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, मौजूदा नियमों को सरल और तर्कसंगत बनाने और प्रमुख क्षेत्रों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश मानदंडों को शिथिल करने के लिए दोनों सरकारों द्वारा की गई महत्वपूर्ण पहलों का स्वागत किया।

15. दोनों पक्षों ने 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की रियाद यात्रा के दौरान सऊदी अरेबियन जनरल इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (SAGIA) और इन्वेस्ट इंडिया के बीच फ्रेमवर्क कोओपरेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद निवेश के वातावरण में सकारात्मक बदलाव का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने व्यापारिक समुदायों से आग्रह किया कि वे दोनों देशों में, विशेष रूप से बुनियादी सुविधाओं, खनन, नवीकरणीय ऊर्जासहित ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में निवेश के अवसरों का लाभ उठाएं और सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा टेलिकॉम्‍यूनिकेशन में कुशल मानव संसाधनों के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाएं।

16. सऊदी अरब साम्राज्‍य के औद्योगिक शहरों और बंदरगाहों में अत्‍याधुनिक बुनियादी ढाँचे और लॉजिस्‍टक सेवाओं की उपलब्धता को स्वीकार करते हुए, हिज़ रॉयल हाइनेस ने घरेलू और क्षेत्रीय बाजार पहुंच के लिए भारतीय कंपनियों का निवेश के लिए स्वागत किया।

17. प्रधानमंत्री ने ऊर्जा, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, बुनियादी ढांचे, कृषि, खनिज और खनन, विनिर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में हिज़ रॉयल हाइनेस द्वारा सऊदी अरब में $ 100 बिलियन से अधिक मूल्य के निवेश की घोषणा का स्वागत किया।

18. दोनों पक्षों ने 44 बिलियन अमेरिकी डॉलर के लागत की फर्स्‍ट ज्‍वाइंट वेन्‍चर वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्‍ट पर संतोष व्यक्त किया, और दोनों पक्षों ने प्रोजेक्‍ट के कार्यान्वयन में तेजी लाने की सहमति जताई, जो एक चरण में कार्यान्वित की जानी वाली दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन फील्ड रिफाइनरी होगी। इसके अलावा, सार्वजनिक निवेश निधि और उसके प्रौद्योगिकी भागीदारों के माध्यम से $ 10 बिलियन तथा $ 26 बिलियन के अन्य निवेश अवसरों की खोज की जा रही है।

19. भारत के प्रधानमंत्री ने नेशनल इंवेस्‍टमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फंड (NIIF) और भारत के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सऊदी अरब के निवेश का स्वागत किया। इस संदर्भ में, दोनों पक्षों ने नेशनल इंवेस्‍टमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फंड (NIIF) में निवेश के संबंध में हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन की सराहना की, क्योंकि यह द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

20. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में, विशेष रूप से ऊर्जा, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, बुनियादी ढांचा, कृषि, खनिज और खनन, विनिर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश के प्रति सऊदी पक्ष की ओर से व्‍यक्‍त की गई मंशा का स्वागत किया।

21. दोनों पक्षों ने हाउसिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन का स्वागत किया और भारतीय कंपनियों को सऊदी अरब में हाउसिंग परियोजनाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

22. हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस ने कोअलिशन ऑन डिज़ैस्‍टर रिजिलियेंट इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर प्रधानमंत्री की पहल का स्वागत किया और आपदा प्रबंधन की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में माना।

23. स्‍ट्रेटिजिक पार्टनरशिप के प्रमुख स्तंभ के रूप में, ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को स्वीकार करते हुए, दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ने की इच्छा व्यक्त की तथा सऊदी अरब को तेल और गैस के सबसे विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता और भारत को प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में मान्‍यता दी। दोनों पक्षों ने भारत-सऊदी अरब ऊर्जा परामर्शों को जारी रखने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने पेट्रोकेमिकल परिसरों में निवेश और संयुक्त उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ऊर्जा-क्षेत्र में क्रेता-विक्रेता संबंध को सामरिक साझेदारी में बदलने पर सहमति व्यक्त की।

24. हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस ने कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के लिए भारत की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और अन्य स्रोतों से आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली तेल की कमी की पूर्ति करने के लिए किंगडम की प्रतिबद्धता को दोहराया।

25. प्रधानमंत्री ने भारत के स्‍ट्रेटिजिक पेट्रोलियम रिजवर्स (एसपीआर) में किंगडम की भागीदारी का भी स्वागत किया।

26. भारत के प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के लिए सऊदी पक्ष के निर्णय का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग को न केवल निवेश की दृष्टि से, बल्कि अनुसंधान और विकास की दृष्टि से भी स्‍वीकार किया।

27. दोनों पक्षों ने रिमोट सेंसिंग, उपग्रह संचार और उपग्रह-आधारित नेविगेशन सहित अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए सहमति जताई।

28. दोनों पक्ष सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए कौशल विकास पर एक संयुक्त कार्यदल की स्थापना करने के लिए सहमत हुए, जहाँ दोनों देश महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और प्रोग्रामिंग में एक दूसरे की कोर कंपिटेंसी का लाभ उठा सकते हैं।

29. दोनों पक्षों ने, खासकर His Majesty किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सौद की फरवरी 2014 में भारत की यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग पर एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद रक्षा क्षेत्र में,विशेष रूप से विशेषज्ञता और प्रशिक्षण के आदान-प्रदान के क्षेत्र में, भारत-सऊदी सहयोग में हाल के घटनाक्रमों का स्वागत किया। इस संदर्भ में, उन्होंने हाल ही में 2-3 जनवरी, 2019 को रियाद में रक्षा सहयोग पर आयोजित चौथी संयुक्त समिति के परिणामों का स्वागत किया।

30. दोनों पक्ष संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शीघ्र करने पर सहमत हुए और अन्य डोमेन में द्विपक्षीय अभ्यासों को और विस्तारित करने पर भी सहमत हुए।

31. संभावित और पारस्परिक लाभ को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्ष ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विजन 2030’ के अनुरूप नौसेना और भूमि प्रणालियों के लिए स्पेयर पार्ट्स के संयुक्त रक्षा उत्पादन तथा आपूर्ति श्रृंखला विकास में सहयोग करने के लिए सहमत हुए।

32. दोनों पक्ष समुद्री सुरक्षा बढ़ाने हेतु अन्य इंडियन ओसियन रिम कंट्रीज के साथ मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए, क्‍योंकि यह दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित मार्ग है।

33. क्षेत्रीय क्‍नेक्टिविटी प्रोजेक्‍टों के संबंध में, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि इन प्रोजेक्‍टों को राज्‍यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान सहित अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित होना चाहिए।

34. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता और अच्छे पड़ोसी संबंधों के महत्व पर जोर दिया। हिज़ रॉयल हाइनेस ने पाकिस्तान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने के लिए प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत पहल सहित मई 2014 से उनके द्वारा किए गए लगातार प्रयासों की सराहना की। इस संदर्भ में, दोनों पक्ष भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापक वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक शर्तों के सृजन की आवश्यकता पर सहमत हुए।

35. इस बात पर जोर देते हुए कि कट्टरवाद और आतंकवाद सभी देशों और समाजों के लिए खतरा पैदा करता है, दोनों पक्षों ने इस सार्वभौमिक परिदृश्‍य को किसी विशेष जाति, धर्म या संस्कृति से जोड़ने के किसी भी प्रयास को अस्वीकार किया। दोनों पक्षों ने सभी देशों से अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद के इस्‍तेमाल को अस्वीकार करने; जहाँ भी आतंकवाद के बुनियादी ढांचे हैं उन्‍हें नष्ट करने, अन्य राज्यों के खिलाफ सभी क्षेत्रों से आतंकवाद फैलाने वाले आतंकवादियों को किसी भी प्रकार के समर्थन और वित्तपोषण को बंद करने; और आतंकवाद फैलाने वाले अपराधियों को दंडित करने का आह्वान किया। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा ठोस कार्रवाई की आवश्यकता को भी स्‍वीकार किया, जिसमें यूएन कंप्रेहेन्सिव कंवेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज़म शामिल है, और आतंकवादियों एवं उनके संगठनों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा व्‍यापक रूप से सजा दिए जाने की महत्ता को रेखांकित किया।

36. दोनों पक्षों ने आंतकवाद का राज्य नीति के एक हथियार के रूप में इस्‍तेमाल का त्याग करने के लिए सभी देशों से आह्वान किया। उन्होंने सभी देशों से, अन्‍य देशों के विरूद्ध, आतंकवादी हमला करने हेतु मिसाइलों और ड्रोन सहित आतंकवादियों को ऐसे हथियारों से एक्‍सेस न देने का भी आह्वान किया।

37. प्रधानमंत्री और हिज़ रॉयल हाइनेस ने जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को भारतीय सुरक्षा बलों पर हाल ही में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।

38. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और स्थिरता में अपने साझा हित के मद्देनजर पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति सहित आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सीरिया में समाधान के लिए सुरक्षा परिषद संकल्प (2254), और सुरक्षा परिषद प्रस्ताव (2216), जीसीसी पहल तथा यमन में समाधान के लिए यमनी राष्ट्रीय वार्ता के परिणामों पर जोर दिया।

39. दोनों पक्षों ने फिलिस्तीनी लोगों के कानूनी अधिकारों की गारंटी के लिए अरब शांति पहल और संबद्ध संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के आधार पर, मध्य पूर्व में एक न्यायसंगत, व्यापक और स्थायी शांति प्राप्त करने की उम्‍मीद जताई।

40. काउंटर-टेररिज़म प्रयासों में और अधिक सहयोग बढ़ाने तथा रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग से पारस्परिक रूप से लाभ उठाने के लिए, दोनों पक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर एक 'कंप्रेहिंसिव सिक्‍योरिटी डाइलॉग' स्‍थापित करने और काउंटर-टेररिज़म पर एक ज्‍वांइट वर्किंग ग्रूप गठित करने पर सहमत हुए।

41. प्रधानमंत्री और हिज़ रॉयल हाइनेस ने सुरक्षा के अनेक मुद्दों, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, लॉ इन्‍फोर्समेंट, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग ट्रैफिकिंग, मानव तस्करी, अवैध प्रवासन, और अन्य ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्‍ड अपराधों पर मौजूदा घनिष्‍ठ सहयोग को जारी रखने की बात दोहराई।

42. विध्वंसकारी और चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने हेतु एक मीडियम के रूप में साइबर स्पेस के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, दोनों पक्षों ने साइबर स्पेस और कम्‍बेटिंग साइबर क्राइम में तकनीकी सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए आतंक, कट्टरपंथ और लोगों को भड़काने हेतु साइबरस्पेस के उपयोग को रोकने सहित सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।

43. भारतीय पक्ष ने एक बड़े भारतीय समुदाय की मेजबानी करने और उनके निरंतर उत्‍थान तथा कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सऊदी लीडरशिप का धन्यवाद किया।

44. प्रधानमंत्री ने 32वें सऊदी नेशनल फेस्टिवल ऑफ़ हेरिटेज एंड कल्चर - जनाद्रियाह 2018 में भारत को 'गेस्ट ऑफ़ ऑनर' के रूप में नामित करने के लिए सऊदी लीडरशिप को धन्यवाद दिया। दोनों पक्षों ने आपसी लोगों से संपर्क बढ़ाने और सांस्कृतिक सप्ताह - 'इंडिया वीक इन सऊदी अरेबिया’ और 'सऊदी अरेबिया वीक इन इंडिया' का नियमित अंतरालों पर आयोजन कर सांस्‍कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

45. प्रधानमंत्री ने भारत से हज यात्रियों के कोटा को 200,000 तक बढ़ाने के लिए दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन और रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस का धन्यवाद किया।

46. ​​प्रधानमंत्री ने सऊदी जेलों से 850 भारतीय कैदियों की रिहाई का आदेश देने के लिए दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन और हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस का धन्यवाद किया।

47. दोनों पक्षों ने आपसी लोगों की बातचीत को व्यापक बनाने और कांसुलर एंड इमिग्रेशन संबंधी मुद्दों के संबंध में चुनौतियों का समाधान कर दो तरफा पर्यटन को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

48. भारत सरकार ने सऊदी अरब एयरलाइंस की सीटों को 80,000 सीट/महीने से बढ़ाकर 112,000 सीटें/महीना करने पर सहमति व्यक्त की और इस संख्या को और बढ़ाने के लिए अध्ययन जारी है।

49. एक रोबस्‍ट माइग्रेशन इन्‍वॉयरमेंट सृजित करने हेतु दोनों देशों के माइग्रेशन प्लेटफार्मों अर्थात e-Migrate and e-Tawtheeq के एकीकरण के लिए दोनों पक्षों ने उम्‍मीद जताई।

50. दोनों पक्ष, सामान्य रूप से भारतीय समुदाय के लिए और विशेष रूप से हज/उमराह तीर्थयात्रियों के लाभार्थ RuPAY सहित भुगतान प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों का पता लगाने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब में फंसे ऐसे भारतीय मजदूरों, जिनका कोई दोष नहीं था, के लिए "Iqamah" के मुद्दे को सुलझाने तथा इस मानवीय मुद्दे को हल करने के लिए हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस का धन्यवाद किया।

51. दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र, जी-20, डब्ल्यूटीओ, आदि सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में तथा बहुपक्षीय मंचों में बढ़ते सहयोग के जरिए संवर्धित बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता की। इस संदर्भ में, उन्होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली, आदि जैसे ग्‍लोबल गवर्नेंस आर्किटेक्‍चर में सुधार की आवश्‍यकता पर बल दिया।

52. दोनों पक्षों ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए, एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में, यूएन रिफलेक्टिव ऑफ कंटम्‍परेरी रियेलिटीज़ पर केंद्रित एक प्रभावकारी सुदृढ़ बहुपक्षीय प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र सुधारों को आगे बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।

53. दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं सहित भगोड़े आर्थिक अपराधियों से निपटने के लिए एक साथ कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

54. हिज़ रॉयल हाइनेस क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़, उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने उन्‍हें तथा उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल को सहृदय दिए गए आतिथ्य के लिए भारत सरकार और भारत के लोगों का आभार व्यक्त किया।

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झांसी से ऑस्ट्रेलिया का खास रिश्ता है। ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ कानूनी लड़ाई के दौरान रानी लक्ष्मीबाई के वकील जॉन लैंग मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के थे: पीएम
जालौन में नून नदी को पुनर्जीवित करने के लोगों के प्रयासों की पीएम मोदी ने तारीफ की, कहा- इससे सिंचाई में कई किसानों को फायदा हो रहा है।
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भारत की विकास गाथा का यह टर्निंग पॉइंट है, जहां अब लोग न सिर्फ नौकरी चाहने वाले बनने का सपना देख रहे हैं बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं: पीएम

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | आज हम एक बार फिर ‘मन की बात’ के लिए एक साथ जुड़ रहे हैं | दो दिन बाद दिसम्बर का महीना भी शुरू हो रहा है और दिसम्बर आते ही psychologically हमें ऐसा ही लगता है कि चलिए भई साल पूरा हो गया | ये साल का आखिरी महीना है और नए साल के लिए ताने-बाने बुनना शुरू कर देते हैं | इसी महीने Navy Day और Armed Forces Flag Day भी देश मनाता है | हम सबको मालूम है 16 दिसम्बर को 1971 के युद्ध का स्वर्णिम जयन्ती वर्ष भी देश मना रहा है | मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षा बलों का स्मरण करता हूँ, हमारे वीरों का स्मरण करता हूँ | और विशेष रूप से ऐसे वीरों को जन्म देने वाली वीर माताओं का स्मरण करता हूँ | हमेशा की तरह इस बार भी मुझे NamoApp पर, MyGov पर आप सबके ढ़ेर सारे सुझाव भी मिले हैं | आप लोगों ने मुझे अपने परिवार का एक हिस्सा मानते हुए अपने जीवन के सुख-दुख भी साझा किये हैं | इसमें बहुत सारे नौजवान भी हैं, छात्र-छात्राएँ हैं | मुझे वाकई बहुत अच्छा लगता है कि ‘मन की बात’ का हमारा ये परिवार निरंतर बड़ा तो हो ही रहा है, मन से भी जुड़ रहा है और मकसद से भी जुड़ रहा है और हमारे गहरे होते रिश्ते, हमारे भीतर, निरंतर सकारत्मकता का एक प्रवाह, प्रवाहित कर रहे हैं |

मेरे प्यारे देशवासियो, मुझे सीतापुर के ओजस्वी ने लिखा है कि अमृत महोत्सव से जुड़ी चर्चाएँ उन्हें खूब पसंद आ रही हैं | वो अपने दोस्तों के साथ ‘मन की बात’ सुनते हैं और स्वाधीनता संग्राम के बारे में काफी कुछ जानने का, सीखने का, लगातार प्रयास कर रहे हैं | साथियो, अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है और अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर parliament तक, अमृत महोत्सव की गूँज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है | ऐसा ही एक रोचक प्रोग्राम पिछले दिनों दिल्ली में हुआ | “आजादी की कहानी-बच्चों की जुबानी’ कार्यक्रम में बच्चों ने स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी गाथाओं को पूरे मनोभाव से प्रस्तुत किया | खास बात ये भी रही कि इसमें भारत के साथ ही नेपाल, मौरिशस, तंजानिया, न्यूजीलैंड और फीजी के students भी शामिल हुए | हमारे देश का महारत्न ONGC. ONGC भी कुछ अलग तरीके से अमृत महोत्सव मना रहा है | ONGC इन दिनों, Oil Fields में अपने students के लिए study tour का आयोजन कर रहा है | इन tours में युवाओं को ONGC के Oil Field Operations की जानकारी दी जा रही है - उद्धेश्य ये कि हमारे उभरते इंजीनियर राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में पूरे जोश और जुनून के साथ हाथ बंटा सकें |

साथियो, आजादी में अपने जनजातीय समुदाय के योगदान को देखते हुए देश ने जनजातीय गौरव सप्ताह भी मनाया है | देश के अलग-अलग हिस्सों में इससे जुड़े कार्यक्रम भी हुए | अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में जारवा और ओंगे, ऐसे जनजातीय समुदायों के लोगों ने अपनी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया | एक कमाल का काम हिमाचल प्रदेश में ऊना के Miniature Writer राम कुमार जोशी जी ने भी किया है, उन्होनें, Postage Stamps पर ही यानी इतने छोटे postage stamp पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के अनोखे sketch बनाए हैं | हिन्दी में लिखे ‘राम’ शब्द पर उन्होनें sketch तैयार किए, जिसमें संक्षेप में दोनों महापुरुषों की जीवनी को भी उकेरा गया है | मध्य प्रदेश के कटनी से भी कुछ साथियों ने एक यादगार दास्तानगोई कार्यक्रम की जानकारी दी है | इसमें रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और बलिदान की यादें ताजा की गई हैं | ऐसा ही एक कार्यक्रम काशी में हुआ | गोस्वामी तुलसीदास, संत कबीर, संत रविदास, भारतेन्दु हरिश्चंद्र, मुंशी प्रेमचंद और जयशंकर प्रसाद जैसी महान विभूतियों के सम्मान में तीन दिनों के महोत्सव का आयोजन किया गया | अलग-अलग कालखंड में, इन सभी की, देश की जन-जागृति में, बहुत बड़ी भूमिका रही है | आपको ध्यान होगा, ‘मन की बात’ के पिछले episodes के दौरान मैंने तीन प्रतियोगिताओं का उल्लेख किया था, competition की बात कही थी - एक देशभक्ति के गीत लिखना, देश भक्ति से जुड़ी, आजादी के आंदोलन से जुड़ी घटनाओं की रंगोली बनाना और हमारे बच्चों के मन में भव्य भारत के सपने जगाने वाली लोरी लिखी जाए | मुझे आशा है कि इन प्रतियोगिताओं के लिए भी आप जरुर Entry भी भेज चुके होंगे, योजना भी बना चुके होंगे और अपने साथियों से चर्चा भी कर चुके होंगे | मुझे आशा है बढ़-चढ़कर के हिन्दुस्तान के हर कोने में इस कार्यक्रम को आप जरुर आगे बढ़ायेंगे |

मेरे प्यारे देशवासियो, इस चर्चा से अब मैं आपको सीधे वृन्दावन लेकर चलता हूँ | वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है | हमारे संतों ने भी कहा है –
यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में,
कहत जथा मति मोर |
वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ,
काहु न पायौ और |

यानि, वृंदावन की महिमा, हम सब, अपने-अपने सामर्थ्य के हिसाब से कहते जरूर हैं, लेकिन वृंदावन का जो सुख है, यहाँ का जो रस है, उसका अंत, कोई नहीं पा सकता, वो तो असीम है | तभी तो वृंदावन दुनिया भर के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता रहा है | इसकी छाप आपको दुनिया के कोने-कोने में मिल जाएगी |

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक शहर है, पर्थ | क्रिकेट प्रेमी लोग इस जगत से भली-भांति परिचित होंगे, क्योंकि पर्थ में अक्सर क्रिकेट मैच होते रहते हैं | पर्थ में एक ‘Sacred India Gallery’ इस नाम से एक art gallery भी है | यह gallery Swan Valley के एक खूबसूरत क्षेत्र में बनाई गई है, और, ये ऑस्ट्रेलिया की एक निवासी जगत तारिणी दासी जी के प्रयासों का नतीजा है | जगत तारिणी जी वैसे तो हैं ऑस्ट्रेलिया की, जन्म भी वहीं हुआ, लालन-पालन भी वहीँ हुआ, लेकिन 13 साल से भी अधिक समय, वृन्दावन में आकर के उन्होंने बिताया | उनका कहना है, कि वे ऑस्ट्रेलिया लौट तो गई, अपने देश वापिस तो गयी, लेकिन, वो कभी भी वृन्दावन को भूल नहीं पाईं | इसलिए उन्होने वृंदावन और उसका आध्यात्मिक भाव से जुडने के लिए ऑस्ट्रेलिया में ही वृन्दावन खड़ा कर दिया | अपनी कला को ही एक माध्यम बना करके एक अद्भुत वृन्दावन उन्होंने बना लिया | यहाँ आने वाले लोगों को कई तरह की कलाकृतियों को देखने का अवसर मिलता है | उन्हें भारत के सर्वाधिक प्रसिद्ध तीर्थस्थलों - वृंदावन, नवाद्वीप और जगन्नाथपुरी की परंपरा और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है | यहाँ पर भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी कई कलाकृतियाँ भी प्रदर्शित की गई हैं | एक कलाकृति ऐसी भी है, जिसमें भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा रखा है, जिसके नीचे वृंदावन के लोग आश्रय लिए हुए हैं | जगत तारिणी जी का यह अद्भुत प्रयास, वाकई, हमें कृष्ण भक्ति की शक्ति का दर्शन कराता है | मैं, उन्हें, इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ |

मेरे प्यारे देशवासियो, अभी मैं ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में बने वृन्दावन के विषय में बात कर रहा था | ये भी एक दिलचस्प इतिहास है कि ऑस्ट्रेलिया का एक रिश्ता हमारे बुंदेलखंड के झाँसी से भी है | दरअसल, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई जब East India Company के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही थी, तो उनके वकील थे जॉन लैंग (John Lang) | जॉन लैंग मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के ही रहने वाले थे | भारत में रहकर उन्होने रानी लक्ष्मीबाई का मुकदमा लड़ा था | हमारे स्वतन्त्रता संग्राम में झाँसी और बुंदेलखंड का कितना बड़ा योगदान है, ये हम सब जानते हैं | यहाँ रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएँ भी हुईं और मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न भी इस क्षेत्र ने देश को दिये हैं |

साथियो, वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए, ऐसा जरूरी नहीं होता | वीरता जब एक व्रत बन जाती है और उसका विस्तार होता है तो हर क्षेत्र में अनेकों कार्य सिद्ध होने लगते हैं | मुझे ऐसी ही वीरता के बारे में श्रीमती ज्योत्सना ने चिट्ठी लिखकर बताया है | जालौन में एक पारंपरिक नदी थी – नून नदी | नून, यहाँ के किसानों के लिए पानी का प्रमुख स्त्रोत हुआ करती थी, लेकिन, धीरे-धीरे नून नदी लुप्त होने की कगार पर पहुँच गई, जो थोड़ा बहुत अस्तित्व इस नदी का बचा था, उसमें वो नाले में तब्दील हो रही थी, इससे किसानों के लिए सिंचाई का भी संकट खड़ा हो गया था | जालौन के लोगों ने इस स्थिति को बदलने का बीड़ा उठाया | इसी साल मार्च में इसके लिए एक कमेटी बनाई गई | हजारों ग्रामीण और स्थानीय लोग स्वतः स्फूर्त इस अभियान से जुड़े | यहाँ की पंचायतों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया, और आज इतने कम समय में, और बहुत कम लागत में, ये नदी, फिर से जीवित हो गई है | कितने ही किसानों को इसका फायदा हो रहा है | युद्ध के मैदान से अलग वीरता का ये उदाहरण, हमारे देशवासियों की, संकल्प शक्ति को दिखाता है, और ये भी बताता है कि अगर हम ठान लें, तो, कुछ भी असंभव नहीं है और तब ही तो मैं कहता हूँ - सबका प्रयास |

मेरे प्यारे देशवासियो, जब हम प्रकृति का संरक्षण करते हैं तो बदले में प्रकृति हमें भी संरक्षण और सुरक्षा देती है | इस बात को हम अपने निजी जीवन में भी अनुभव करते हैं और ऐसा ही एक उदाहरण तमिलनाडु के लोगों ने व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया है | ये उदाहरण है तमिलनाडु के तूतुकुड़ी जिले का | हम जानते हैं कि तटीय इलाकों में कई बार ज़मीन के डूबने का खतरा रहता है | तूतुकुड़ी में भी कई छोटे Island और टापू ऐसे थे जिनके समुद्र में डूबने का खतरा बढ़ रहा था | यहाँ के लोगों ने और विशेषज्ञों ने इस प्राकृतिक आपदा का बचाव प्रकृति के जरिये ही खोजा | ये लोग अब इन टापुओं पर पाल्मेरा के पेड़ लगा रहे हैं | ये पेड़ cyclone और तूफानों में भी खड़े रहते है और जमीन को सुरक्षा देते हैं | इनसे अब इस इलाके को बचाने का एक नया भरोसा जगा है |
साथियो, प्रकृति से हमारे लिये खतरा तभी पैदा होता है जब हम उसके संतुलन को बिगाड़ते हैं या उसकी पवित्रता नष्ट करते हैं | प्रकृति माँ की तरह हमारा पालन भी करती है और हमारी दुनिया में नए-नए रंग भी भरती है |
अभी मैं social media पर देख रहा था, मेघालय में एक flying boat की तस्वीर खूब viral हो रही है | पहली ही नज़र ये तस्वीर हमें आकर्षित करती है | आपमें से भी ज्यादातर लोगों ने इसे online जरुर देखा होगा | हवा में तैरती इस नाव को जब हम करीब से देखते है तब हमें पता चलता है कि ये तो नदी के पानी में चल रही है | नदी का पानी इतना साफ़ है कि हमें उसकी तलहटी दिखती है और नाव हवा में तैरती सी लगने लग जाती है | हमारे देश में अनेक राज्य हैं, अनेक क्षेत्र है जहाँ के लोगों ने अपनी प्राकृतिक विरासत के रंगों को सँजोकर रखा है | इन लोगों ने प्रकृति के साथ मिलकर रहने की जीवनशैली आज भी जीवित रखी है | ये हम सबके लिए भी प्रेरणा है | हमारे आस-पास जो भी प्राकृतिक संसाधन है, हम उन्हें बचाएं, उन्हें फिर से उनका असली रूप लौटाएँ | इसी में हम सबका हित है, जग का हित है |

मेरे प्यारे देशवासियो, सरकार जब योजनाएँ बनाती है, बजट खर्च करती है, समय पर परियोजनाओं को पूरा करती है तो लोगों को लगता है कि वो काम कर रही है | लेकिन सरकार के अनेक कार्यों में विकास के अनेक योजनाओं के बीच मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी बातें हमेशा एक अलग सुख देती है | सरकार के प्रयासों से, सरकार की योजनाओं से कैसे कोई जीवन बदला उस बदले हुए जीवन का अनुभव क्या है ? जब ये सुनते हैं तो हम भी संवेदनाओं से भर जाते हैं | यह मन को संतोष भी देता है और उस योजना को लोगों तक पहुँचाने की प्रेरणा भी देता है | एक प्रकार से यह ‘स्वान्त: सुखाय’ ही तो है और इसलिए आज “मन की बात” में हमारे साथ दो ऐसे ही साथी भी जुड़ रहे हैं जो अपने हौसलों से एक नया जीवन जीतकर आए हैं | इन्होंने आयुष्मान भारत योजना की मदद से अपना इलाज कराया और एक नयी जिंदगी की शुरुआत की है | हमारे पहले साथी हैं राजेश कुमार प्रजापति जिन्हें ह्रदय रोग की बीमारी heart की समस्या थी |
तो आइये, राजेश जी से बात करते हैं -

प्रधानमंत्री जी – राजेश जी नमस्ते |
राजेश प्रजापति – नमस्ते Sir नमस्ते |
प्रधानमंत्री जी – आपकी राजेश जी बीमारी क्या थी ? फिर
किसी डॉक्टर के पास गए होंगे, मुझे जरा समझाइए स्थानीय डॉक्टर ने कहा होगा फिर किसी और डॉक्टर के पास गए होंगें ? फिर आप निर्णय नहीं करते होंगे या करते होंगे क्या-क्या होता था ?
राजेश प्रजापति – जी मुझे heart में problem sir आ गई थी, मेरे
सीने में जलन होती थी sir, फिर मैंने डॉक्टर को दिखाया डॉक्टर ने पहले तो बताया हो सकता है बेटा तुम्हारे एसिड होगी, तो मैंने काफी दिन एसिड की दवाई कराई , उससे जब मुझे फायदा नहीं हुआ फिर डॉक्टर कपूर को दिखाया, तो उन्होंने कहा बेटा तुम्हारे जो लक्षण हैं उससे angiography से पता चलेगा, फिर उन्होंने refer किया मुझे श्री राम मूर्ति में | फिर मिले हम अमरेश अग्रवाल जी से, तो उन्होंने मेरी angiography करी | फिर उन्होंने बताया कि बेटा ये तो तुम्हारी नस blockage है, तो हमने कहा sir इसमें कितना खर्चा आयेगा? तो उन्होंने कहा card है आयुष्मान वाला जो PM जी ने बना के दिया | तो हमने कहा sir, हमारे पास है | तो उन्होंने मेरा वो card लिया और मेरा सारा इलाज़ उसी card से हुआ है | सर और जो आपने ये बनाया है card ये बहुत ही अच्छी तरीक़े से और हम गरीब आदमियों के लिए बहुत सहूलियत है इससे | और आपका कैसे मैं धन्यवाद करूँ |
प्रधानमंत्री जी – आप करते क्या हैं राजेश जी ?
राजेश प्रजापति – सर मैं इस समय तो Private नौकरी करता हूँ | सर |
प्रधानमंत्री जी – और आयु कितनी है आपकी |
राजेश प्रजापति – मेरी उनचास साल है | सर |
प्रधानमंत्री जी – इतनी छोटी आयु में आप को heart का trouble हो गया |
राजेश प्रजापति – हाँ जी sir क्या बताये अब |
प्रधानमंत्री जी – आपके परिवार में भी पिताजी को या किसी माता जी को या इस प्रकार का पहले रहा है क्या?
राजेश प्रजापति – नहीं sir किसी को नहीं था sir, ये पहला हमारे साथ ही हुआ है
प्रधानमंत्री जी – ये आयुष्मान card भारत सरकार यह card देती है, गरीबों के लिए बहुत बड़ी योजना है तो ये आप को पता कैसे चला
राजेश प्रजापति – sir ये तो, इतनी बड़ी योजना है गरीब आदमी बहुत इस से benefit मिलता है और इतना खुश हैं sir, हमने तो हॉस्पिटल में देखा है कि इस card से कितना लोगों को सहूलियत मिलती है जब डॉक्टर से कहता है card मेरे पास है sir तो डॉक्टर कहता है ठीक वो card लेकर आईये मैं उसी card से आप का इलाज़ कर दूँगा |
प्रधानमंत्री जी – अच्छा card ना होता तो आप को कितना खर्चा बोला था डॉक्टर ने |
राजेश प्रजापति – डॉक्टर साहब ने कहा था बेटा इसमें बहुत सारा खर्चा आयेगा| बेटा अगर card नहीं होगा | तो मैंने कहा sir card तो है मेरे पास, तो उन्होंने कहा तुरंत आप दिखाइए तो हमने तुरंत दिखाया उसी card से सारा इलाज़ मेरा किया गया मेरे एक पैसा नहीं खर्च हुआ सारी दवाइयां भी उसी card से निकाली गई हैं |
प्रधानमंत्री जी – तो राजेश जी आप को अभी संतोष है, तबीयत ठीक है |
राजेश प्रजापति – जी sir आप का बहुत-बहुत धन्यवाद sir आप की उम्र भी इतनी लम्बी हो की हमेशा सत्ता में ही रहे, और हमारे परिवार के लोग भी आप से इतना खुश हैं क्या कहें आप से |
प्रधानमंत्री जी: राजेश जी आप मुझे सत्ता में रहने की शुभकामनाएं मत दीजिए, मैं आज भी सत्ता में नहीं हूँ और भविष्य में भी सत्ता में जाना नहीं चाहता हूँ | मैं सिर्फ सेवा में रहना चाहता हूँ, मेरे लिए ये पद, ये प्रधानमंत्री सारी चीजें ये सत्ता के लिए है ही नहीं भाई, सेवा के लिए है |
राजेश प्रजापति : सेवा ही तो चाहिए हम लोगों को और क्या |
प्रधानमंत्री जी: देखिये ग़रीबों के लिए यह आयुष्मान भारत योजना यह अपने आप में
राजेश प्रजापति : जी sir बहुत बढ़िया चीज़ है
प्रधानमंत्री जी: लेकिन देखिये राजेश जी आप हमारा एक काम कीजिये, करेंगे ?
राजेश प्रजापति: जी बिल्कुल करेंगे sir
प्रधानमंत्री जी: देखिये होता क्या है कि लोगों को इसका पता नहीं होता है, आप एक जिम्मेवारी निभायिये ऐसे जितने गरीब परिवार है आपके आसपास उनको अपनी ये कैसे आपको लाभ हुआ, कैसे मदद मिली, ये बताइए ?
राजेश प्रजापति : बिल्कुल बतायेंगे sir
प्रधानमंत्री जी: और उनको कहिये कि वे भी ऐसा कार्ड बनवा लें ताकि परिवार में पता नहीं कब क्या मुसीबत आ जाये और आज ग़रीब दवाई के कारण परेशान रहे यह तो ठीक नहीं है | अब पैसों के कारण वो दवाई न ले या बीमारी का उपाय न करें तो ये भी बड़ी चिंता का विषय है और गरीब को तो क्या होता है जैसे आपको ये Heart का Problem हुआ, तो कितने महीने तक आप काम ही नहीं कर पाएं होंगे
राजेश प्रजापति: हम तो दस कदम नहीं चल पातें थे जीना नहीं चढ़ पाते थे sir
प्रधानमंत्री जी: बस तो आप आप राजेश जी मेरे एक अच्छे साथी बनके जितने ग़रीबों को आप ये आयुष्मान भारत योजना के संबंध में समझा सकते हैं, वैसे बीमार लोगों की मदद कर सकते है देखिये आपको भी संतोष होगा और मुझे बहुत ख़ुशी होगी कि चलिए एक राजेश जी की तबीयत तो ठीक हुई लेकिन राजेश जी ने सैकड़ों लोगों की तबीयत ठीक करवा दी, ये आयुष्मान भारत योजना, ये गरीबों के लिए है, मध्यम वर्ग के लिए है, सामान्य परिवारों के लिए है, तो घर-घर इस बात को पहुचाएंगे आप !

राजेश प्रजापति: बिल्कुल पहुचाएंगे sir | हम तो वहीँ तीन दिन रुके न हॉस्पिटल में sir तो बिचारे बहुत लोग आएं सारी सुविधाएं उनको बताई, card होगा तो free में हो जाएगा |
प्रधानमंत्री जी: चलिए राजेश जी, आप अपने आप को स्वस्थ रखिए, थोड़ी शरीर की चिंता करिये, बच्चों की चिंता कीजिये और बहुत प्रगति कीजिये, मेरी बहुत शुभकामनाएं है आपको |

साथियो, हमने राजेश जी की बातें सुनी, आइये अब हमारे साथ सुख देवी जी जुड़ रही हैं, घुटनों की समस्या ने उन्हें बहुत परेशान कर दिया था, आइये हम सुखदेवी जी से पहले उनके दुःख कि बात सुनते हैं और फिर सुख कैसे आया वो समझते हैं |

मोदी जी – सुखदेवी जी नमस्ते! आप कहाँ से बोल रहीं हैं ?
सुखदेवी जी – दानदपरा से |
मोदी जी – कहाँ-कहाँ पड़ता है ये ?
सुखदेवी जी – मथुरा में |
मोदी जी – मथुरा में, फिर तो सुखदेवी जी, आपको नमस्ते भी कहना है और साथ-साथ राधे-राधे भी कहना होगा |
सुखदेवी जी – हाँ, राधे-राधे |
मोदी जी – अच्छा हमें सुना कि आपको तकलीफ हुई थी | आपका कोई operation हुआ | जरा बताएंगी कि क्या बात है ?
सुखदेवी जी – हाँ मेरा घुटना खराब हो गया था, तो operation हुआ है मेरा | प्रयाग हॉस्पिटल में |
मोदी जी – आपकी आयु कितनी है सुखदेवी जी ?
सुखदेवी जी – उम्र 40 साल |
मोदी जी – 40 साल और सुखदेव नाम, और सुखदेवी को बीमारी हो गई |
सुखदेवी जी – बीमारी तो मुझे 15-16 साल से ही लग गई |
मोदी जी – अरे बाप रे ! इतनी छोटी आयु में घुटने आपके
खराब हो गए |
सुखदेवी जी – वो गठिया- बाय बोलते हैं जो जोड़ों में दर्द से घुटना खराब हो गई |
मोदी जी – तो 16 साल से 40 साल की उम्र तक आपने इसका
इलाज ही नहीं कराया |
सुखदेवी जी – नहीं, करवाया था | दर्द की दवाई खाते रहे छोटे-मोटे डॉक्टरों ने तो ऐसे देशी दवाई है वैसी दवाई है | थैलाछाप डॉक्टरों ने तो ऐसे उनसे घुटना चल भी पाई ख़राब हो गई, 1-2 किलोमीटर पैदल चली मैं तो घुटना खराब हो गई मेरी |
मोदी जी – तो सुखदेवी जी Operation का विचार कैसे आया ? उसके पैसों का क्या प्रबंधन किया ? कैसे बना ये सब ?
सुखदेवी जी – मैंने वो आयुष्मान कार्ड से इलाज करवाया है |
मोदी जी – तो आपको आयुष्मान कार्ड मिल गया था ?
सुखदेवी जी – हाँ |
मोदी जी – और आयुष्मान कार्ड से गरीबों को मुफ्त में उपचार
होता है | ये पता था ?
सुखदेवी जी – स्कूल में meeting हो रही थी | वहाँ से हमारे पति को पता चला तो कार्ड बनवाया मेरे नाम से |
मोदी जी – हाँ |
सुखदेवी जी – फिर इलाज करवाया कार्ड से, और मैंने कोई पैसा नहीं लगाया | कार्ड से ही इलाज हुआ है मेरा | खूब बढ़िया इलाज हुआ है |
मोदी जी – अच्छा डॉक्टर ने पहले अगर कार्ड न होता तो कितना खर्चा बताते थे ?
सुखदेवी जी – ढाई लाख रुपए, तीन लाख रुपए | 6-7 साल से पड़ी
हूँ खाट में | ये कहती थी कि हे भगवान मुझे ले ले तू, मुझे नहीं जीना |
मोदी जी – 6-7 साल से खाट पे थी | बाप-रे-बाप |
सुखदेवी जी – हाँ |
मोदी जी – ओहो |
सुखदेवी जी – बिल्कुल उठा-बैठा नहीं जाता |
मोदी जी – तो अभी आपका घुटना पहले से अच्छा हुआ है ?
सुखदेवी जी – मैं खूब घूमती हूँ | फिरती हूँ | Kitchen का काम
करती हूँ | घर का काम करती हूँ | बच्चों को खाना बनाकर देती हूँ |
मोदी जी – तो मतलब आयुष्मान भारत का कार्ड आपको सचमुच में आयुष्मान बना दिया |
सुखदेवी जी – बहुत-बहुत धन्यवाद आपकी योजना की वजह से ठीक हो गई, अपने पैरों पर खड़ी हो गई |
मोदी जी – तो अब तो बच्चों को भी आनंद आता होगा |
सुखदेवी जी – हाँजी | बच्चों को तो बहुत ही परेशानी होती थी | अब माँ परेशान है तो बच्चा भी परेशान है |
मोदी जी – देखिये हमारे जीवन में सबसे बड़ा सुख हमारा स्वास्थ्य ही होता है, ये सुखी जीवन सबको मिले यही आयुष्मान भारत की भावना है, चलिए सुखदेवी जी मेरी आप को बहुत बहुत शुभकामनाएँ, फिर से एक बार आप को राधे-राधे |
सुखदेवी जी- राधे- राधे , नमस्ते !

मेरे प्यारे देशवासियो, युवाओं से समृद्ध हर देश में तीन चीजें बहुत मायने रखती हैं | अब वही तो कभी-कभी युवा की सच्ची पहचान बन जाती है | पहली चीज है – Ideas और Innovation | दूसरी है – जोखिम लेने का जज्बा और तीसरी है – Can Do Spirit यानी किसी भी काम को पूरा करने की जिद्द, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों - जब ये तीनों चीजें आपस में मिलती हैं तो अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं | चमत्कार हो जाते हैं | आज कल हम चारों तरफ सुनते हैं Start-Up, Start-Up, Start-Up | सही बात है, ये Start-Up का युग है, और ये भी सही है कि Start-Up की दुनिया में आज भारत विश्व में एक प्रकार से नेतृत्व कर रहा है | साल-दर-साल Start-Up को record निवेश मिल रहा है | ये क्षेत्र बहुत तेज रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है | यहाँ तक कि देश के छोटे-छोटे शहरों में भी Start-Up की पहुँच बढ़ी है | आज कल ‘Unicorn’ शब्द खूब चर्चा में है | आप सबने इसके बारे में सुना होगा | ‘Unicorn’ एक ऐसा Start-Up होता है जिसका valuation कम से कम 1 Billion Dollar होता है यानी करीब-करीब सात हज़ार करोड़ रूपए से ज्यादा |
साथियो, साल 2015 तक देश में बमुश्किल नौ या दस Unicorns हुआ करते थे | आपको ये जानकार बेहद ख़ुशी होगी कि अब Unicorns की दुनिया में भी भारत तेज उड़ान भर रहा है | एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल एक बड़ा बदलाव आया है | सिर्फ 10 महीनों में ही भारत में हर 10 दिन में एक Unicorn बना है | ये इसलिए भी बड़ी बात है क्योंकि हमारे युवाओं ने ये सफलता कोरोना महामारी के बीच हासिल की है | आज भारत में 70 से अधिक Unicorns हो चुके हैं | यानि 70 से अधिक Start-Up ऐसे हैं जो 1 Billion से ज्यादा के valuation को पार कर गए हैं | साथियो Start-Up की सफलता के कारण हर किसी का उस पर ध्यान गया है और जिस प्रकार से देश से, विदेश से, निवेशकों से उसे समर्थन मिल रहा है | शायद कुछ साल पहले उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था |
साथियो, Start-Ups के जरिये भारतीय युवा Global Problems के समाधान में भी अपना योगदान दे रहे हैं | आज हम एक युवा मयूर पाटिल से बात करेंगे, उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर Pollution की problem का solution देने का प्रयास किया है

मोदी जी – मयूर जी नमस्ते |
मयूर पाटिल – नमस्ते सर जी |
मोदी जी – मयूर जी आप कैसे हैं ?
मयूर पाटिल – बस बढ़िया सर | आप कैसे हो ?
मोदी जी – मैं बहुत प्रसन्न हूँ | अच्छा मुझे बताइए कि आज
आप कुछ Start-Up की दुनिया में हैं |
मयूर पाटिल – हाँ जी !
मोदी जी – और Waste में से Best भी कर रहें हैं |
मयूर पाटिल – हाँ जी !
मोदी जी - Environment का भी कर रहे हैं, थोड़ा मुझे अपने बारे में बताइए | अपने काम के बारे में बताइए और इस काम के पीछे आपको विचार कहाँ से आया ?
मयूर पाटिल – सर जब College में था तभी मेरे पास Motorcycle था | जिसका Mileage बहुत कम था और Emission बहुत ज्यादा था | वो Two stroke Motorcycle था | तो Emission कम करने के लिए और उसका Mileage थोड़ा बढ़ाने के लिए मैंने कोशिश चालू किया था | कुछ 2011-12 में और इसका मैंने करीब-करीब 62 Kilometres per litre तक Mileage बढ़ा दिया था | तो वहाँ से मुझे ये प्रेरणा मिली कि कुछ ऐसा चीज बनाए जो Mars Production कर सकते हैं, तो बाकी बहुत सारे लोगों को उसका फायदा होगा, तो 2017-18 में हम लोगों ने उसका Technology develop किया और Regional transport corporation में हम लोगों ने 10 buses में वो use किया | उसका result check करने के लिए और करीब-करीब हम लोगों ने उसका चालीस प्रतिशत emission उसका कम कर दिया | Buses में |
मोदी जी – हम्म ! अब ये Technology जो आपने खोजी
है | उसका Patent वगैरह करवा लिया |
मयूर पाटिल – हाँ जी ! Patent हो गया | ये साल में हमें Patent
grant होकर के आ गया |
मोदी जी – और आगे इसको बढ़ाने का क्या Plan है ? आपका | किस प्रकार से कर रहें हैं ? जैसे बस का result आ गया | उसकी भी सारी चीज़ें बाहर आ गई होंगी | तो आगे क्या सोच रहे हैं ?
मयूर पाटिल – सर, Start-Up India के अन्दर नीति आयोग से Atal New India Challenge जो है, वहाँ से हमें grant मिला और वो grant के basis पे हम लोगों ने अभी factory चालू किया जहाँ पे हम Air filters का manufacturing कर सकते हैं |
मोदी जी – तो भारत सरकार की तरफ से कितना grant मिला आपको ?
मयूर पाटिल – 90 Lakhs |
मोदी जी – 90 Lakhs |
मयूर पाटिल – हाँ जी !
मोदी जी – और उससे आपका काम चल गया |
मयूर पाटिल – हाँ अभी तो चालू हो गया है | Processes में हैं |
मोदी जी – आप कितने दोस्त मिल करके कर रहें हैं ? ये सब !
मयूर पाटिल – हम लोग चार लोग हैं सर |
मोदी जी – और चारों पहले साथ में ही पढ़ते थे और उसी में से आपको एक विचार आया आगे बढ़ने का |
मयूर पाटिल – हाँ जी ! हाँ जी ! हम college में ही थे | और college में हम लोगों ने ये सब सोचा और ये मेरा idea था कि मैं मेरा motorcycle का at least pollution कम हो जाए और mileage बढ़ जाए |
मोदी जी – अच्छा pollution कम करते हैं, mileage बढ़ाते हैं तो average खर्च कितना बचता होगा ?
मयूर पाटिल – सर motorcycle पे हम लोगों ने test किया उसका mileage था 25 Kilometers per liter वो हम लोगों ने बढ़ा दिया 39 Kilometers per liter तो करीब-करीब 14 किलोमीटर का फायदा हुआ और उसमें से 40 प्रतिशत का Carbon emissions कम हो गया | और जब buses पे किया Regional transport corporation ने तो वहाँ पे 10 प्रतिशत Fuel efficiency increase हुआ और उसमें भी 35-40 percent emission कम हो गया |

मोदी जी – मयूर मुझे बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके और आपके साथियों को भी मेरी तरफ से बधाई दीजिये कि College life में खुद की जो समस्या थी उस समस्या का समाधान भी आपने खोजा और अब उस समाधान में से जो रास्ता चुना उसने पर्यावरण की समस्या को address करने के लिए आपने बीड़ा उठाया | और ये हमारे देश के युवाओं का ये सामर्थ्य ही है कि कोई भी बड़ी चुनौती उठा लेते हैं और रास्ते खोज रहें हैं | मेरी तरफ से आपको बहुत शुभकामनाएँ हैं | बहुत –बहुत धन्यवाद |
मयूर पाटिल – Thank You Sir ! Thank You !

साथियो, कुछ सालों पहले यदि कोई कहता था कि वो business करना चाहता है या एक कोई नई कंपनी शुरू करना चाहता है, तब, परिवार के बड़े-बुजुर्ग का जवाब होता था कि – “तुम नौकरी क्यों नहीं करना चाहते, नौकरी करो ना भाई | अरे नौकरी में security होती है salary होती है | झंझट भी कम होती है | लेकिन, आज यदि कोई अपनी कंपनी शुरू करना चाहता है तो उसके आस-पास के सभी लोग बहुत उत्साहित होते हैं और इसमें उसका पूरा support भी करते हैं | साथियो भारत की growth story का यह turning point है, जहाँ अब लोग सिर्फ Job seekers बनने का सपना नहीं देख रहे बल्कि job creators भी बन रहे हैं | इससे विश्व मंच पर भारत की स्थिति और मज़बूत बनेगी |

मेरे प्यारे देशवासियो, आज ‘मन की बात’ में हमने अमृत महोत्सव की बात की | अमृतकाल में कैसे हमारे देशवासी नए-नए संकल्पों को पूरा कर रहे हैं, इसकी चर्चा की, और, साथ ही दिसम्बर महीने में सेना के शौर्य से जुड़े हुए अवसरों का भी जिक्र किया | दिसम्बर महीने में ही एक और बड़ा दिन हमारे सामने आता है जिससे हम प्रेरणा लेते हैं | ये दिन है, 6 दिसम्बर को बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि | बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था | हम देशवासी ये कभी न भूलें कि हमारे संविधान की भी मूल भावना, हमारा संविधान हम सभी देशवासियो से अपने-अपने कर्तव्यों के निर्वहन की अपेक्षा करता है - तो आइये, हम भी संकल्प लें कि अमृत महोत्सव में हम कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास करेंगे | यही बाबा साहब के लिये हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी |

साथियो अब हम दिसम्बर महीने में प्रवेश कर रहे हैं, स्वाभाविक है अगली ‘मन की बात’ 2021 की इस वर्ष की आखिरी ‘मन की बात’ होगी | 2022 में फिर से यात्रा शुरू करेंगे और मैं हाँ आपसे ढ़ेर सारे सुझावों की अपेक्षा करता ही रहता हूँ, करता रहूँगा | आप इस साल को कैसे विदा कर रहे हैं, नए साल में क्या कुछ करने वाले हैं, ये भी जरुर बताइये और हाँ ये कभी मत भूलना कोरोना अभी गया नहीं है | सावधानी बरतना हम सब की जिम्मेवारी है |

बहुत-बहुत धन्यवाद |