"PM's conversation with Chinese journalists based in New Delhi"
"प्रधानमंत्री की नई दिल्ली स्थित चीन के पत्रकारों के साथ वार्ता"

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित चीन के पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कहा, “भारत और चीन इतिहास द्वारा जुड़े हुए हैं, संस्कृति द्वारा संबद्ध हैं औरसंमृद्ध परंपरा द्वारा प्रेरित हैं। दोनों देश मिलकर संपूर्ण मानवता के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।”

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय गठजोड़ की संभावनाओं को संक्षेप में “इंच (भारत और चीन) से मीलों(आसाधारण सहकारिता की सहस्राब्दि)” तक आगे बढ़ने के रूप में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा तय की गई प्रत्येक इंच की दूरी मानवता के इतिहास को नया रूप देगी और प्रत्येक मील इस प्लेनेट को बेहतर जगह बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और चीन साथ मिलकर कई मील का फासला तय करेंगे। कई मील, जो न सिर्फ दोनों देशों को आगे ले जाएंगे बल्कि पूरे एशिया और मानवता को प्रगति और सौहार्द के पथ पर अग्रसर करेंगे।

  • भारत और चीन की बड़ी आबादी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत और चीन आगे बढ़ते हैं तो दुनिया की करीब 35 प्रतिशत आबादी को इसका लाभ मिलता है, जब भारत और चीन के संबंध मजबूत होते हैं तो दुनिया के करीब 35 प्रतिशत लोग नज़दीक आते हैं, जब भारत और चीन के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ता है तो दुनिया की लगभग 35 प्रतिशत आबादी के जीवन में गुणात्मक सुधार होता है। भारत और चीन के संबंधों में विकास को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संबंध सपाट अर्थमैटिक्स से कहीं बढ़कर हैं। उनमें एक ऐसी यूनीक कैमिस्ट्री है, जो एक निर्णायक घड़ी बना सकते हैं। इन संबंधों की प्रकृति की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा, हमारे संबंधों की अर्थमेटिक्स और कैमिस्ट्री मुझे ये भरोसा देती है कि हम साथ मिलकर इतिहास रच सकते हैं और संपूर्ण मानव जाति के लिए एक बेहतर कल का निर्माण कर सकते हैं।

— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2014

— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2014

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प्रधानमंत्री 15 जनवरी को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की 28वीं कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
January 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।