आत्मनिर्भर भारत शब्द नहीं, 130 करोड़ भारतीयों के लिए मंत्र बन गया है: प्रधानमंत्री मोदी
कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया: पीएम मोदी
एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश ने, देश की सेना ने उसका उसी की भाषा में जवाब दिया है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है। ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इसी प्रकार हमारे पूर्व के ASEAN देश, जो हमारे maritime पड़ोसी भी हैं, वो भी हमारे लिए बहुत विशेष महत्व रखते हैं।

इनके साथ भारत का हज़ारों वर्ष पुराना धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध है। बौद्ध धर्म की परम्पराएं भी हमें उनसे जोड़ती हैं: PM @narendramodi #AatmaNirbharBharat

— PMO India (@PMOIndia) August 15, 2020

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
On Puri’s Grand Road, a devotee’s submission

Media Coverage

On Puri’s Grand Road, a devotee’s submission
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद की कामना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने रथ यात्रा के पावन अवसर पर महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद की कामन करते हुए संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया।

“देवदेव जगन्नाथ सुरासुरनमस्कृत।

पुण्यश्लोकाव्ययानन्त परमात्मन्नमोऽस्तुते॥"

श्री मोदी ने यह आशा भी व्यक्त की कि महाप्रभु जगन्नाथ की दिव्य कृपा सभी देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगी।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मेरी कामना है कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे। उनकी दिव्य कृपा से सभी देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।

देवदेव जगन्नाथ सुरासुरनमस्कृत।

पुण्यश्लोकाव्ययानन्त परमात्मन्नमोऽस्तुते॥