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"Shri Narendra Modi addresses rallies in Uttar Pradesh"
"Modi is not merely your candidate. We have developed a very strong bond already: Shri Modi in Rohaniya"
"I have come to you with one agenda and that is development. Except development there is nothing on my agenda: Shri Modi"
"A film just showed you how the Sabarmati was transformed. We will do the same for the Ganga: Shri Modi"
"When the world saw India as a Vishwa Guru, Banaras was seeing as a Rashtra Guru. Can we not return this pride: Shri Modi in Varanasi"
"I want to make Kashi a centre of tourism. I want people of India and world to visit this spiritual capital of India: Shri Modi in Uttar Pradesh"
"I had more programmes also but those are facing defeat did such match fixing & that too what reasons have they given: Shri Modi in UP"
"They said that due to Modi's security we are not allowing Modi to speak. If I am safe here will I not be safe 12 km away from here: Shri Modi in UP"
"And in any case I am ready to die for the sake of Mother India why are you stopping me, I am don’t understand: Shri Modi"
"They stopped me from going to Maa Ganga also: Shri Modi in UP"
"Will the world stop if Modi does not speak? There is more power in my silence than even in my words: Shri Modi in UP"
"Please do not make fun of my caste. When I talk of development I expect you also to do same. Why are you dividing India: Shri Modi to Congress and its allies"

Watch: Shri Modi addressing a public meeting in Azamgarh, Uttar Pradesh

8 मई को उत्तर प्रदेश में अपनी रैलियों के दौरान श्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को काशी की आध्यात्मिक भूमि की सेवा करने और केंद्र में एक नीति संचालित सरकार के माध्यम से अपने लोगों को सशक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता का एक मजबूत आश्वासन दिया। आजमगढ़, लालगंज, चंदौली और रोहनिया में रैलियों को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने समावेशी विकास के अपने दृष्टिकोण को लोगों के साथ साझा किया तथा बताया कि कैसे इससे कृषि और हथकरघा जैसे विभिन्न क्षेत्रों की क्षमता का दोहन किया जा सकता है, और साथ ही यह भी वैश्विक मंच पर उनकी प्रसिद्धि को फैलाने में सक्षम होगा।

श्री मोदी इस धरती और यहाँ के लोंगों के साथ उनके गहरे संबंध की बात की और कहा कि उनका संबंध ‘एक सेवक' का है, और कहा कि उनका एकमात्र ध्यान 'उन्नति और विकास' पर है। " मोदी केवल आपका उम्मीदवार नहीं है। हम पहले से ही एक बहुत मजबूत बंधन विकसित किया है। अभी एक फिल्म में दिखाया गया है कि साबरमती को कैसे बदला गया। हम गंगा के लिए भी ऐसा ही करेंगे। मैं एक ही एजेंडे के साथ आपके पास आया हूँ और कि हमें विकास चाहिए। विकास को छोड़कर मेरे एजेंडे में कुछ भी नहीं है," श्री मोदी ने कहा, और आश्वासन दिया कि बनारस को राष्ट्र के 'राष्ट्र गुरु' के रूप वापस स्थापित करके इसके अतीत के गौरव को वापस पाने के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

भारत के पूर्वी राज्यों में आर्थिक गतिविधियों में विकास और ढिलाई की कमी पर अपनी गहरी चिंता को साझा करते हुए श्री मोदी ने प्रत्येक क्षेत्र को विकसित करने और अपने पश्चिमी समकक्षों की बराबरी तक पहुँचाने में उन्हें सक्षम बनाने के अपने दृढ़ संकल्प की बात की। उन्होंने कृषि, पर्यटन और हथकरघा उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए भाजपा के एकनिष्ठ ध्यान को रेखांकित किया। श्री मोदी ने यह भी बताया कि भाजपा कैसे लाल बहादुर शास्त्री जी के 'जय जवान, जय किसान' के मंत्र को सुदृढ़ करना चाहता था, जब उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए एक मानकीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य की योजना को भाजपा घोषणा पत्र में शामिल किए जाने को लोगों के साथ साझा किया। उन्होंने काशी क्षेत्र के आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करके, इस क्षेत्र को पर्यटकों के आकर्षण के एक केंद्र के रूप में उभारने के अपने ध्यान का आश्वासन दिया।

Shri Narendra Modi addresses rallies in Uttar Pradesh

गुजरात के पतंग निर्माताओं, जो मुख्य रूप से मुसलमान हैं, की सफलता की कहानी सुनाते हुए श्री मोदी कहा कि इन्हें इन पर केंद्रित योजना के माध्यम से सशक्त किया गया है, और कहा कि इस क्षेत्र के हथकरघा उद्योग में भी इस पहल को लागू किया जा सकता है, जिसमें गुणवत्ता वर्धन और उत्पादों की ब्रांडिंग पर ध्यान केंद्रित करके इसे सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सूरत में हथकरघा उद्योग वैश्विक मोर्चे पर अपनी पहचान बना सकता है, तो यहाँ के बुनकर समुदाय की कलात्मकता को सही प्रोत्साहन देकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जा सकता है।

श्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र की सत्तारूढ़ सरकार ने अपने लोगों की चिंता करना छोङ दिया है, और वे भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त हैं जिसने पूरे देश को लूट लिया है। अपने काम के लिए जवाबदेह नहीं होने और उनके अहंकार में चूर होने की निंदा की, और बताया कि उनका सारा ध्यान मोदी को बदनाम करने और उसे प्रधानमंत्री बनने से रोकने पर था।

श्री मोदी ने बताया कि उनका सारा ध्यान 'सबका साथ, सबका विकास ' पर है और जातिवादी राजनीति उनके लिए तुच्छ है। उन्होंने उन लोगों से जो इस तरह की राजनीति करते हैं, श्री मोदी के खिलाफ झूठे आरोपों न लगाने का आग्रह किया। "मैं जिस जाति से हूँ उस जाति की राजनीति मैंने कभी नहीं की। मैं ‘सबका साथ, सबका विकास’ में विश्वास करता हूँ। मेरी मेरे अतीत चाय विक्रेता होने के लिए मेरे पीछे पङे थे, मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं किस जाति का हूँ। मैं उन्हें बता दूँगा- मैं झूठ बोलने के बजाय मर जाना पसंद करूँगा। कृपया मेरी जाति का मजाक न बनाएं। जब मैं विकास की बात करता हूँ तो मैं आशा करता हूँ कि आप भी ऐसा ही करेंगें। आप भारत को क्यों विभाजित कर रहे हैं, " श्री मोदी ने कहा।

Watch: Shri Modi addressing a public meeting in Rohaniya, Uttar Pradesh

उन्होंने वाराणसी में अपनी रैली के लिए निर्वाचन आयोग के इनकार करने का करारा जवाब देते हुए 'सुरक्षा चिंताओं' जैसे बेतुके कारण देने को बहुत ही दु:खद बताया। "यहाँ के मेरे कार्यक्रम की योजना एक लंबे समय पहले ही बन गई थी, लेकिन जो पहले ही पराजित हो चुके हैं, वे मोदी को उभरते हुए नहीं देखना चाहते हैं।मेरे इस क्षेत्र में इससे भी अधिक और कार्यक्रम थे, लेकिन जो लोग जबर्दश्त हार का सामना कर रहे उन लोगों ने ऐसी मैच फिक्सिंग की है कि कोई क्या ही कहे, और जो कारण वे गिना रहे हैं वे बहुत ही ज्यादा बेतुके हैं। मैं माओवादी क्षेत्र के बीचों-बीच चला गया और कश्मीर में भी जाकर मैंने अपने विचारों को व्यक्त किया है। लेकिन केवल बनारस में मैं असुरक्षित हूँ? क्या यह सरकार एक मनुष्य की रक्षा नहीं कर सकती है? और चाहे जो हो मैं भारत माता के लिए मरने के लिए तैयार हूँ, तब मुझे समझ में नहीं आता है कि आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? उन्होंने मुझे गंगा माता के पास जाने से भी रोक दिया है। मैं देश के कानून से कर्तव्यनिष्ठ ढंग से बंधा हूँ। मैं आपके द्वारा किए जा रहे मेरे अपमान को झेल रहा हूँ, लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि भारत के लोग इसे माफ नहीं करेंगे," श्री मोदी ने कहा। इसके अलावा श्री मोदी ने पिछले 14 वर्षों से उन्हें बदनाम करने के लिए संस्थानों का दुरूपयोग करके श्री मोदी को परेशान करने के केंद्र सरकार के दृष्टिकोण की निंदा की, लेकिन इसके बावजूद भी वे लोगों के दिलों में रहते हैं।

पिछले 3 चरणों में हेराफेरी की खबरों पर चिंता का हवाला देते हुए श्री मोदी ने चुनाव आयोग से पक्षपात रोकने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

केवल झूठ फैलाने में विश्वास करने वालों और राष्ट्र के विकास की क्षमता को बर्बाद करने वालों की निंदा करते हुए श्री मोदी ने लोगों से उन्हें खारिज करके और भाजपा की विकासोन्मुखी शासन के लिए अपना समर्थन दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से 12 मई को मतदान के अंतिम दिन - श्री सोन लाल पटेल की बेटी और क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार- अनुप्रिया पटेल को वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव लोगों के लिए आशा की एक किरण लेकर आया है और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके सहयोग से केंद्र में बनी एक मजबूत सरकार, एक शक्तिशाली भारत का निर्माण करेगा।

रैली से चंद मिनट पहले श्री मोदी ने आजाद हिंद फौज के स्वतंत्रता सेनानी कर्नल निजामुद्दीन से मुलाकात की, और श्री मोदी को आशीर्वाद देने के लिए उन्हें सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया। सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद करते हुए, जिनके साथ कर्नल निजामुद्दीन ने काम किया था, श्री मोदी ने कहा “हमारे बीच आज वो हैं जिन्होंने सुभाष बाबू के साथ काम किया था, जिन्होंने कहा था ‘ तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूँगा।’ आज मैं कहता हूँ कि मैं आपको एक मजबूत सरकार दूँगा, मैं आपको एक मजबूत भारत दूँगा।"

एक दृश्य–श्रव्य (आडियो-विजुअल) प्रस्तुति के माध्यम से अहमदाबाद में साबरमती नदी में लाए गए एक प्रेरक परिवर्तन को दर्शाया गया, जो पहले एक उपेक्षित जल संसाधन से एक उत्साहजनक विकास मॉडल बन गया और आज यह कई लोगों की आजीविका सुनिश्चित करता है और एक पर्यटन स्थल बन गया है।

 

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COVID taught us that we are stronger and better when we are together: PM Modi
September 25, 2021
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COVID taught us that we are stronger and better when we are together: PM
“Generations will remember the manner in which human resilience prevailed over everything else”
“Poverty cannot be fought by making the poor more dependent on governments. Poverty can be fought when the poor start seeing governments as trusted partners”
“When power is used to empower the poor, they get the strength to fight poverty”
“The simplest and most successful way to mitigate climate change is to lead lifestyles that are in harmony with nature”
“Mahatma Gandhi is among the greatest environmentalists of the world. He led a zero carbon footprints lifestyle. In whatever he did, he put the welfare of our planet above everything else”
“Gandhi ji highlighted the doctrine of trusteeship, where we all are trustees of the planet with the duty of caring for it”
“India is the only G-20 nation that is on track with its Paris commitments”

Namaste!

It is a delight to address this young and energetic gathering. In front of me is a global family, with all the beautiful diversity of our planet.

The Global Citizen Movement uses music and creativity to bring the world together. Music, like sports, has an inherent ability to unite. The great Henry David Thoreau once said, and I quote: "When I hear music, I fear no danger. I am in-vulnerable. I see no foe. I am related to the earliest of times, and to the latest."

Music has a calming impact on our life. It calms the mind and the entire body. India is home to many musical traditions. In every state, in every region, there are many different styles of music. I invite you all to come to India and discover our musical vibrancy anddiversity.

Friends,

For almost two years now, humanity is battling a once in a lifetime global pandemic. Our shared experience of fighting the pandemic has taught us we are stronger and better when we are together. We saw glimpses of this collective spirit when our COVID-19 warriors, doctors, nurses, medical staff gave their best in fighting the pandemic. We saw this spirit in our scientists and innovators, who created new vaccines in record time. Generations will remember the manner in which human resilience prevailed over everything else.

Friends,

In addition to COVID, other challenges remain. Among the most persistent of the challenges is poverty. Poverty cannot be fought by making the poor more dependent on governments. Poverty can be fought when the poor start seeing governments as trusted partners. Trusted partners who will give them the enabling infrastructure to forever break the vicious circle of poverty.

Friends,

When power is used to empower the poor, they get the strength to fight poverty. And therefore, our efforts include banking the unbanked, providing social security coverage to millions, giving free and quality healthcare to 500 million Indians. It would make you happy that about 30 million houses have been built for the homeless in our cities and villages. A house is not only about shelter. A roof over the head gives people dignity. Another mass movement taking place in India is to providedrinking water connection to every household.The Government is spending over a trillion dollars for next-generation infrastructure.For several months last year and now, free food grains have been provided to 800 millions of our citizens.These, and several other efforts will give strength to the fight against poverty.

Friends,

The threat of climate change is looming large before us.The world will have to accept that the any change in the global environment first begins with the self. The simplest and most successful way to mitigate climate change is to lead lifestyles that are in harmony with nature.

The great Mahatma Gandhi is widely known for his thoughts on peace and non-violence. But, do you know that he is also among the greatest environmentalists of the world. He led a zero carbon footprints lifestyle. In whatever he did, he put the welfare of our planet above everything else.He highlighted the doctrine of trusteeship, where we all are trustees of the planet with the duty of caring for it.

Today, India is the only G-20 nation that is on track with its Paris commitments. India is also proud to have brought the world together under the banner of the International Solar Alliance and the Coalition for Disaster Resilient Infrastructure.

Friends,

We believe in the development of India for the development of humankind.I want to conclude by quoting the Rig Veda, which is perhaps one of the world's oldest scriptures.Its verses are still the golden standard in nurturing global citizens.

The Rig Veda says:

संगच्छध्वंसंवदध्वंसंवोमनांसिजानताम्

देवाभागंयथापूर्वेसञ्जानानाउपासते||

समानोमन्त्रःसमितिःसमानीसमानंमनःसहचित्तमेषाम्।

समानंमन्त्रम्अभिमन्त्रयेवःसमानेनवोहविषाजुहोमि।।

समानीवआकूति: समानाहृदयानिव: |

समानमस्तुवोमनोयथाव: सुसहासति||

It means:

Let us move forward together, speaking in one voice;

Let our minds be in agreement and let us share what we have, like the Gods share with each other.

Let us have a shared purpose and shared minds. Let us pray for such unity.

Let us have shared intentions and aspirations that unify us all.

Friends,

what can be a better manifesto for a global citizen than this?May we keep working together

for a kind, just and inclusive planet.

Thank you.

Thank you very much.

Namaste.