खेलकूद के जरिए समाज की रग-रग में समाएगी खेलभावना : मुख्यमंत्री

गुजरात स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी

खेल महाकुंभ में 21 लाख लोग उतरेंगे खेल मैदान में,

गुजरात के विशाल समुद्र तट पर बीच स्पोट्र्स शुरू होगा

अहमदाबाद, सोमवार: मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विराट खेलोत्सव खेल महाकुंभ : 2011 का वड़ोदरा में शानदार प्रारंभ कराते हुए गुजरात में अलग स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने की गौरवपूर्ण घोषणा की।

खेल महाकुंभ के जरिए खेलकूद के माध्यम से दुनिया को जोडऩे का संकल्प व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गुजरात के 1600 किमी लम्बे समुद्र तट पर बीच स्पोट्र्स आयोजित कर विश्व पर्यटन के क्षेत्र में गुजरात द्वारा खेलकूद को जोडऩे की भूमिका दी।

उन्होंने कहा कि, सभी क्षेत्रों में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे गुजरात के खेलजगत में भी शक्ति का विशाल फलक पर दर्शन कराने वाले इस खेल महाकुंभ-2011 में 21 लाख लोगों ने विविध खेल स्पर्धाओं में भाग लेने का संकल्प कर गत वर्ष के स्वर्णिम खेल महाकुंभ के 14 लाख खिलाडिय़ों की संख्या के रिकार्ड को भी तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि समूचा गुजरात खेल के मैदान का गौरव हासिल कर रहा है।

खेल महाकुंभ का प्रारंभ अत्यंत भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ वड़ोदरा के महाराजा सयाजी राव यूनिवर्सिटी मैदान में हुआ था। खेल महाकुंभ के जोशीले थीम गायन के साथ खिलाडिय़ों की समूह नृत्य की सांस्कृतिक पेशकश से उपस्थित विशाल जनसमूह का मन मोह लिया था।

खेलकूद की पृष्ठभूमि के साथ 4200 कलाकारों की रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक से जनता झूम उठी थी। प्रसिद्घ अभिनेता और मार्शल आर्ट प्रशिक्षक अक्षय कुमार सहित करीब 50 प्रतिष्ठित खिलाडिय़ों की स्टार गैलरी से खेल महाकुंभ और भी दैदिप्यमान हो उठा था।

इस वर्ष के खेल महाकुंभ की विशिष्टता यह है कि राज्यभर के करीब 60,000 विकलांग-अशक्त खिलाड़ी अपने खेल कौशल का प्रदर्शन इन स्पर्धाओं में करने जा रहे हैं, जिसे मुख्यमंत्री ने स्पेशल ओलंपिक का गौरव दिया है। इसके अलावा समुद्र की लहरों के साथ खेल कर युवा हुए 3500 सागरखेड़ु युवाओं के लिए बीच स्पोट्र्स की विशेष स्पर्धाएं भी पहली बार आयोजित की जाएंगी।

खेल महाकुंभ के प्रारंभ में अहमदाबाद से 11-11-11 को खेल महाकुंभ की पंचधातु की मशालज्योत के साथ निकले चार खिलाड़ी समग्र गुजरात की यात्रा कर आज वड़ोदरा पहुंचे थे और अभिनेता अक्षय कुमार के हाथों इसे मुख्यमंत्री को सौंपा।

खिलाडिय़ों की मार्चपास्ट के बाद थीमसॉंग और अक्षय कुमार के नृत्य की प्रस्तुति हुई।

दूसरे खेल महाकुंभ के विधिवत शुभारंभ की घोषणा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि, राज्य में खेलकूद का क्षेत्र पूर्णत: उदासीन और उपेक्षित रहा, इस दु:खद स्थिति को परिवर्तित कर गुजरात ने इस विराट खेलोत्सव के जरिए साबित किया है कि खेलकूद भी राष्ट्र के विकास का महत्वपूर्ण अंग है।

120 करोड़ की विराट जनशक्ति वाले दुनिया के सबसे युवा देश हिन्दुस्तान के खेलकूद के क्षेत्र में अपनी पहचान न बना पाने को लेकर दु:ख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के विशिष्ट आयोजन के जरिए गुजरात ने एक नई पहल की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने खेलकूद को प्रोत्साहन दिया है। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, खेल प्रशिक्षण, खेल मैदान की ढांचागत सुविधाओं से लेकर खेल व्यवस्थापन तक गुजरात ने स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी के जरिए विकास का संकल्प जताया है। इसके लिए चीन के स्पोट्र्स मैनेजमेंट एक्सपर्ट का सहयोग लेने का स्पष्ट निर्देश भी श्री मोदी ने दिया।

गुजरात में खेल प्रवृत्ति के समाज के जेनेटिक सिस्टम में उतरने पर खेल भावना के उजागर होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि खेल में हार-जीत की स्पर्धा तो होगी लेकिन जीत तो गुजरात की ही होगी।

न्होंने कहा कि, राज्य में एक ही बैनर तले 27,000 टीमें कबड्डी स्पर्धा में शिरकत करेंगी और यह भी एक नया विश्व रिकार्ड होगा। अशक्त-अपंग खिलाडिय़ों को खेल महाकुंभ में स्पेशल ओलंपिक के रूप में अपने खेल कौशल के प्रदर्शन का अनोखा अवसर दिए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भावविभोर हो उठे। गुजरात की नई पीढ़ी के घर-घर में खिलाड़ी हों, ऐसा संकल्प पूरा करने की अपील के साथ 21 लाख खिलाडिय़ों को हार-जीत के बदले खेल भावना के साथ खेलने की शुभकामनाएं श्री मोदी ने दी।

खेलकूद, युवक सेवा और सांस्कृतिक प्रवृत्ति मंत्री फकीरभाई वाघेला ने खेल महाकुंभ-2011 को मुख्यमंत्री की ओर से राज्य को दी गई स्वर्णिम भेंट करार दिया। उन्होंने कहा कि वड़ोदरा के प्रजापरायण राजा सयाजीराव गायकवाड़ को मुख्यमंत्री की यह सच्ची श्रद्घांजलि है।

फिल्म स्टार अक्षय कुमार ने कहा कि यह गुजरात की किस्मत है कि राज्य को खेलप्रेमी मुख्यमंत्री मिला है जिन्होंने इस स्पर्धा में ह्रदय और आत्मा न्योछावर कर स्पर्धा का महात्म्य बढ़ाया है। उन्होंने स्पेशल ओलंपिक का इस खेलोत्सव में समावेश किए जाने पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि, च्च्रमशे गुजरात-जीतशे गुजरात की तर्ज पर च्च्रमशे हिन्दुस्तान का नारा भी साकार होगा।

खेल महाकुंभ के इस भव्य उद्घाटन समारोह में वड़ोदरा जिला प्रभारी और शहरी विकास मंत्री नितिनभाई पटेल, मंत्रीगण, संसदीय सचिव, सांसद, विधायक तथा जिला एवं तहसील के पदाधिकारी, खेलकूद सचिव भाग्येश झा और गायकवाड़ राजपरिवार के सदस्य रणजीतसिंह, डॉ. मृणालिनी देवी, शुभांगिनी देवी सहित विशाल संख्या में खेलप्रेमी नगरजन उपस्थित थे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s maternal mortality drops nearly 80% since 1990: Global study

Media Coverage

India’s maternal mortality drops nearly 80% since 1990: Global study
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने गुजरात के पोरबंदर में माधवपुर मेले के अवसर पर शुभकामनाएँ दीं
March 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। श्री मोदी ने कहा कि यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है। श्री मोदी ने कहा, “यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”

प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में उसके महत्व के बारे में बात की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:


गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।


यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करता है और साथ ही गुजरात तथा पूर्वोत्तर के बीच कालातीत सांस्कृतिक संबंध को सुदृढ़ करता है।

“यह उत्सव विविध परंपराओं को एक साथ लेकर आता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को प्रतिबिम्बित करता है। मैं लोगों से इस मेले में आने का आह्वान करता हूँ!”

“अप्रैल 2022 के #मन_की_बात कार्यक्रम में मैंने माधवपुर मेले के महत्व और हमारी संस्कृति में उसके महत्‍त्‍व के बारे में बात की थी। अवश्य सुनें…”